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कोरोना से अनाथ हुए बच्चों को ढूंढेंगे पार्षद:कानपुर में अभी तक 11 बच्चों को ढूंढा जा सका, हर महीने 4 हजार रुपए खर्च देगी सरकार, 4 लाख की बात अफवाह

कानपुर2 महीने पहले
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मीटिंग में लिया गया निर्णय। - Dainik Bhaskar
मीटिंग में लिया गया निर्णय।

कोरोना में अपने माता-पिता या परिवार को खो चुके बच्चों की जिम्मेदारी सरकार ने ली है. लेकिन अभी तक उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में कोरोना से अनाथ हुए 11 बच्चों को ढूंढा जा सका है। लाख प्रयासों के बाद भी अनाथ हुए बच्चों को जिला प्रशासन ढूंढने में नाकाम रहा है। ऐसे में अब वार्ड के पार्षदों का सहारा लिया जा रहा है।

मंगलवार को नगर निगम मुख्यालय में अपर नगर आयुक्त भानु प्रताप सिंह, एसडीएम सदर दीपक पाल और जोन-1, 2 व 3 के पार्षदों के बीच मीटिंग हुई। सरकार कोरोनाकाल में अनाथ हुए बच्चों को हर महीने 4 हजार रुपए खर्च देगी।

4 लाख देने की अफवाह गलत
मीटिंग में अनाथ बच्चों को 4 लाख रुपए देने की बात उठाई गई। इस पर एसडीएम सदर ने बताया कि सरकार ने ऐसा कोई वादा नहीं किया है। अनाथ बच्चों को सरकार की तरफ से हर महीने 4 हजार रुपए दिए जाएंगे। कोरोना काल में निगरानी समिति में पार्षदों को अध्यक्ष बनाया गया था। बतौर कमेटी अध्यक्ष पार्षदों ने अच्छा काम किया था। अब प्रशासन ने अब फिर अनाथ बच्चों को ढूंढने में पार्षदों पर भरोसा जताया है।

20 दिन में ढूंढे सिर्फ 11 बच्चे
सरकार ने 19 मई को अनाथ बच्चों को खर्च उठाने का आदेश जारी किया था, जबकि जिला प्रोबेशन अधिकारी अभय कुमार के मुताबिक, जिले में अभी तक कोरोना में अनाथ सिर्फ 11 बच्चों को ढूंढा जा सका है। ऐसे में उनकी कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में हैं। कानपुर में कोरोना से मौतों के सरकारी आंकड़ों को छोड़ दें तो कानपुर जिले में 10 हजार से ज्यादा व्यक्तियों की मौत हुई है। नगर निगम सीमा क्षेत्र में ही अब तक मई और जून में करीब 6 हजार लोगों के डेथ सर्टिफिकेट जारी किए जा चुके हैं।

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