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सिस्टम का संक्रमण कैसे दूर होगा:हैलट में रखे रह गए 1100 रेमडेसिविर, 90 दिन में हो जाते हैं एक्सपायर, कोरोनाकाल में 20-20 हजार में ब्लैक में बिके थे ये इंजेक्शन

कानपुर3 महीने पहले
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मई के आखिर में कम हुए कोरोना के मरीजों की संख्या ने रेमडेसिविर इंजेक्शन के इस्तेमाल पर लगभग विराम लगा दिया है। - Dainik Bhaskar
मई के आखिर में कम हुए कोरोना के मरीजों की संख्या ने रेमडेसिविर इंजेक्शन के इस्तेमाल पर लगभग विराम लगा दिया है।

कोरोना कॉल में संजीवनी बने रेमडेसिविर के 11 सौ इंजेक्शन जुलाई में एक्सपायर हो जाएंगे। अप्रैल और मई में बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए जीएसवीएम के हैलट अस्पताल में इन इंजेक्शन की बड़ी खरीद कर ली गई थी। लेकिन मई के आखिर में कम हुए कोरोना के मरीजों की संख्या ने रेमडेसिविर इंजेक्शन के इस्तेमाल पर लगभग विराम लगा दिया है। कभी एक-एक इंजेक्शन के लिए परेशान मरीजों के परिजनों ने इसकी खरीद के लिए कीमत से कई गुना अधिक रुपए दिए थे। आने वाले दिनों में वही इंजेक्शन नष्ट किए जाएंगे।

अचानक खत्म हुई मांग, इसलिए बचे इंजेक्शन
सरकारी अस्पताल से लेकर निजी असपतालो ने बढ़ते कोरोना संक्रमण में इस्तेमाल होने वाले रेमेडिसिविर इंजेक्शन के खरीद के लिए बड़े ऑर्डर दे दिए थे। मई में इंजेक्शन बनाने वाली कंपनी ने सभी ऑर्डर की सप्लाई भी कर दी। इसके बाद से अचानक कोरोना संक्रमितों की कम हुई संख्या से बड़े पैमाने पर रेमेडिसिविर इंजेक्शन की खपत लगभग पूरी तरह से खत्म हो गई। ऐसे में खरीद कर रखे गए सभी इंजेक्शन एक्सपायर होने के कगार पर पहुंच गए हैं। इसी क्रम में हैलट अस्पताल में भी 11 सौ इंजेक्शन रखे हुए हैं। इन इंजेक्शन को मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंगाया गया था। लेकिन अचानक कम हुए मरीजो की संख्या ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग ही खत्म कर दी।

तीन महीने में एक्सपायर हो जाता है रेमेडिसिवर इंजेक्शन
मैन्युफैक्चरिंग से 3 महीने में रेमेडिसिविर इंजेक्शन एक्सपायर हो जाता है। ऐसे में इसके इस्तेमाल के लिए सिर्फ 90 दिनों का वक़्त रहता है। तीन महीने बाद इन इंजेक्शन को नष्ट करना होता है। पूरे देश में सिर्फ एक फार्मा कंपनी द्वारा ही रेमेडिसिविर इंजेक्शन उत्पादन किया जाता रहा है। अचानक मांग बढ़ने पर केंद्र सरकार ने कई और कंपनियों को इसके मैन्युफैक्चरिंग की परमीशन दी थी।

हैलट के स्टॉक में है 1122 रेमेडिसिविर इंजेक्शन - प्राचार्य
GSVM के प्राचार्य डॉ आरबी कमल बताते है कि हैलट में 11 सौ 22 रेमेडिसिविर इंजेक्शन स्टॉक में बचा हुआ है। अप्रैल और मई में बहुत ज्यादा मांग रहने के कारण ऑर्डर दिए गए थे। उस वक्त एक-एक इंजेक्शन के लिए बहुत ज्यादा मारामारी चल रही थी। शासन स्तर से सभी को मांग के मुताबिक, इंजेक्शन दिए जा रहे थे। उस समय GSVM प्रशासन द्वारा इंजेक्शन खरिद के लिए तीन हजार ऑर्डर दिए गये थे, जो बेहद जरूरी रहे थे। लेकिन उनमें से अधिकतर ऑर्डर कैंसिल कर दिए गए हैं। कुछ ऑर्डर को होल्ड पर रखा है। प्राचार्य ने बताया कि तीन माह में रेमेडिसिविर इंजेक्शन एक्सपायर हो जाता है।

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