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IAS इफ्तिखारुद्दीन के 50 से ज्यादा तकरीरों वाले वीडियो मिले:SIT अध्यक्ष समेत 12 टीमें वीडियो की जांच में जुटी, 7 दिन में सौंपनी है रिपोर्ट; ये सभी तकरीरें सरकारी आवास पर होने की पुष्टि

कानपुर2 महीने पहले
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कमिश्नर कैंप ऑफिस कानपुर में तैनाती के दौरान धर्मांतरण का पाठ पढ़ा और तकरीरें कराते सीनियर IAS इफ्तिखारुद्दीन की SIT कर रही जांच। - Dainik Bhaskar
कमिश्नर कैंप ऑफिस कानपुर में तैनाती के दौरान धर्मांतरण का पाठ पढ़ा और तकरीरें कराते सीनियर IAS इफ्तिखारुद्दीन की SIT कर रही जांच।

धर्मांतरण और कट्टरता की पाठशाला चलाने में जांच के घेरे में आए सीनियर IAS मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन की जांच में 50 से ज्यादा धार्मिक वीडियो SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव टीम) के हाथ लगे हैं। तकरीर के इन सभी वीडियो में सीनियर IAS भी शामिल हैं।

इतना ही नहीं इस बात की भी SIT ने अधिकारिक पुष्टि कर दी है कि तकरीरें कमिश्नर के कैंप ऑफिस में हुई हैं। SIT एक सप्ताह में जांच पूरी करके शासन को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। जांच में यह बात भी सामने आई है कि कानपुर कमिश्नर रहने के दौरान IAS इफ्तिखारुद्दीन अपना सुरक्षा कर्मी भी मुस्लिम ही रखते थे।

12 टीमें धार्मिक वीडियो की जांच में जुटीं, तकरीर में शामिल युवाओं की तलाश
SIT के अध्यक्ष डीजी सीबीसीआईडी जीएल मीणा ने शुक्रवार को बताया कि अब तक की जांच में सीनियर IAS इफ्तिखारुद्दीन के 50 से ज्यादा वीडियो सामने आए हैं। इन सभी वीडियो में तकरीरें हो रही और सीनियर IAS भी उसमें शामिल हैं।

वीडियों में इन तकरीरों में क्या कहा जा रहा है...? इसमें कौन-कौन लोग शामिल होते थे...? किस समय यह तकरीरें होती थीं...? तकरीर के लिए कमिश्नर के कैंप ऑफिस के किस-किस हिस्से का इस्तेमाल किया जाता था...? यहां किन-किन लोगों का आना-जाना था...? इस तरह के सैकड़ों सवालों के जवाब SIT तलाश रही है।

इन सभी वीडियो को जांचने के लिए 12 टीमों को लगाया गया है। टीमें अपने-अपने लैपटॉप में एक-एक वीडियो का अध्ययन करके एक-एक शब्द का अर्थ निकाला जा रहा है। 7 दिन में जांच पूरी होते ही शासन को इसकी रिपोर्ट दी जाएगी। फिलहाल अभी जांच के दायरे में आए IAS इफ्तिखारुद्दीन से इस संबंध में कोई भी पूछताछ नहीं की गई है। जल्द ही उन्हें भी पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।

SIT की जांच के दौरान एक तस्वीर भी सामने आई है। आरोप है कि कानपुर कमिश्नर रहने के दौरान IAS इफ्तिखारुद्दीन अपना सुरक्षा कर्मी भी मुस्लिम ही रखते थे। लाल घेरे में उनका सुरक्षा कर्मी।
SIT की जांच के दौरान एक तस्वीर भी सामने आई है। आरोप है कि कानपुर कमिश्नर रहने के दौरान IAS इफ्तिखारुद्दीन अपना सुरक्षा कर्मी भी मुस्लिम ही रखते थे। लाल घेरे में उनका सुरक्षा कर्मी।

सीटीएस बस्ती जांच करने जाएगी टीम
सीटीएस बस्ती में रहने वाले लोगों ने आरोप लगाया था कि उनकी जमीन को अधिग्रहण से बचाने के बदले में धर्मांतरण कराने का प्रलोभन दिया गया था। बस्ती में शामिल इस तरह के लोगों को सूचीबद्ध किया जा रहा है। जल्द ही इन सभी लोगों के वीडियो रिकॉर्डिंग बयान दर्ज किए जाएंगे। उनके पास से ही कमिश्नर की किताबें भी मिली हैं। इन किताबों की भी जांच की जा रही है।

डीजी सीबीसीआईडी जीएल मीणा और उनके दाहिनी तरफ सिविल ड्रेस में एडीजी भानु भास्कर व वायीं तरफ आईजी रेंज कानपुर मोहित अग्रवाल।
डीजी सीबीसीआईडी जीएल मीणा और उनके दाहिनी तरफ सिविल ड्रेस में एडीजी भानु भास्कर व वायीं तरफ आईजी रेंज कानपुर मोहित अग्रवाल।

यह था पूरा मामला
सीनियर IAS मो. इफ्तिखारुद्दीन के तीन वीडियो वायरल हुए थे। इसमें दावा किया गया था कि कानपुर कमिश्नर रहने के दौरान वह कमिश्नर कैंप कार्यालय में धर्मांतरण की पाठशाला चलाते थे। वहां होने वाली तकरीरों में कट्टरता का पाठ पढ़ाया जाता था। मामले की जानकारी सामने आने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने जांच का आदेश दिया था। शासन ने जांच के लिए डीजी सीबीसीआईडी जीएल मीणा की अध्यक्षता में SIT का गठन किया था। इसमें कानपुर के एडीजी भानु भास्कर समेत कई अफसर शामिल हैं।

SIT की जांच में शुद्ध उपासना और नमन, शुद्ध भक्ति दो धार्मिक किताबें भी सामने आईं।
SIT की जांच में शुद्ध उपासना और नमन, शुद्ध भक्ति दो धार्मिक किताबें भी सामने आईं।

SIT अध्यक्ष बोले- मैं उस कमरे में कई बार बैठ चुका हूं...
मामले की जांच कर रही SIT अध्यक्ष डीजी सीबीसीआईडी जीएल मीणा ने बताया कि वह 2009 में कानपुर रेंज के आईजी थे। इस दौरान कमिश्नर कैंप ऑफिस में आने-जाने के दौरान उस कमरे में कई बार बैठ चुके हैं। जहां तकरीर होने की पुष्टि हुई है। वीडियो को देखते ही उन्होंने इस बात की पुष्टि कर दी थी कि तकरीर कमिश्नर के कैंप ऑफिस में ही होती थीं।

कर्मचारियों के बयान होंगे अहम
डीजी सीबीसीआईडी ने बताया कि कर्मचारियों को सूचीबद्ध किया गया है। जो कर्मचारी सीनियर IAS इफ्तिखारुद्दीन के कानपुर कमिश्नर रहने के दौरान वहां तैनात थे। इस तरह के सभी कर्मचारियों को सूचीबद्ध किया गया है। एक-एक कर्मचारी के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। किसी भी कर्मचारी का बयान सार्वजनिक नहीं किया जाएगा उन्हें इस बात का भरोसा दिलाया गया है। इससे कि कर्मचारी खुलकर अपना बयान दें और सच सामने आ सके।

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