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समुद्र में प्लास्टिक वेस्ट जाने से रोकेंगे भारत और जर्मनी:कानपुर समेत देश के 3 शहरों में चलेगा पायलट प्रोजेक्ट, वेस्ट कलेक्शन से लेकर ट्रांसपोर्टेशन तक होंगे कई बड़े बदलाव

कानपुर6 महीने पहले
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गंगा और अन्य नदियों के जरिए समुद्र में जाने वाले प्लास्टिक वेस्ट को रोकने के लिए जर्मनी भारत की मदद करेगा। इसके लिए जर्मनी की एजेंसी दि जर्मन डेवलपेमेंट आर्म (GIZ) से करार हो चुका है। इस अभियान के लिए देश के तीन शहर कोच्ची (केरल), अंडमान निकोबार द्वीप समूह के पोर्ट ब्लेयर और उत्तर प्रदेश के कानपुर को चुना गया है। इसके तहत कानपुर से निकलने वाला प्लास्टिक वेस्ट को गंगा नदी में गिरने से रोका जाएगा।

गंगा नदी हिमालय से निकलकर बंगाल की खाड़ी में मिलती है। कानपुर में गंगा नदी का दायरा 200 किमी से अधिक है। इसलिए इस पायलट प्रोजेक्ट में कानपुर को चुना गया है। ये प्रोजेक्ट 3.5 साल में पूरा किया जाएगा।

कानपुर में एजेंसी ने शुरू किया काम
नगर निगम के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. अमित सिंह ने बताया कि कानपुर में दि जर्मन डेवलपमेंट आर्म (GIZ) एजेंसी ने नगर निगम के साथ काम भी शुरू कर दिया है। यही एजेंसी बाकी 3 शहरों में भी काम करेगी। गुरुवार को नगर निगम, यूपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों के साथ पहली मीटिंग हुई। मीटिंग के बाद एजेंसी की टेक्निकल एक्सपर्ट सबा खान ने सीओडी नाला, रफाका नाला, शीतला बाजार नाला के साथ भौंती स्थित सॉलिड वेस्ट प्लांट का निरीक्षण किया।

जर्मनी की एजेंसी के साथ नगर निगम अधिकारियों ने किया कूड़ाघरों का निरीक्षण।
जर्मनी की एजेंसी के साथ नगर निगम अधिकारियों ने किया कूड़ाघरों का निरीक्षण।

कानपुर को ही क्यों चुना गया
इस पायलट प्रोजेक्ट में कानपुर इसलिए भी अहम है कि महानगरों में शुमार कानपुर में प्लास्टिक वेस्ट का जेनरेशन भी काफी है। इससे काफी मात्रा में गंगा में भी प्लास्टिक वेस्ट जाता है। प्लास्टिक वेस्ट को गंगा में जाने से रोका जा सकेगा तो समुद्र में भी प्लास्टिक वेस्ट कम हो जाएगा।

मैकेनिज्म होगा एडवांस
नगर निगम मुख्यालय में नगर आयुक्त शिव शरणप्पा जीएन के साथ मीटिंग करते हुए जीआईजेड की प्रोजेक्ट डायरेक्टर इंडिया वैशाली नंदन ने बताया कि नगर निगम के साथ मिलकर सॉलिड वेस्ट के कलेक्शन, सेग्रीगेशन और ट्रांसपोर्टेशन मैकेनिज्म को एडवांस किया जाएगा।

रियूज और रिसाइकिल पर फोकस
प्लास्टिक वेस्ट को रियूज और रिसाइकिल करने में टेक्निकल सपोर्ट दिया जाएगा। इससे शहर में प्लास्टिक वेस्ट कम होगा तो गंगा में भी वेस्ट कम जाएगा। इसका समुद्र पर भी पड़ेगा। देश में वेस्ट को रिसाइकिल करने वाली सबसे बड़ी कंपनी गणेशा की भी इस प्रोजेक्ट में मदद ली जाएगी।

प्रोजेक्ट में देश के ये तीन शहर शामिल
1. कोच्ची (केरल)
2. पोर्ट ब्लेयर (अंडमान निकोबार द्वीप समूह)
3. कानपुर (उत्तर प्रदेश)

एजेंसी और कानपुर के अधिकारियों के बीच बैठक कर प्रोजेक्ट पर काम शुरु कर दिया गया है।
एजेंसी और कानपुर के अधिकारियों के बीच बैठक कर प्रोजेक्ट पर काम शुरु कर दिया गया है।
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