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गंगा की सफाई के लिए छात्रा ने बनाया ग्रुप:रोज करती है घाटों की सफाई, रोपती है पैधे, 50 से ज्यादा युवा जुड़ चुके है अभियान से, लक्ष्य है बंगाल की खाड़ी तक गंगा बहे निर्मल

कानपुरएक महीने पहले
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मेरी धरती नाम से बने ग्रुप के लोग घाट की सफाई करते - Dainik Bhaskar
मेरी धरती नाम से बने ग्रुप के लोग घाट की सफाई करते

हिन्दू धर्म में गंगा नदी की विशेष मान्यता हैं। इसे मोक्षदायिनी ऐसे ही नहीं कहा गया है, इसके बिना हिन्दू धर्म के सभी संस्कार पूरे नहीं होते है। लेकिन, लोग अज्ञानता व रूढ़िवादी परम्पराओं के चलते इसे गंदा करने में लगे हैं। वहीं बढ़ते शहरीकरण का भी इसे प्रदूषित करने में बड़ा योगदान रहा है। हालांकि केंद्र में मोदी सरकार आते ही इसे वापस निर्मल व अविरल करने की क़वायद शुरू कर दी गईं। नमामि गंगे अभियान के तहत इस काम को पूरा करने की कोशिशें जारी हैं। इसी बीच कानपुर के युवाओं की टोली भी इस अभियान से प्रेरित होकर घाटों व उसके आसपास सफाई करने में जुट गए है। घाटों की सफाई करने के बाद वह यहां पौधे भी लगा रहे हैं।

बदलाव लाना है इन युवाओं का मकसद...
कानपुर में गंगा नदी बढ़ते प्रदूषण व गंदगी को देखते सीए की छात्रा ज्ञानवी शर्मा के मन में एक टीस उठ। उन्हें लगा कि अगर मोक्षदायिनी में इसी तरह प्रदूषण बढ़ता रहा तो एक दिन पूरा शहर ही गंदगी के आग़ोश में समा जाएगा। ऐसे में उन्होंने ठाना कि वह इस गंगा नदी व शहर को गंदगी और प्रदूषण से निजात दिलाएगी। इसके लिए वह सुबह-सुबह अकेले ही अपने घर से निकल पड़ती और शहर में गंगा किनारे एक स्थान को चिह्नित करती है और उसकी सफाई में जुट जाती। धीरे-धीरे उनकी मुहिम रंग लाने लगी और शहर के अन्य कॉलेजों के युवा भी उनसे जुड़ने लगे। आज उन्होंने मेरी धरती नाम से क़रीब 50 युवाओं की एक टीम तैयार कर ली है। जो शहर के प्रमुख घाटों के अलावा गंगा किनारे रेतीली इलाकों में भी सफाई करने में जुटे है।

पर्यावरण से है विशेष लगाव, सफाई के बाद रोपतीं है पौधे...
ज्ञानवी ने बताया कि उन्हें पर्यावरण से विशेष लगाव है। एक स्वस्थ मनुष्य के लिए वातावरण का प्रदूषण मुक्त होना ज़रूरी है। पर्यावरण को साफ करने के लिए साफ सफाई व पेड़-पौधे होना बहुत ज़रूरी है। उन्होंने बताया कि वह शहर के युवाओं के साथ गंगा बैराज, बिठूर व कैंट आदि इलाकों में रेतीली जमीन में जमा कूड़े को साफ करने में जुटी है। सफाई करने के बाद उस स्थान पर पौधे लगा देती हैं। जिससे आस-पास के वातावरण को भी प्रदूषण मुक्त हो जाए। ज्ञानवी के सहयोगी व बीसीए छात्र प्रतीक्षित शुक्ला ने बताया कि उन्होंने गंगा किनारे का एक-एक कोना साफ करने की ठानी है। इसके लिए आस-पास के पाँच शहरों में भी टीम तैयार की जा रही है। जल्द ही यहां भी सफाई अभियान शुरू किया जाएगा।

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