IIT करेगा GSVM की बिल्डिंगों की गुणवत्ता की जांच:कॉलेज प्रशासन ने आईआईटी से किया अनुरोध लिखा पत्र, शासन से मिले है चार करोड़ रेनोवेशन के लिए

कानपुर10 दिन पहले
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज - Dainik Bhaskar
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज पीजी हॉस्टल और हैलट की बिल्डिंग में हो रहे काम की गुणवत्ता आईआईटी परखेगी। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने आईआईटी से अनुरोध किया है। हास्टल की बिल्डिंग काफी जर्जर हालत में है साथ ही हैलट अस्पताल की कई बिल्डिंग और वार्ड के हालात भी कुछ ऐसे है।

जर्जर थी हैलट के पुराने आईसीयू और इमरजेंसी की बिल्डिंग...
हैलट अस्पताल की इमरजेंसी की जो पहले बिल्डिंग थी वह इतनी जर्जर हो गयी थी कि बिल्डिंग से मलबा टूट कर नीचे मरीजों पर गिरने लगा था। साथ ही हैलट के पुराने बने आईसीयू की बिल्डिंग के भी ऐसे ही हालात थे। इसी वजह से मेडिकल कॉलेज प्रशासन को पुरानी बनी बिल्डिंग से आईसीयू और इमरजेंसी नई जगह शिफ्ट करनी पड़ी।

पीजी हॉस्टल भी है काफी पुराना...
हॉस्टल को रिनोवेट करने के लिए शासन ने चार करोड़ रुपए जारी किए गए थे। लेकिन निर्माण कंपनी के ऑडिट पर निर्भर नहीं रह सकते, यह कहना है मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो संजय काला का। उन्होंने आगे बताया, हास्टल छात्रों के हित से जुड़ा मामला है और जिस हिसाब से डीपीआर तैयार की गई थी उसी मानकों पर उसे परखा जाएगा। प्रो. काला का कहना है कि कॉलेज और अस्पताल में हो रही किसी भी नए निर्माण और मरम्मत के काम की गुणवत्ता रिपोर्ट किसी स्वतंत्र एजेंसी से ली जाएगी तभी निर्माण एजेंसी को एनओसी मिलेगी।

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