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कानपुर में कोरोना के डेल्टा-बी का खतरा:अब तक 17 सैंपल में पुष्टि, फिर भी अनलॉक होते बेखौफ दिखे शहरी, सुपर स्प्रेडर न बन जाए ये भीड़

कानपुर7 दिन पहले
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उत्तर प्रदेश के कानपुर में कोरोना वायरस के डबल म्यूटेंट 'डेल्टा-बी' पाए जाने के बाद भी लोग लापरवाह बने हुए हैं। शहर अनलॉक होते ही सब्जी मंडियों व बाजारों में सैकड़ों लोगों की भीड़ लगने लगी है। लोग लापरवाही की सारी सीमाएं लांघ रहे हैं। इसकी कीमत न सिर्फ कानपुर बल्कि यूपी और पूरे देश को चुकानी पड़ सकती है। वायरस का यह वैरिएंट कई गुना अधिक घातक होता है, जिसके अटैक के बाद कोरोना मरीजों के बचने का औसत बेहद कम है। डबल म्यूटेंट 'डेल्टा-बी' की पुष्टि 17 सैंपल में हो चुकी है।

मंडियों और बाजारों की तस्वीरें डरावनी
कानपुर चकरपुर की थोक मंडी हो या फिर फुटकर सब्जी मंडी हर कहीं कोरोना नॉर्म्स तार-तार होते नजर आ रहे हैं। लोग मंडी और बाजारों में ऐसे उमड़ पड़े हैं, जैसे दोबारा खुलेंगे ही नहीं। यही हाल रमा देवी सब्जी मंडी का दिखाई पड़ा। सैकड़ों नहीं हजारों की संख्या में लोग उमड़ रहे हैं। कुछ ऐसा ही हाल गुमटी के बम्बा, गोविंदनगर, विजयनगर, खलासी लाइन और एक्सप्रेस रोड में लगने वाली मंडियों में देखे जा सकते हैं।

भीड़-भाड़ वाले बाजारों में कोरोना नॉर्म्स तक भूल गए लोग।
भीड़-भाड़ वाले बाजारों में कोरोना नॉर्म्स तक भूल गए लोग।

सोशल डिस्टेंसिंग भूले बिना मास्क के लोग
अनलॉक हुए अभी मात्र पांच दिन ही हुए हैं, लोग भीड़-भाड़ वाले बाजारों में कोरोना नॉर्म्स तक भूल गए। सोशल डिस्टेंसिंग तो भूले ही हैं, साथ में मास्क लगाने के तरीके भी बदल कर रख दिए गए हैं। मंडियों और बाजारों तक आने वाले मास्क मुंह से नीचे लगाए दिखते हैं।

17 सैंपलों की टेस्टिंग में पाया गया डेल्टा बी 1.617 वैरिएंट, 68 की रिपोर्ट अभी तक लटकी
कानपुर में कोरोना मरीजों के जिनोय सैंपलिंग के तहत 3 मई को 68 कोरोना संक्रमितों का सैंपल दिल्ली लैब भेजे गए थे। उनकी रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। उसके बाद 13 मई को फिर से 17 सैंपल भेजे गए थे। जिनमें सभी सैंपल में डेल्टा बी 1.617 वैरिएंट पाया गया है। कुल कितने मरीज डेल्टा बी के मिले हैं। यह बता पाना मुश्किल है। सिर्फ सैंपल ही 68 और 17 लिए गए हैं।

बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड सहित देश के कई हिस्सों में संक्रमण का खतरा
कानपुर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी है। इस नाते यहां आस-पास के कई राज्यों के लोगों का व्यापारिक कार्यों से आना-जाना लगा रहता है। इस लिहाज से यदि डेल्टा बी वैरिएंट का संक्रमण बढ़ता है, तो वह कानपुर व उत्तर प्रदेश तक ही सीमित नहीं रहेगा। बल्कि आसपास के राज्यों बिहार, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड सहित देश के कई हिस्सों में फैल जाएगा।

खतरा अभी बरकरार है, रोज मिल रहे हैं मरीज
एक जून से अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के बाद जो आंकड़े सामने आए हैं, वह अभी भी डराने वाले हैं। इस माह 6 जून तक के मरीजों के सरकारी आंकड़ों की बात करें तो 1 जून को पॉजिटिविटी रेट 0.23% , 2 जून का पॉजिटिविटी रेट 0.26% (एक्टिव केस 370) थे। वहीं, 3 जून का पॉजिटिविटी रेट 0.16 (एक्टिव केस 461), 4 जून पॉजिटिविटी रेट- 0.02% (एक्टिव केस 320), 5 जून का पॉजिटिविटी रेट- 0.05% (एक्टिव केस 274) रहा। प्रदेश में अब तक कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 82 हजार 419 रही है। अभी भी तीन अस्पताल पूरी तरह से कोरोना घोषित है। जहां नए मरीज भर्ती किए जा रहे हैं।

कानपुर की मंडियों और बाजारों में भी रविवार को भीड़ लगी, लोग लांघ रहे लापरवाही की सारी सीमाएं।
कानपुर की मंडियों और बाजारों में भी रविवार को भीड़ लगी, लोग लांघ रहे लापरवाही की सारी सीमाएं।

डीएम बोले - जागरुकता के साथ चालान किए जा रहे हैं
वहीं, जिलाधिकारी आलोक तिवारी का कहना है कि कोरोना नॉर्म्स पालन करने के लिए जागरुकता कार्यक्रम चल रहे हैं। लेकिन कई जगह से शिकायत मिल रही है, कि लोग लापरवाही बरत रहे हैं। इसके लिए नगर निगम और शहर पुलिस सक्रिय है। बाजारों में मानकों के हिसाब से कोरोना नियमों का पालन कराया जाए। चेतावनी के बाद नहीं मानने पर चालान किए जा रहे हैं।

डबल अटैक करता है डेल्टा B.1.617
50 देशों में मौत का तांडव करने वाला घातक डेल्टा वैरिएंट कानपुर के मरीजों में पाया गया है। मरीजों की मौत की असली वजह इस रिपोर्ट में सामने आई। यह कोरोना का डबल म्यूटेंट वैरिएंट है जो कि मरीजों पर दो तरह से हमला करता है। यह स्ट्रेन अपने जीनोम में दो तरह से परिवर्तन करता है इसलिए इसको डबल म्यूटेंट कहा जाता है। यह मरीजों के शरीर में ज्यादा समय तक रहकर दोगुनी क्षमता से हमला करता है।

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