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देश में बिठूर जुटाएगा गंगा के लिए धन:गंगा अर्थ प्रोजेक्ट में मिली जगह, वाराणसी के बाद कानपुर में चलेगी क्रूज बोट, आस्था के साथ रेवेन्यू भी होगा जेनरेट

कानपुर3 महीने पहले
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बिठूर एतिहासिक और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है। - Dainik Bhaskar
बिठूर एतिहासिक और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है।

कानपुर। गंगा को आर्थिक और पर्यटन से जोड़ने के लिए अर्थ गंगा प्रोजेक्ट के तहत यूपी में बिठूर को चुना गया है। बिठूर धार्मिक और एतिहासिक दोनों रूप में ही काफी महत्वपूर्ण है। बता दें कि 15 दिसंबर 2019 को कानपुर में ही पहली बार राष्ट्रीय गंगा परिषद की बैठक हुई थी। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंगा को विकास की धारा से जोड़ने की दिशा में नई पहल की थी। तब उन्होंने गंगा से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों पर फोकस करते हुए ‘नमामि गंगे’ को ‘अर्थ गंगा’ के रूप में बदलने करने की बात कही थी।
गंगा में चलेंगी क्रूज बोट
यूपी में अभी तक वाराणसी में ही गंगा में क्रूज बोट चलती है। इसके बाद बिठूर दूसरा जिला होगा, जहां वाटर स्पोर्ट्स और क्रूज बोट चलाई जाएंगी। बिठूर से गंगा बैराज के बीच में क्रूज बोट चलाई जा सकेंगी। इससे लोग गंगा के रास्ते मां सीता की रसोई तक भी पहुंच सकेंगे। क्षेत्रीय पर्यटक अधिकारी अनुपम श्रीवास्ताव के मुताबिक अर्थ गंगा के तहत पर्यटन के साथ ही आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं पत्थर घाट और ब्रहमावर्त घाट में क्राफ्ट कल्चर को ध्यान में रखकर डेवलपमेंट किया जाएगा। टोटल 16 प्रोजेक्ट पर डेवलपमेंट वर्क्स किए जाएंगे।
धार्मिक गतिविधियों संग हाइब्रिड पर्यटन
अर्थ गंगा प्रोजेक्ट के तहत गंगा किनारे हाइब्रिड पर्यटन को बढ़ावा दिया जाना है। इसमें ‘गंगा वन्यजीव संरक्षण व क्रूज पर्यटन’ को धार्मिक गतिविधियों के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। इससे गंगा के लिए फंड भी एकत्रित होगा और गंगा की सफाई और इससे जुड़े अन्य प्रोजेक्ट को भी मदद मिलेगी। इसमें पूर्व सैनिकों व स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता दी जा सकती है। किसानों को जीरो बजट कृषि, नदी किनारे फलों के पेड़ व नर्सरी लगाने के लिए प्रोत्साहित भी किया जाएगा।
बिठूर के घाटों पर होंगे ये कार्य
-नदी में गिरने वाले नालों पर जाली लगाई जाएगी।
-गंगा किनारे पौधशाला के तहत बड़े पैमाने पर पौधरोपण।
-ट्रैजिंग और चैनेलाइजेशन का काम।
-पत्थर घाट से ध्रुव टीला तक साइकिल ट्रैक का निर्माण।
-घाट का जीर्णोद्धार/सौन्यदर्यीकरण /विस्तारीकरण होगा।
-वाटर स्पोर्ट्स, नौका विहार, क्रूज बोट जेट्टी का विस्तार।
-फूड कोर्ट/मनोरंजन एवं प्राकृतिक आकर्षण को बढ़ावा।
-घाट पर रोजाना आयोजित होगी गंगा आरती।
-घाट किनारे धर्मशाला और गेस्ट हाउस बनेंगे।
-सुलभ प्रसाधन/चेंज रूम/सोविनयर शॉप और डस्टबिन।
-सोलर लाइट को बढ़ावा दिया जाएगा।
-घाटों तक अप्रोच रोड बनाई जाएंगी।
-बस और कारों की पार्किंग स्थल बनाया जाएगा।