कानपुर में दरोगा की मौजूदगी में बुजुर्ग का कत्ल:सिपाहियों के साथ दबंग के घर दारू-मुर्गा पार्टी कर रहे थे, उन्हीं के सामने हुआ हमला

कानपुर9 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • एसपी आउटर अष्टभुजा प्रसाद ने वारदात के वक्त वहां मौजूद चार पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर किया

कानपुर के चौबेपुर में पुलिस के सामने सोमवार देर रात एक परिवार पर गांव के ही दूसरे परिवार ने हमला कर दिया। चापड़ व कुल्हाड़ी से दरवाजा तोड़कर घर में घुसे दबंगों ने बुजुर्ग दंपति समेत परिवार के अन्य सदस्यों को दौड़ा-दौड़ा कर लाठी-डंडा और धारदार हथियार से जमकर पीटा। पिटाई से बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि परिवार के छह लोग घायल हो गए।

सबसे बड़ी बात विवाद के वक्त चौबेपुर थाने के दरोगा और पुलिसकर्मी दबंग परिवार के घर पर मौजूद थे। वह यहां दारू-मुर्गा पार्टी करने आए थे। उन्हीं की शह पाकर दबंगों ने वारदात को अंजाम दिया। गांव में तनाव के चलते फोर्स तैनात कर दी गई है। चौबेपुर के पनऊपुरवा हत्याकांड में आईजी मोहित अग्रवाल की सख्ती के बाद एसपी आउटर अष्टभुजा प्रसाद ने वारदात के वक्त वहां मौजूद चार पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है।

मृतक आनंद की फाइल फोटो
मृतक आनंद की फाइल फोटो

दरोगा फोर्स के साथ आरोपी के घर पहुंचे थे पार्टी करने

चौबेपुर के पनऊपुरवा गांव के आनंद कुमार कुरील (58) और उनके पड़ोसी कृष्ण त्रिवेदी के परिवार आपस में रंजिश थी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि सोमवार रात को कृष्ण त्रिवेदी के यहां हल्का इंचार्ज दरोगा गोपी कृष्ण अग्रवाल और अंडर ट्रेनी दरोगा रोशन शेर बहादुर यादव दारू और मुर्गा पार्टी करने पहुंचे थे। इसी दौरान कृष्ण त्रिवेदी और उनके परिवार के राजन त्रिवेदी गोविंद, गोविंद त्रिवेदी, शोभित त्रिवेदी और सुधीर त्रिवेदी आनंद के घर के सामने गाली-गलौज कर रहे थे।

आनंद ने विरोध किया तो सभी ने घर पर हमला बोल दिया। जो भी सामने मिला उसे लाठी-डंडे से मारकर गिरा दिया और पथराव किया। पूरे घर की गृहस्थी तहस-नहस कर दी। चापड़ के हमले में घायल आनंद की मौत हो गई, जबकि उनके भाई जगन्नाथ, पत्नी आशा देवी और बहू संदीपा समेत परिवार के छह लोग घायल हो गए। गांव में तनाव बढ़ता देख मंगलवार सुबह एसपी आउटर अष्टभुजा प्रसाद सिंह, थाना प्रभारी और सीओ फोर्स के साथ जांच करने पहुंचे।

आनंद की हत्या के बाद गांव में तनाव का माहौल, जमीन पर बिखरे पत्थर
आनंद की हत्या के बाद गांव में तनाव का माहौल, जमीन पर बिखरे पत्थर

हत्या से गांव में तनाव, भीम आर्मी पहुंची

आनंद की हत्या के बाद गांव में तनाव का माहौल है। दोनों पक्षों के सैकड़ों लोग घर के बाहर आ गए और माहौल बिगड़ गया। उधर, भीम आर्मी के भी लोग पीड़ित परिवार के घर पहुंचे हैं। तनाव को देखते हुए गांव में भारी फोर्स तैनात कर दी गई है। थाना प्रभारी समेत सीओ और एसपी आउटर अष्टभुजा प्रसाद मौके पर हैं।

मृतक की पत्नी आशा देवी दहाड़े मारकर रोती हुईं, जिन्हें संभालते परिजन
मृतक की पत्नी आशा देवी दहाड़े मारकर रोती हुईं, जिन्हें संभालते परिजन

पीड़ित परिवार को ही उठा ले गई पुलिस

सुबह एसपी आउटर और सीओ समेत अन्य अफसर जांच करने पहुंचे। पीड़ित परिवार और गांव के लोगों ने बताया कि थाने के दरोगा शेर बहादुर और गोपी के सामने पूरी घटना हुई। पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई करने की बजाए मृतक के भाई समेत परिवार के अन्य लोगों को उठा ले गई और जमकर पीटा। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के साथ दोनों दरोगा पर भी एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

कार्रवाई की बजाए पुलिस बना रही थी समझौते का दबाव

मृतक के बेटे रवि शंकर ने बताया कि 26 जून को मारपीट करने पर चौबेपुर थाने में श्री कृष्ण समेत अन्य लोगों के खिलाफ मारपीट, जान से मारने की धमकी देने और एससी एसटी एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस इसके बाद से लगातार कार्रवाई करने की बजाए मामले में समझौते का दबाव बना रही थी। पुलिस ने धमकी दी थी कि समझौता नहीं किया तो किसी झूठे मुकदमें में जेल भेज दिए जाओगे। इसी के चलते आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए और मामला हत्याकांड तक पहुंच गया।

दबंगों और पुलिस की दहशत से छोड़ दिया था गांव

मृतक आनंद के दो बेटे रवि शंकर और अमित कुमार हैं। रवि ने बताया कि चार महीने पहले एफआईआर दर्ज कराई तो दबंगों के साथ ही पुलिस समझौते का दबाव बना रही थी। आरोपी आए दिन बेवजह मारपीट और गाली-गलौज करते थे। दहशत के चलते दोनों भाइयों ने गांव छोड़ दिया था। कल्याणपुर में किराए का कमरा लेकर रहने के साथ ही रिश्तेदारों के यहां शरण ली थी। हत्याकांड के बाद से दोनों भाई और पूरा परिवार दहशत में हैं।

आईजी बोले जांच के बाद होगी कार्रवाई...

आईजी रेंज मोहित अग्रवाल ने बताया कि हत्याकांड में पुलिस की संलिप्तता का आरोप है। आरोपी दरोगाओं के खिलाफ एसपी आउटर अष्टभुजा को जांच दी गई है। जांच रिपोर्ट में अगर दरोगा दोषी पाए जाएंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले का संज्ञान लेकर जांच बैठा दी गई है। पुलिस अफसर हों या आरोपी किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा।