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कानपुर... गंगा उफान पर, कई क्षेत्र डूबे:अगले 24 घंटे खतरनाक, गंगा बैराज से अब तक का सबसे ज्यादा 3 लाख क्यूसेक पानी प्रयागराज की तरफ छोड़ा गया

कानपुर10 महीने पहले
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पांडु नदी किनारे गांवों में पानी भरने से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। - Dainik Bhaskar
पांडु नदी किनारे गांवों में पानी भरने से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।

पहाड़ों में तबाही के बाद अब गंगा का पानी मैदानी इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा कर चुका है। सोमवार सुबह कानपुर में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 113.66 मीटर को क्रॉस कर चुका है। वहीं गंगा बैराज से प्रयागराज और वाराणसी की तरफ इस सीजन का अब तक का सबसे ज्यादा 3,09,017 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इतना पानी मानसून में भी नहीं छोड़ा गया है। वहीं नरौरा से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।

गंगा बैराज के सभी गेट खोल दिए गए हैं।
गंगा बैराज के सभी गेट खोल दिए गए हैं।

अगले 24 घंटे हैं खतरनाक
गंगा बैराज के गेज मीटर उत्तम पाल ने बताया कि गंगा किनारे के इलाकों के लिए अगले 24 घंटे बेहद खतरनाक है। 22 अक्टूबर को नरौरा से 3,33,440 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। जो आज सोमवार को गंगा बैराज से क्रॉस कर रहा है। वहीं 23 अक्टूबर को नरौरा से 2,04,132 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जो मंगलवार को गंगा बैराज से क्रॉस करेगा। इसलिए आशंका है कि कानपुर में गंगा का जलस्तर 113.85 मीटर तक जा सकता है। उसके बाद जलस्तर में कमी आएगी।

पुल के नीचे भरा बाढ़ का पानी।
पुल के नीचे भरा बाढ़ का पानी।

सोमवार को भी छोड़ा गया पानी
हरिद्वार और नरौरा डैम से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। सोमवार को सुबह नरौरा से 96,305 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जो बेहद कम है। वहीं गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होने से इसकी सहायक नदियों में जलस्तर बढ़ने लगा है। पांडु नदी में जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। वहीं गंगा बैराज के सभी 30 गेट खोल दिए गए हैं।

पनका गांव में पानी बढ़ने से चल रही है नाव।
पनका गांव में पानी बढ़ने से चल रही है नाव।

पनका गांव का पुल डूबा
पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से पनकी के पनका गांव का पुल डूब गया है। इससे गांव का हाईवे से कनेक्शन टूट गया है। बारिश के दौरान करीब डेढ़ महीने पहले भी यहां बाढ़ की स्थिति बन गई थी। लोगों को मकान छोड़कर किराये के मकान में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा था। हालांकि अभी मायापुरम, तात्याटोपे नगर, अंबेडकरनगर, रविदासपुरम, बर्रा-8, वरुण विहार और बर्रा गांव में स्थिति सामान्य बनी हुई है।

शुक्लागंज में बिगड़ सकते हैं हालात
गंगा में जलस्तर बढ़ने से शुक्लागंज के गंगा किनारे गांवों में पानी भरना शुरू हो गया है। कटरी के खेत भी जलमग्न हो गए हैं। कटरी के रविदास नगर, इंदिरा नगर, शक्ति नगर के तटीय इलाकों में कटान से हड़कंप मच गया है। सोमवार को शुक्लागंज का जलस्तर 112.39 मीटर तक पहुंच गया है। खतरे के निशान से गंगा 59 सेमी. दूर बह रही हैं।

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