अंजना मल्होत्रा हत्याकांड में दरोगा सस्पेंड:DCP और ACP ने भी बरती थी घोर लापरवाही, जांच का हवाला देकर लापरवाह अफसरों को बचाने की कोशिश

कानपुर4 दिन पहले
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कौशलपुरी गुमटी निवासी अंजना की हत्या करके नदी में पति ने फेंक दिया था शव। जांच में सामने आया कि प्रेमिका के लिए किया था पति सुलभ ने पत्नी अंजना का कत्ल। पुलिस ने पति और प्रेमिका समेत चार आरोपियों को मामले में भेजा है जेल। - Dainik Bhaskar
कौशलपुरी गुमटी निवासी अंजना की हत्या करके नदी में पति ने फेंक दिया था शव। जांच में सामने आया कि प्रेमिका के लिए किया था पति सुलभ ने पत्नी अंजना का कत्ल। पुलिस ने पति और प्रेमिका समेत चार आरोपियों को मामले में भेजा है जेल।

कानपुर के गुमटी कौशलपुरी के चर्चित अंजना मल्होत्रा हत्याकांड में लापरवाही बरतने में चौकी इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया गया। लेकिन जांच का हवाला देकर थानेदार से लेकर एसीपी और डीसीपी को बचाने की कोशिश की जा रही है। हत्याकांड से पहले मृतका ने एसीपी और डीसीपी से कई बार लिखित शिकायत से लेकर दफ्तर में जाकर पति सुलभ के खिलाफ तहरीर दी थी। लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करने की बजाए मामले को टरका दिया और पति ने अंजना की हत्या कर दी।

मौत से पहले अंजना ने कानपुर की डीसीपी साउथ को किया था ट्वीट, लेकिन नहीं हुई सुनवाई।
मौत से पहले अंजना ने कानपुर की डीसीपी साउथ को किया था ट्वीट, लेकिन नहीं हुई सुनवाई।

अंजना ने ट्वीट में लिखा था, चोट कितनी है रवीना मैम...
जिले में महिला अपराध की कमान संभालने वाली डीसीपी साउथ रवीना त्यागी ने भी पीड़िता का दर्द नहीं सुना। मृतक अंजना की बहन बबली ने बताया कि 5 दिसंबर 2021 की सुबह अंजना ने 10 बजकर 2 मिनट पर एक ट्वीट किया था। अंजना ने अपना दर्द लिखते हुए पति की पिटाई से आए चोटों के निशान की चार फोटो भी ट्वीट में साझा की थी। उन्होंने ट्वीट कर लिखा था कि .ये आप देखिए चोट कितनी है रवीना मैम। प्लीज हेल्प कीजिए। आप लोगों के साथ रहकर सभी महिलाओं की मदद की। सभी पुलिस डिपार्टमेंट में सभी को प्रोत्साहित किया और आज मेरे ससुराल वाले मुझे घर से निकाल रहे हैं। मेरा पति रात में कहीं और रहता है। इस ट्वीट पर यूपी पुलिस और कानपुर कमिश्नर पुलिस की तरफ से डीसीपी साउथ को कार्रवाई के लिए निर्देशित भी किया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
मिशन शक्ति से जुड़ी थी, फिर भी पुलिस ने नहीं सुनी
मृतक की बहन बबली ने बताया कि उनकी बहन अंजना एक एनजीओ से जुड़ी हुई थी। इस एनजीओ की मदद से वह पुलिस के मिशन शक्ति कार्यक्रम में भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेती थी। इसके बाद भी पति ने उसे प्रताड़ित करना शुरू किया तो पुलिस ने उन्हीं एक भी नहीं सुनी। चौकी से लेकर डीसीपी साउथ तक न्याय की गुहार लगाई और किसी ने नहीं सुनी और अंत में पति ने हत्या करके शव फेंक दिया। जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।
ये था अंजना हत्याकांड का पूरा मामला
कौशलपुरी निवासी अंजना मल्होत्रा 22 दिसंबर की रात लापता हो गईं थीं। परिजनों ने पति सुलभ पर हत्या का आरोप लगाते हुए नजीराबाद थाने में तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने सुना ही नहीं। बल्कि पीड़ित परिवार को ही धमकी दी जा रही थी। पनकी नहर में मिले महिला का शव को उनकी बहन बबली ने अंजना का होने का दावा किया। तब जाकर नजीराबाद थाने की पुलिस और अफसर हरकत में आए। इसके बाद जांच शुरू की तो हत्याकांड का खुलासा हुआ। अंजना के पति क्रॉकरी कारोबारी सुलभ ने उनकी हत्या कर दी थी। प्रेमिका किरन, उसके पिता रामदयाल व चचेरे भाई रिषभ की मदद से शव पांडु नदी में फेंक दिया था। इसमें सबसे पहले दरोगा जय प्रताप सिंह की लापरवाही उजागर हुई। जो पीड़ित परिवार को ही धमका रहा था। गुरुवार रात को उसे निलंबित कर दिया गया।
कॉल रिकॉर्डिंग से सामने आई ACP की लापरवाही
एसीपी नजीराबाद संतोष सिंह की अंजना की एक कॉल रिकॉर्डिंग ने मामले की पूरी कलई खोल दी। अंजना ने एसीपी नजीराबा से लेकर महिला आयोग में मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। एसीपी ऑफिस में अंजना को बयान दर्ज करने के लिए भी बुलाया गया, लेकिन पति के रसूख और पैसा होने के चलते पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इसी का नतीजा था कि उसकी हत्या कर दी गई। चौकी इंचार्ज, थानेदार, एसीपी और डीसीपी समेत हर स्तर पर अंजना की सुनवाई नहीं की गई। अगर उसी वक्त सुनवाई की जाती तो सुलभ अंजना की हत्या न कर पाता।

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