बिजली के बिल को लेकर जानलेवा हमला:कानपुर में भाभी की जान का दुश्मन बना देवर, पेट में चाकू से ताबड़तोड़ वार कर फरार

कानपुर2 वर्ष पहले
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कानपुर में देवर ने काटा भाभी का बिजली कनेक्शन, फिर हुआ हमलावार। महिला को पुलिस ने कराया भर्ती। - Dainik Bhaskar
कानपुर में देवर ने काटा भाभी का बिजली कनेक्शन, फिर हुआ हमलावार। महिला को पुलिस ने कराया भर्ती।

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से बुधवार दोपहर करीब 11 बजे एक बार दिल दहलाने वाला मामला सामने आ रहा है। यहां देवर ने अपनी भाभी पर चाकू से जानलेवा हमला किया। ताबड़तोड़ पेट पर चाकू से कई वार किए। घटना को अंजाम देने के बाद देवर मौके से भाग निकला। सूचना पर पहुंची अनवरगंज थाने की पुलिस ने महिला को केपीएम हॉस्पिटल भर्ती कराया। पुलिस मामले की छानबीन में लगी है। एसीपी अकमल खान व भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद है।

देवर ने काटा भाभी का बिजली कनेक्शन
मामला अनवरगंज थानाक्षेत्र के अन्तर्गत मुरादान के हाते का है। यहां नजमा परवीन अपने पति और बच्चों के साथ मकान के नीचे की मंजिल पर रहती है। इसी मकान में
देवर मोहम्मद शरीक अपने परिवार के साथ पहली मंजिल में रह रहा है। थाना प्रभारी गंगाधर सिंह चौहान ने बताया कि पारिवारिक विवाद के चलते देवर ने महिला पर हमला किया है। महिला नजमा का पति मानसिक रूप से बीमार है और वह घरों में चौका-बर्तन कर परिवार का पेट पाल रही है। आए दिन दोनों परिवारों में झगड़े होते रहते हैं। तीन दिन पहले नजमा के घर की बिजली उसके देवर शाकिर ने काट दी थी, जिसके बाद बुधवार दोपहर वह कनेक्शन को दोबारा जोड़ने के लिए अपने देवर के पास गई। इसी दौरान हुए विवाद में देवर ने उस पर चाकू से हमला कर दिया और मौके से फरार हो गया। पुलिस आरोपी शरीक की तलाश कर रही है।

बिजली के बिल को लेकर चल रहा था विवाद
थाना प्रभारी ने बताया कि पिछले कई दिन से शाकिर अपनी भाभी नजमा से बिजली के बिल का पैसा मांग रहा था। इसी वजह से विवाद हो रहा था। शाकिर ने बीती मंगलवार रात उनके कमरे की बिजली काट दी। बुधवार सुबह जब नजमा ने इस बारे में बात कि तो तैश में आकर शाकिर ने मारपीट शुरू कर दी और नजमा पर चाकू से हमला कर दिया।

हैलट अस्पताल में अभी भी इलाज के लिए भटकने को मजबूर मरीज
वहीं, जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हैलट में जूनियर डॉक्टर संवेदनहीनता से बाज नहीं आ रहे हैं। मरीज के तीमारदारों को इलाज के लिए गिड़गिड़ाना पड़ रहा है। लहूलुहान हालत में महिला नजमा को जब अस्पताल लाया गया तो डॉक्टरों ने स्ट्रेचर पर एक घंटे से ज्यादा समय तक तड़पते छोड़ दिया। उसी समय राउंड पर निकले ईएमओ की नजर महिला पर पड़ी तो उन्होंने पूछताछ शुरू की। बताया गया कि पेट में अंदरूनी घाव होने के चलते सीटी स्कैन कराने की जरूरत है। घायल महिला के इलाज में हो रही देरी पर उन्होंने जूनियर डॉक्टर को जमकर लताड़ लगाई और तुरंत ट्रीटमेंट करने के आदेश दिए।

अभी भी चल रहा है मरीजों को रेफर करने का खेल
घाटमपुर के पतारा गांव से टैक्सी में आई रोशनी को कुछ सालों पहले सिर पर गहरी चोट लगी थी। सिर में दर्द उठने की वजह से उसके परिजन उसे उर्सला लेकर पहुंचे तो वहां से उसे हैलट रेफर कर दिया गया। हैलट के डॉक्टर ने उसे फिर से उस मरीज को उर्सला ले जाने के लिए कहा।