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मोर बचाने में जान कुर्बान:औरैया में कुत्तों का झुंड मोर को घेरकर नोच रहा था; बचाने में किसान ने गंवाई जान, घर का अकेला कमाने वाला था

औरैया2 महीने पहले
कुत्तों से मोर को बचाया, घर पहुंचते ही सीने में दर्द, अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में तोड़ा दम।

उत्तर प्रदेश के औरैया में मंगलवार सुबह एक किसान की कुत्तों से मोर को बचाते हुए मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह खेतों पर रखवाली करने का काम कर रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि कुत्तों ने राष्ट्रीय पक्षी मोर पर हमला बोल दिया। इस पर किसान ने दौड़कर मोर को बचाने का प्रयास किया। मोर को बचाने के दौरान वह गिर पड़ा और उसके सीने में चोट लग गई। जिससे वह घायल हो गया। घर पहुंचने के बाद उसकी मौत हो गई।

कुत्तों से मोर को बचाया, घर पहुंचते ही सीने में दर्द
मामला सदर कोतवाली क्षेत्र का है। यहां के ग्राम पढ़ीन निवासी सदानंद (46) पुत्र रामसनेही आज सुबह अपने खेतों की रखवाली करने के लिए गया हुआ था। उसी दौरान उसने कुछ कुत्तों को एक मोर का शिकार करते हुए देखा। जिस पर वह लाठी लेकर मोर को बचाने के लिए दौड़ पड़ा। उसी दौरान मोर अपने आप को बचाए जाने के लिए दौड़ी और ट्यूबवेल की कुंडी में भरे पानी में जा गिरी। इस पर किसान ने कुत्तों को पहले लाठी से भगा दिया। उसके उपरांत मोर को निकालने के लिए वह दौड़ पड़ा। जैसे ही वह कुंडी के समीप पहुंचा कि वह लड़खड़ा कर कुंडी के किनारे बने पत्थर पर जा गिरा। जिससे उसके सीने में चोट लग गई। इसके उपरांत किसान ने मोर को कुंडी से निकालकर ट्यूबवेल की छत पर रख दिया और अपने घर चला आया। थोड़ी ही देर में उसके सीने में दर्द होने लगा और उसे घबराहट होने लगी। इस पर उसने परिजनों को जानकारी दी। परिजनों ने ग्रामीणों के सहयोग से आनन-फानन में उसे उपचार के लिए औरैया ले जाने का प्रयास किया। मगर गांव से बाहर आते ही किसान ने दम तोड़ दिया। निजी चिकित्सक ने किसान सदानंद को मृत घोषित कर दिया। मौत की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

घर का अकेले कमाने वाला था मृतक
ग्रामीणों ने बताया कि मृतक दो भाई हैं और छोटा भाई काफी लंबे समय से बीमार रहता है। दोनों भाइयों के बीच करीब डेढ़ बीघा खेती है। जिस पर फसल आदि करके वह अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि मृतक की तीन बेटियां हैं, जिसमें गीता (18), खुशबू (16), मोहिनी (14)एवं एक पुत्र अनुज (12) हैं। मृतक के घर कोहराम मचा हुआ था। पूर्व प्रधान रजपाल सिंह यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतक की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन से मृतक को आर्थिक सहायता दिलाए जाने की मांग की है। वहीं, ग्रामीणों ने बताया कि अब सदानंद के घर कमाने वाला कोई नहीं रह गया है।

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