चार दिवसीय बागवानी सम्मलेन का हुआ समापन:किसानों ने गिनाये नई खेती के फायदे, कामर्शियल खेती से कमा आ रहे हैं 5 लाख एकड़

कानपुर6 महीने पहले
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चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय - Dainik Bhaskar
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय

चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में चल रहे चार दिवसीय भारतीय बागवानी सम्मेलन का रविवार समापन हुआ। चौथे एवं अंतिम कृषक और वैज्ञानिको के बीच संवाद हुआ। किसानों ने बताया कि वह वैज्ञानिक सलाह पर प्रति एकड़ खेत से लहसुन, पपीता, मक्का,परवल आदि की खेती कर प्रति एकड़ प्रतिवर्ष 5 लाख रूपये से भी ज्यादा की आय प्राप्त कर रहे हैं।

प्रदेश भर से आये किसान

संवाद कार्यक्रम में कन्नौज, फतेहपुर एवं कानपुर देहात के कृषकों ने भागीदारी की। साथ ही प्रदेश के दूरदराज के जनपदों से आए किसानों ने अपनी खेती करने के तौर-तरीकों को वैज्ञानिकों के समक्ष बताया। किसानों ने बताया कि वैज्ञानिकों द्वारा बताई हुई तकनीकों का अपने खेतों में प्रयोग कर रहे हैं। जिससे उन्हें खेती में कहीं अधिक लाभ मिल रहा है। फतेहपुर के गांव औंग के किसान राम सिंह पटेल ने बताया कि वह 1 एकड़ खेत में सघन पद्धति से लहसुन, पपीता, मक्का,परवल आदि की खेती कर प्रति एकड़ प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये से भी ज्यादा की आय प्राप्त कर रहे हैं।

सम्मानित किये गए किसान

इस अवसर पर कुलपति डॉ डी.आर.सिंह ने कृषक राम सिंह पटेल को अंग वस्त्र एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया। कृषक वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति डॉक्टर डीआर सिंह ने की। जबकि मुख्य अतिथि राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक कानपुर नगर एवं देहात की विकास प्रबंधक सुमन लता उपस्थित रही। कार्यक्रम में कुलपति ने अपने संबोधन में कहा कि जिन प्रगतिशील किसानों ने अपनी सफलता की कहानी स्वयं की जुबानी कही है। उसे अन्य किसान भी अपनाएं जिससे उन्हें अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो। इस अवसर पर राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक की प्रबंधक श्रीमती सुमन लता ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण एवं कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बैंक लगातार किसान भाइयों को ऋण प्रदान कर रही है।

किसानों को दिखाई गई प्रयोगशालाये

कृषक वैज्ञानिक संवाद के बाद विदाई सत्र शुरू हुआ। जिसमें 4 दिनों से हुई वैज्ञानिक शोध परिचर्चा को संकलित किया गया। विश्वविद्यालय के प्रयोगशालाओ का वैज्ञानिकों एवं कृषकों द्वारा देखा और समझा गया। इस अवसर पर स्थानीय आयोजक सचिव डॉ एच जी प्रकाश, डॉक्टर धनंजय सिंह, मीडिया प्रभारी डॉ खलील खान एवं समस्त निदेशक, अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष सहित अन्य वैज्ञानिक एवं किसान उपस्थित रहे।

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