इंडिया-न्यूजीलैंड टेस्ट मैच पर संकट:कानपुर के ग्रीनपार्क में फ्लड लाइट्स के 92 बल्ब फ्यूज

कानपुर3 महीने पहले
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पिछले डेढ़ साल से ग्रीन पार्क की लाइट्स खराब हैं। इस पर यूपीसीए और खेल विभाग दोनों में से कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है। - Dainik Bhaskar
पिछले डेढ़ साल से ग्रीन पार्क की लाइट्स खराब हैं। इस पर यूपीसीए और खेल विभाग दोनों में से कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है।

कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में 25 नवंबर से भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीसरा टेस्ट मैच खेला जाएगा। इसके लिए प्रशासन और खेल विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। हालांकि, फ्लड लाइट्स अभी तक ठीक नहीं हो पाई है। इससे मैच पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। मैच के लिए नई मुसीबत खड़ी हो गई है। ICC नॉर्म्स के हिसाब से जिस मैदान में टेस्ट मैच होना है, वहां फ्लड लाइट्स जरूरी है।

ग्रीनपार्क में फ्लड लाइट्स तो हैं, लेकिन उनमें से करीब 92 बल्ब फ्यूज है। इन फ्लड लाइट्स का रख रखाव करने वाली कंपनी का अभी तक कोई पता नहीं है। यूपीसीए और खेल विभाग भी इस बारे में बात करने को तैयार नहीं है। प्रशासन भी सुस्त बैठा है।

बिना फ्लड लाइट के नहीं हो पाएगा मैच

आईसीसी मानकों के हिसाब से टेस्ट मैच में फ्लड लाइट होना जरूरी है। इसका पीछे तक ये है कि अगर बारिश के आसार हो या नेचुरल रौशनी कम हो तो भी फ्लड लाइट की रोशनी में बिना किसी रुकावट के मैच खेला जा सके। फ्लड लाइट्स का इस्तेमाल मैच में करना है या नहीं। इसका निर्णय दोनों टीम के कप्तान मैच वाले दिन मैच रेफरी के सामने करते हैं।

पिछले डेढ़ साल से खराब पड़ी है फ्लड लाइट्स

पिछले डेढ़ साल से ग्रीन पार्क की लाइट्स खराब है। इस पर न तो यूपीसीए ध्यान दे रहा है और न खेल विभाग। जब इस बारे में खेल निदेशिका मुद्रिका पाठक से सवाल किया कि उन्होंने यह कहते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया कि यह उनके अंडर में नहीं आता। यूपीसीए के अधिकारी भी इस बात कर कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।

फ्लड लाइट में लगी बैटरी भी कई बार हो चुकी चोरी

ग्रीन पार्क में लगी फ्लड लाइट्स के लिए स्टैंड बाय बैटरी लगाई गई है। पावर सप्लाई जाने के बाद जनरेटर चलाने में जो समय लगता है उसमें बैकअप प्रोवाइड करती है। तीन बार वह बैटरी भी चोरी हो चुकी है।

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