विकास दुबे का भांजा भी अपराध की राह पर चला:कानपुर में पुलिस की वर्दी में अवैध वसूली कर रहा था बिकरू के गैंगस्टर का भांजा, दो अन्य साथी भी गिरफ्तार

कानपुर4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
पुलिस के मुताबिक, आरोपी गगन तिवारी अपनी गैंग के साथ पुलिस की वर्दी पहनकर हाईवे पर वसूली करता था। - Dainik Bhaskar
पुलिस के मुताबिक, आरोपी गगन तिवारी अपनी गैंग के साथ पुलिस की वर्दी पहनकर हाईवे पर वसूली करता था।

उत्तर प्रदेश के कानपुर के बिठूर रोड चौराहा, जीटी रोड पर पुलिस की वर्दी पहनकर अवैध वसूली करने वाला गैंगस्टर विकास दुबे का सगा भांजा निकला। इसका खुलासा पुलिस की जांच-पड़ताल में हुआ है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी गगन तिवारी अपनी गैंग के साथ पुलिस की वर्दी पहनकर हाईवे पर वसूली करता था। पुलिस ने कोर्ट में पेश करने के बाद गगन और उसके दोनों साथियों को जेल भेज दिया। बता दें, यूपी का 5 लाख रुपए का इनामी व 60 मुकदमों में वांछित हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे 10 जुलाई 2020 की सुबह पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था।

गैंगस्टर का भांजा होने के चलते पुलिस खंगाल रही आपराधिक कच्चा चिट्‌ठा
कल्याणपुर थाना प्रभारी वीर सिंह ने बताया कि बीती 16 जून की रात बिठूर रोड चौराहा पर स्कॉर्पियो सवार तीन युवक पुलिस की वर्दी पहनकर ट्रक वालों और ढाबे वालों से वसूली कर रहे थे। सूचना पर स्वरूप नगर पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को दबोच लिया। इसमें कानपुर देहात का मुरीदपुर निवासी लोकेंद्र यादव, नवाबगंज के आजाद नगर का निवासी गगन तिवारी और मौनीघाट के आयुष अग्निहोत्री को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने तीनों का आपराधिक इतिहास खंगाला तो सामने आया कि गगन तिवारी गैंगस्टर विकास दुबे का सगा भांजा है। विकास की सगी बहन रेखा की शादी शिवराजपुर के रामपुर सखरेजा निवासी कमलेश तिवारी से शादी हुई थी। 2007 में कमलेश की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कमलेश के दो बेटे गगन और अमन है। गगन के पास बरामद स्कॉर्पियो कार भी कमलेश तिवारी के ही नाम है।

विकास के लिए काम करते थे भांजे
कल्याणपुर थाना प्रभारी ने बताया कि 2018 में विकास दुबे का अपने चचेरे भाई अनुराग से विवाद हो गया था। इसके बाद अनुराग पर जानलेवा हमला हुआ था। इसमें गगन का भाई अमन एफआईआर में नामजद आरोपी था। इससे एक बात तो साफ है कि विकास दुबे का भांजा उसके गैंग से जुड़कर काम कर रहा था। अब दूसरे भांजे गगन की करतूत सामने आई है। पुलिस अब अमन, गगन के साथ ही विकास के अन्य रिश्तेदारों का कच्चा चिट्‌ठा फिर से खंगालने में जुट गई है।

एनकाउंटर में मारा गया था विकास दुबे
बता दें, दो जुलाई 2020 की रात कानपुर में चौबेपुर के बिकरू गांव में दबिश देने गई पुलिस टीम पर गैंगस्टर विकास दुबे और उसके गुर्गों ने हमला कर दिया था। विकास दुबे ने साथियों की मदद से सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। इसके बाद विकास दुबे रात में ही फरार हो गया था और अपने सहयोगियों के पास जाकर छिप गया था। इस वारदात के करीब सात दिन बाद विकास दुबे को मध्य प्रदेश पुलिस ने महाकाल मंदिर से पकड़ लिया था और उसे यूपी पुलिस के सुपुर्द कर दिया था। 10 जुलाई को मध्य प्रदेश से कानपुर लाते समय गाड़ी पलट जाने पर विकास ने भागने का प्रयास किया था, जिससे एनकाउंटर में वह पुलिस के हाथों मारा गया था।

खबरें और भी हैं...