पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

कानपुर के हैलट में रेफर का खेल जारी:सिर्फ नाम के लिए ड्यूटी करने आते हैं मजिस्ट्रेट साहब, बेबस तीमारदार को बड़े जिलों के सरकारी अस्पतालों का रूख करने को हैं मजबूर

कानपुर4 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

उत्तर प्रदेश में कानपुर के आसपास छोटे जिलों के जिला चिकित्सालयों का बुरा हाल है। यहां रोजाना इलाज की आस लेकर आये मरीजों को भर्ती करने के बजाय रैफर करने का सिलसिला इतनी शिकायतों और मजिस्ट्रेट की लगी ड्यूटी के बाद भी जारी है।

मजिस्ट्रेट सिर्फ नाम की ड्यूटी करने आते हैं
रोजाना गंभीर मरीजों की वापसी या रेफर और डॉक्टरों के गायब रहने की शिकायत के बाद हैलट में मजिस्ट्रेट निगरानी शुरू कर दी गयी थी। इसके बावजूद हैलट अस्पताल का स्टाफ नहीं सुधार रहा है। रोजाना मजिस्ट्रेट आते तो है लेकिन सिर्फ एसी ऑफिस में थोड़ी देर बैठ कर वापस चले जाते है। न वो मरीजों की शिकायतों को सुनते है और न ही वहाँ स्टाफ और डॉक्टर की अनुपस्थिति के बारे में जानकारी लेते है।

रेफर का खेल...
बेबस तीमारदार को अपने मरीज को बेहतर इलाज के लिए बड़े जिलों के सरकारी अस्पतालों का रूख करना पड़ता है। कसीगवां विधनू निवासी राघव अपनी बुजुर्ग दादी को सांस और सीने में दर्द की तकलीफ के अलावा बुखार आने पर बुआ संतोशा के साथ शुक्रवार दोपहर कार्डियोलॉजी पहुंचा।

बुजुर्ग की बेटी के मुताबिक,यहाँ डाँक्टर ने माँ का सीने का एक्सरे कराने के बाद हैलट रेफर कर दिया। हैलट पहुँचने पर यहाँ माँ का इलाज शुरू हुआ लेकिन थोड़ी देर बाद एक बार फिर हार्ट की बीमारी बता कर वापस कार्डियोलाँजी रेफर कर दिया।

भरुआ सुमेरपुर निवासी बुजुर्ग दुर्गा प्रसाद के साथ भी ऐसा ही हुआ। उनके पेट में दर्द और उल्टियां होने पर बहनोई अरविंद सुबह हमीरपुर जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। बहनोई ने बताया यहाँ बुजुर्ग को भर्ती करने के बजाय हैलट रेफर कर दिया गया। दोपहर को यहाँ पहुँचने पर इलाज के नाम पर सिर्फ एक बिस्तर पर लेटा दिया। शाम 5 बजे जब हम लोगों ने हंगामा किया तब जाकर कहीं इलाज शुरू हो पाया।

कानपुर देहात के अमौली ठाकुराना निवासी की माँ प्रेमा देवी को लो बीपी होने पर वो बुजुर्ग माँ को सुबह अकबरपुर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। बेटे ने बताया कि, माँ की हालत देखने के बाद डॉक्टर ने हैलट रेफर कर दिया गया। यहाँ पहुँचने पर इलाज शुरू हुआ।

एटा निवासी रामनरेश की बुजुर्ग माँ सुशीला देवी मुँह से बोल नहीं पा रही थी और जुबान ऐंठ गयी थी। उन्होंने बताया कि,हालत नाजुक होता देख वो माँ को फतेहगढ़ जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहाँ बुजुर्ग महिला को भर्ती करने के बजाय हैलट रेफर कर दिया। दोपहर को हैलट पहुँचने पर भर्ती किया गया।

खबरें और भी हैं...