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  • If The Disclosure Of The Crime Branch Was True, Then Why Remove The Eight CCTV Cameras Installed In The Factory, The Allegation Of Withdrawing Rs 70 Thousand From The ATM Of The Accused And Looting The Factory And House.

50 लाख नहीं देने पर बनाया शराब माफिया:आरोपी के परिजन बोले...क्राइमब्रांच का खुलासा सही था तो फैक्ट्री में लगे आठ CCTV कैमरे क्यों हटाए, ATM से रुपए निकालने और फैक्ट्री व घर में लूटपाट का आरोप

कानपुर3 महीने पहले
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खुलासे के दौरान फैक्ट्री में जांच करने पहुंचे थे पुलिस कमिश्नर असीम अरुण। - Dainik Bhaskar
खुलासे के दौरान फैक्ट्री में जांच करने पहुंचे थे पुलिस कमिश्नर असीम अरुण।

क्राइमब्रांच कानपुर के नकली शराब फैक्ट्री के खुलासे को एक आरोपी ने चैलेंज किया है। आरोपी ने सवाल उठाते क्राइमब्रांच के इस पूरी गुडवर्क को ही फर्जी बताया है। इतना ही नहीं आरोप है कि 50 लाख रुपए की मांग पूरी नहीं होने पर क्राइमब्रांच ने गलत तरीके से शराब फैक्ट्री दिखाकर जेल भेज दिया। अब आरोपी के परिजनों ने मामले की पुलिस कमिश्नर से शिकायत करने के साथ ही कोर्ट में क्राइमब्रांच के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए प्रार्थना-पत्र दिया है।

क्राइमब्रांच के खिलाफ FIR दर्ज कराने के लिए कोर्ट में प्रार्थना-पत्र

बर्रा-2 में रहने वाले आकाश वर्मा ने बताया कि उनके छोटा भाई श्रीकांत वर्मा उर्फ अनुज के पास देशी शराब की बोतल बनाने का आबकारी विभाग से लाइसेंस है। पनकी साइट नंबर - 4 एस-8 में एसके इंटरप्राइजेज नाम से प्लास्टिक की बोतल बनाने की फैक्ट्री है। आरोप है कि क्राइमब्रांच ने 26 जुलाई को उनके भाई श्रीकांत को उठा लिया था। क्राइमब्रांच की टीम ने 50 लाख रुपए की मांग की और पूरी नहीं होने पर भाई को नकली शराब फैक्ट्री, फर्जी क्यूआर कोड बनाने के आरोप में जेल भेज दिया था। आकाश ने दावा किया है कि अगर उनकी फैक्ट्री में नकली शराब, बोतल, ढक्कर व फर्जी क्यूआर कोड बनता था तो क्राइमब्रांच ने खुलासे से पहले फैक्ट्री के बाहर से अंदर तक लगे आठ सीसीटीवी कैमरे क्यों हटा दिया...? एलसीडी और डीवीआर भी अपने साथ उठा ले गए। कैश काउंटर में रखे 15 हजार रुपए, बैंक की चेकबुक, लैपटॉप, फैक्ट्री के ओरिजनल दस्तावेज समेत अन्य सामान लूट ले गए। घर में भी तलाशी के दौरान लूटपाट का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने मामले में कानपुर पुलिस कमिश्नर असीम अरुण से पूरे मामले की शिकायत की है। इसके साथ ही न्यायालय विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट लखनऊ में क्राइमब्रांच के खिलाफ शिकायत करते हुए एफआईआर दर्ज करने के लिए प्रार्थना-पत्र दिया है। पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने कहा है कि मेरे पास अभी तक ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। अगर क्राइमब्रांच ने ऐसा किया है तो दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।

चार कॉल रिकॉर्डिंग भी सौंपी
शराब फैक्ट्री चलाने के आरोप में जेल भेजे गए श्रीकांत वर्मा के भाई ने चार रिकॉर्डिंग भी साक्ष्य के रूप में भेजी हैं। इसमें उन्होंने व्हाट्सएप कॉल को दूसरे फोन से रिकॉर्ड किया है। एक ऑर्डियो में आकाश धाराएं कम करने के नाम पर पुलिस को 2 लाख रुपए देने की बात कह रहा है। इसके साथ ही क्राइमब्रांच की टीम बार-बार रुपयों की मांग कर रही और थाने पर नहीं आने पर आकाश को भी जेल भेजने की धमकी दी है।

कारोबारी के मोबाइल से ही व्हाट्सएप कॉल कर मांगी वसूली
आकाश ने आरोप लगाया है कि क्राइमब्रांच ने उनसे पूछताछ के दौरान एक मोबाइल जांच के नाम पर रख लिया था। इसके बाद क्राइमब्रांच ने उनके दूसरे मोबाइल से ही उन्हें व्हाट्सएप कॉल करके रुपयो की मांग की। इससे कि कहीं भी क्राइमब्रांच फंस न जाए। लेकिन आकाश ने होशियारी दिखाते हुए कॉल को रिकॉर्ड कर लिया था। अब उसे साक्ष्य के रूम में कोर्ट भेजने के साथ ही पुलिस कमिश्नर असीम अरुण को भेजी है।

चार आरोपियों को पुलिस ने भेजा था जेल
पुलिस ने नकली शराब फैक्ट्री चलाने के आरोप में श्रीकांत वर्मा उर्फ अनुज के साथ ही मूलगंज निवासी मो. जाकिर उर्फ गुल्लू, नौबस्ता निवासी राजू गुप्ता और छिबरामऊ निवासी मो. शान को नकली शराब बनाने की फैक्ट्री संचालित करने के आरोप में बाबूपुरवा थाने में एफआईआर दर्ज करके जेल भेजा था।

नकली शराब के साथ क्यूआर कोड भी बनाने का था आरोप
1400 लीटर अवैध शराब, 50 हजार ढक्कन, 5 हजार फर्जी क्यूआर कोड, 2000 शराब की भरी हुई बोतलें, एक कार, लोडर, बाइक, एक डिग्री नापने वाला मीटर, 225 क्वार्टर तैयार शराब समेत अन्य माल मौके से बरामद दिखाया था।

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