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गाय के निधन से गांव में शोक, 21 को तेरहवीं:इटावा में 18 साल से गांव में रहने वाली गाय का निधन, महिलाओं ने चढ़ाई साड़ियां, हिंदू रीति से अंतिम संस्कार, तेरहवीं के रूप में होगा भंडारा

इटावा13 दिन पहले
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नम आंखों से गौ माता को किया विदा। - Dainik Bhaskar
नम आंखों से गौ माता को किया विदा।
  • महिलाओं ने अपने-अपने घर से 50 से अधिक साड़ियां लाकर गौ माता के मृत शरीर पर ओढ़ाईं
  • लगभग दस हजार रुपए का चढ़ावा भी चढ़ाया गया, इसी से 21 जून को होगा भंडारा
  • अंतिम दर्शन में गांव वालों ने चरण स्पर्श के साथ फूल मालाएं अर्पित कर किया पूजन

उत्तर प्रदेश इटावा के जसवंतनगर क्षेत्र में 18 वर्ष से गांव में रहने वाली एक गाय का निधन हो गया है। गाय के निधन से पूरा गांव शोक में है। ग्राम वासियों ने मिलकर नम आंखों से हिंदू परंपरानुसार गाय का का अंतिम संस्कार किया। महिलाओं ने 50 से ज्यादा साड़ियां गाय के शव पर चढ़ाईं, इसके बाद विधि विधान से पूजन के बाद दफन किया गया। ग्रामीणों ने अंतिम दर्शन के समय दस हजार रुपए चढ़ावा भी चढ़ाया है। इस चढ़ावे से ही 21 जून को गाय की तेरहवीं की जाएगी। इस उपलक्ष्य पर भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

सभी को था बेहद लगाव
गांव के बच्चों महिलाओं का लगाव गौ माता से बहुत अधिक हो गया था। इस कारण ही गौ माता के निधन पर गांव भर की महिलाएं इकट्ठा हुईं और कई महिलाओं ने अपने-अपने घर से 50 से अधिक साड़ियां लाकर गौ माता के मृत शरीर पर ओढ़ाईं। लगभग दस हजार रुपए का चढ़ावा भी चढ़ाया गया और चरण स्पर्श के साथ अंतिम दर्शन कर फूल मालाएं अर्पित करते हुए गौ माता का हिन्दू परंपरानुसार अंतिम संस्कार किया गया।

पैर फिसल जाने से हो गई थी घायल
ग्रामीणों ने बताया कि बीते दिवस गौ माता फतेह सिंह यादव के दरवाजे के पास बनी नाली में अचानक पैर फिसल जाने से गंभीर रूप से घायल हो गई थी, सूचना पर पशुपालन विभाग के चिकित्सक पहुंचे और उपचार भी जारी था लेकिन सुबह तड़के 6 बजे के करीब गौ माता का अचानक निधन हो गया। कुछ ग्रामवासी इस गौ माता को अपने ईश्वर के रूप में पूजन करते थे। व्रत रखने वाली महिलाएं भी गौ माता का पूजन करते हुए उसे भोजन कराती थीं। कुछ लोग अपनी मनौतियां भी इसी गौमाता से मांगते थे। अब 300 परिवार वाले इस गांव में गहरा शोक छाया हुआ है।

गौ माता के अंतिम संस्कार में पूर्व प्रधान सुखबीर सिंह यादव, प्रधान महंत सिंह के अलावा संतोष बाबा, मोहित यादव, बबलू यादव, प्रदीप यादव, छोटे लाल, राकेश, सत्यवीर,अचंभे लाल, लाखन सिंह, करू इत्यादि लोग शामिल हुए। प्रधान का कहना है कि तेरहवीं के रूप में भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

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