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पुलिस ने जबरन बच्चे का कराया अंतिम संस्कार:पोस्टमार्टम में जख्मों ने दी एक-एक हैवानियत की गवाही, गांव में तनाव के चलते भारी पुलिस फोर्स तैनात

कानपुर8 महीने पहले
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प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो।

कानपुर के नरवल में बच्चे के साथ दरिंदगी के बाद नृशंस हत्याकांड के मामले में पुलिस ने तनाव को देखते हुए बच्चे का जबरन देर शाम अंतिम संस्कार करवा दिया। जबकि परिजनों का कहना था कि सूर्यास्त के बाद वह अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इसके बाद भी पुलिस ने एक नहीं सुनी और शव को नजबगढ़ घाट पर दफन करवा दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चे के शरीर पर मिले एक-एक जख्म ने हैवानियत की गवाही दी है। 48 घंटे पूरे होने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।

पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद मृतक के परिजन।
पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद मृतक के परिजन।

सिर पर गंभीर चोट से मौत, गला घोंटने और चेहरा दागने की पुष्टि
एसपी आउटर अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट लगने से बच्चे के मौत की पुष्टि हुई है। आंख में कील ठोंक कर फोड़ा गया है। इसके साथ ही चेहरे को सिगरेट से दागने और गला घोंटने से मौत की बात सामने आई है। प्राइवेट पार्ट में डंडा डालने की बात भी पोस्टमार्ट रिपोर्ट में सच निकली है। पोस्टमार्टम से पहले फोरेंसिक एक्सपर्ट ने इन चोटों का जिक्र अपनी जांच रिपोर्ट में किया था। तीन डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम होने के साथ ही वीडियोग्राफी भी कराई गई है। एसपी आउटर ने बताया कि चार टीमें हत्याकांड की जांच कर रही हैं। कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जल्द ही हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा।

बच्चे का हत्या का बाद जमीन पर पड़ा शव।
बच्चे का हत्या का बाद जमीन पर पड़ा शव।

जबरन अंतिम संस्कार कराने से गांव में आक्रोश
परिजनों के मुताबिक पहले तो उनके 10 साल के बेटे के साथ हत्यारे ने खूनी खेल खेला। अब पुलिस उनकी अंतिम इच्छा भी पूरी नहीं करने दी और संस्कारों के विपरीत जाकर शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया। इस बात को लेकर परिवार ही नहीं गांव के लोगों में आक्रोश है। पुलिस अफसरों का कहना है कि गांव में शव ले जाना ठीक नहीं था। विधानसभा चुनाव के चलते इलाके का माहौल बिगड़ सकता था। इसके चलते परिजनों की इच्छा के विपरीत जाकर रात में ही अंतिम संस्कार करा दिया गया।

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