16 पायदान नीचे गिरा सीएसए, 59वें रेंकिंग पर पहुँचा:आईसीएआर की रैंकिंग में प्रदेश के चारों कृषि विश्वविद्यालय में पिछड़ा सीएसए

कानपुर2 महीने पहले
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चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय - Dainik Bhaskar
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की ओर से जारी कृषि विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) देश में 59वें स्थान पर है। एक साल में सीएसए की रैंकिंग में 16 पायदान की गिरावट दर्ज की गई है। बात यदि पिछले साल की रैंकिंग की करे तो सीएसए का 43वां स्थान था।

प्रदेश में सबसे निचले पायदान पर पहुँचा सीएसए

आईसीएआर की जारी रैंकिंग के मुताबिक प्रदेश के चारों कृषि विश्वविद्यालयों में सीएसए सबसे निचले स्थान पर है। रैंकिंग में बांदा कृषि विश्वविद्यालय 55, अयोध्या कृषि विश्वविद्यालय 45 और मेरठ स्थित कृषि विश्वविद्यालय 35 वें स्थान पर है। संस्थान की ओर से बीते चार महीनों से बेहतर रैंकिंग पाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। लेकिन आईसीएआर के पैमानों पर कम खरे उतरने की वजह से रैंकिंग में गिरावट आई है। आईसीएआर शोध, शिक्षण, इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेसमेंट और शिक्षक क्षमता समेत कई बिंदुओं पर परखने के बाद रैंकिंग जारी करता है।

शिक्षकों की संख्या सिर्फ 50 फीसद,

किसी भी विश्वविद्यालय की रैंकिंग देने के कई मानक होते हैं जिस पर सीए से काफी पिछड़ चुका है ना तो यहां पर जरूरत के मुताबिक शिक्षक हैं ना कृषि वैज्ञानिक है और ना ही कर्मचारी हालात इतने बदतर हैं कि अब वेतन देने के भी लाले पड़े हुए ऐसे में जो संविदा कर्मचारी हैं उनको पिछले कई महीनों से वेतन ही नहीं मिला है यह सब बातें भी रैंकिंग में मायने रखती हैं। रैंकिंग गिरने की वजह सीएसए में मांग की अपेक्षा 50 प्रतिशत से कम शिक्षक ही विश्वविद्यालय में कार्य कर रहे हैं। बीते महीने में केवीके वैज्ञानिकों को केंद्र भेजे जाने से संस्थान में शिक्षकों की ज्यादा कमी हो गई है।

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