सोनू सूद से जुड़े हैं कानपुर की कंपनी के तार:रिच समूह पर छापे के रिकॉर्ड मुंबई ले गई आयकर की टीम, फिल्मस्टार की छापेमारी के साथ शुरू हुई थी रिच समूह पर इनकम टैक्स के कार्यवाही

कानपुर2 महीने पहले
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फिल्म स्टार सोनू सूद - Dainik Bhaskar
फिल्म स्टार सोनू सूद

फिल्म स्टार सोनू सूद के यहां आयकर छापे की कार्रवाई समाप्त होने के बाद आयकर मुंबई की टीम वापस लौट गई है। विभाग की मुम्बई की टीम अपने साथ शहर से पूरा डाटा लेकर गई है। इस डाटा को खंगालने के बाद जानकारी हो सकेगी की टैक्स चोरी कितने की है। हालांकि इस कार्यवाही के तहत शहर में रिच समूह के ठिकानों पर छापे में अघोषित रकम को खपाने के नए तरीकों का भी पता चला है। मुखौटा कंपनियों के द्वारा अघोषित रकम के म्यूच्यूअल फंड के जरिए हेराफेरी की गई है।

मुखौटा कंपनियों से म्यूचुअल फंड में लगाते थे रकम

फिल्म स्टार सोनू सूद से जुड़े मामले में आयकर विभाग की टीम ने शहर में भी रिच समूह पर छापेमारी की थी। इस समूह के 4 ठिकानों पर पड़े छापे में फर्जी इंदवायस जारी करने के खेल का खुलासा हुआ है। इन ठिकानों में मिले डाटा और फर्जी इनवॉइस संबंधी प्रपत्र लेकर मुंबई की आयकर विभाग के अधिकारियों की टीम रविवार शाम वापस लौट गई है। विभागीय सूत्रों की माने तो फर्मों की जांच में अघोषित रकम को खपाने के नए ढंग की जानकारी विभाग को हुई है। अभी तक टैक्स चोरी करने वाली कंपनियां या फर्में मुखौटा कंपनियों को अघोषित रकम दर्शाते थे। इन्हीं मुखौटा कंपनियों से लोन दिखाकर दूसरी कंपनी में यह रकम एक नंबर में करके वापस अपने पास ले लेती थी। लेकिन यहां मामला कुछ और ही पकड़ में आया विभागीय अधिकारियों के मुताबिक सोनू सूद से जुड़े इस मामले में कंपनी ने अघोषित आय को पहले एक मुखौटा कंपनियों में लगाया फिर आगे कई और मुखौटा कंपनियों के रकम लगाकर इस अघोषित धन को बढ़ाया गया। फिर इस धन को म्यूचुअल फंड में लगा दिया गया। कुछ दिनों तक इसे फंड में रखने के बाद वहां से रकम को वापस लिया गया। अब इस धन का भुगतान उन कंपनियों या संबंधित को कर दिया गया। फिर जहां इस रकम को पहुंचाया जाना था, वहां पहुंचा दिया जाता था। चूंकि म्यूच्यूअल फंड से निकलने के बाद भुगतान होता था, लिहाजा रकम एक नंबर में दिखती थी।

लंबे समय से चल रहा था खेल

आयकर विभाग ने पूर्व में रिच समूह पर छापेमारी की थी। उस वक़्त आयकर विभाग को बहुत हाथ नही लगा था। लेकिन पिछले दिनों लगातार कुछ कंपनियों में जब ट्रांजक्शन हुआ तो विभाग के अधिकारियों को शक हुआ। शक के बिना पर इसकी जांच आगे बढ़ाई गई तो माजरा ही कुछ और निकला। इधर विभागीय अधिकारियों ने बताया कि शहर के रिच समूह के तार सोनू सूद से जुड़े हैं। इनके यहां 6 वर्ष पूर्व आयकर विभाग ने सर्वे किया था। तब समूह के प्रबंधक हाई कोर्ट चले गए थे। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने आयकर विभाग के पक्ष में फैसला दिया था।

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