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  • Instead Of Recruiting The Daughter Of A Medical College Worker In Halat, The Doctors Kept Wandering, Treatment Started After The Intervention Of EMO

निजी अस्पताल में मरीज का इलाज भगवान भरोसे:हैलट में मेडिकल कॉलेज की कर्मी की बेटी को भर्ती करने के बजाय भटकाते रहे डॉक्टर, EMO के हस्तक्षेप के बाद शुरू हुआ इलाज

कानपुर10 दिन पहले
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निजी अस्पताल में इलाज की आस में पहुंच रहे मरीजों को शायद यह नहीं पता होता है कि,क्या वास्तव में उनका इलाज बेहतर ढंग से किया भी जा रहा है या नहीं। हालात तब बिगड़ते है जब यहां भर्ती मरीज की जान पर बन आती है। ऐसी विषम परिस्थितियों में परिजनों को अपने मरीज को डिस्चार्ज कराने के अलावा कुछ नहीं सूझता है। ऐसे में उनके पास ईश्वर का ही सहारा बचता है।

बेटी को गंभीर हालत में लेकर हैलट पहुंचे परिजन

मेडिकल काँलेज कैम्पस निवासी विजय कनौजिया एनाटॅमी विभाग में कार्यरत है। उनकी बेटी प्रिया को खून की उलटी होने पर रविवार दोपहर वो बेटी को गंभीर हालत में लेकर हैलट इमरजेंसी पहुंचे। हद तो तब हो गई जब अपना परिचय देने के बाद भी यहां बेटी के इलाज के लिए डॉक्टर उन्हें एक विभाग से दूसरे विभाग भटकाते रहे। बेटी के इलाज में हो रही देरी पर वो सीधे ईएमओ के पास गुहार लगाने पहुंचे। ईएमओ ने पूरी बात सुनने के बाद बगैर समय गवाएं

बेटी को भर्ती कराया तब कहीं जाकर इलाज शुरू हो सका

जालौन निवासी शिवनारायण ने अपने बुजुर्ग पिता रामनारायण को सांस की तकलीफ होने पर गंभीर हालत में कल्याणपुर क्षेत्र में स्थित एक निजी अस्पताल में दो दिन पूर्व भर्ती कराया था। बेटे के मुताबिक,वहां इलाज से संतुष्ट ना होने और बुजुर्ग की हालत बिगड़ने पर वो दोपहर पिता को लेकर हैलट इमरजेंसी पहुंचे और इलाज शुरू कराया।

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