SIT ने मैनपुरी नवोदय की प्रधानाचार्या को भेजा जेल:जांच में छात्रा से रेप की पुष्टि, मुख्य आरोपी का सुराग नहीं लगा सकी SIT, 300 से ज्यादा संदिग्धों की हो चुकी है DNA जांच

एक महीने पहले
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हाईकोर्ट की फटकार के बाद नवोदय - Dainik Bhaskar
हाईकोर्ट की फटकार के बाद नवोदय

मैनपुरी नवोदय विद्यालय में छात्रा की मौत के मामले में एसआईटी ने सोमवार को प्रधानाचार्या को जेल भेज दिया। उनके ऊपर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने, साक्ष्य छिपाने और पाक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। जबकि दोबारा फोरेंसिक जांच में छात्रा से रेप की पुष्टि होने के बाद भी एसआईटी मुख्य आरोपी का सुराग नहीं लगा सकी है। सवा दो साल से सिर्फ मामले की जांच चल रही है।

नवोदय विद्यालय मैनपुरी भोगांव।
नवोदय विद्यालय मैनपुरी भोगांव।

पुलिस, फिर IG और अब ADG की SIT के हाथ खाली
भोगांव स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में 16 सितंबर 2019 को कक्षा 11 की छात्रा की फांसी लगाने से मौत हो गई थी। इसके बाद भोगांव थाने में तत्कालीन प्रधानाचार्या सुषमा सागर, वार्डन और दो छात्रों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसके बाद छात्रा की स्लाइड जांच में मानव का सीमन मिला और रेप की पुष्टि हुई। फिर एफआईआर में रेप की धारा भी बढ़ाई गई। आशंका है कि छात्रा के दुष्कर्म हुआ। इससे परेशान होकर छात्रा ने खुदकुशी कर ली। पहले पुलिस, फिर आईजी व और अब एडीजी कानपुर जोन भानु भास्कर के नेतृत्व में गठित एसआईटी जांच कर रही है। सोमवार को एसआईटी ने प्रधानाचार्या सुषमा सागर को आत्महत्या के लिए प्रेरित करना, साक्ष्य मिटाने समेत अन्य गंभीर धाराओं में गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। जबकि एसआईटी अब तक मुख्य आरोपी का सुराग तक नहीं लगा सकी है। प्रधानाचार्या को जेल भेजने के बाद चर्चा रही कि हाईकोर्ट की सख्ती के बाद दबाव में आई एसआईटी ने प्रधानाचार्य को जेल भेजा है।
300 से ज्यादा लोगों के DNA कराया फिर भी हाथ खाली
एडीजी की अध्यक्षता में गठित एसआईटी और पूर्व के जांच अफसरों ने करीब अब तक 300 संदिग्धों की डीएनए जांच करा डाली। इसके बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका। एसआईटी ने कॉलेज के एक-एक स्टाफ से लेकर छात्रा के ही सभी सगे संबंधियों का भी डीएन करा डाला लेकिन अभी भी पुलिस के हाथ खाली है।
प्रधानाचार्या समेत चार के खिलाफ दर्ज हुई थी FIR
मैनपुरी। छात्रा की मौत के मामले में पहले स्कूल की प्रधानाचार्या (तत्कालीन) सहित चार लोगों के खिलाफ हत्या, पॉक्सो व दुष्कर्म की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पूर्व में जांच के दौरान हत्या की धारा को आत्महत्या के लिए मजबूर करने की धारा में तरमीम किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी हैंगिंग की पुष्टि हुई थी। तब से जांच जारी है। सोमवार को तत्कालीन प्रधानाचार्या की गिरफ्तारी होने से अन्य लोगों को भी गिरफ्तारी कर डर सता रहा है।
SIT में ADG के साथ अफसरों की लंबी फौज
दो साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी मैनपुरी में छात्रा की रेप के बाद हत्या का खुलासा नहीं होने पर हाईकोर्ट ने डीजीपी को तलब किया था। इसके बाद मामले में सख्ती से जांच कर खुलासे का आदेश दिया था। इसके बाद एडीजी कानपुर भानु भास्कर की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया। इसमें आईजी (एटीएस) लखनऊ जीके गोस्वामी, तत्कालीन आईजी कानपुर मोहित अग्रवाल, एसपी मैनपुरी अशोक कुमार राय, एएसपी (एसटीएफ) आगरा यूनिट राकेश यादव और सीओ कानपुर देहात तनु उपाध्याय सदस्य बनाए गए हैं। टीम में शामिल महिला सीओ को मामले का विवेचक बनाया गया है।

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