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योगी की कथित टूलकिट मामला:राजनीतिक साजिश के एंगल से हो रही जांच, 6 से अधिक संदिग्धों की कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस

कानपुर4 महीने पहले
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टूल किट मामले में गिरफ्तार आशीष पांडेय की पत्नी डॉ. प्रीति वर्मा उत्तर प्रदेश बाल संरक्षण आयोग की सदस्य हैं। उन्होंने ट्वीट करके सीएम योगी से इस मामले में मुलाकात करने की बात कही है। - Dainik Bhaskar
टूल किट मामले में गिरफ्तार आशीष पांडेय की पत्नी डॉ. प्रीति वर्मा उत्तर प्रदेश बाल संरक्षण आयोग की सदस्य हैं। उन्होंने ट्वीट करके सीएम योगी से इस मामले में मुलाकात करने की बात कही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कथित टूलकिट मामले की जांच जारी है। मामले में दो आरोपियों को जेल भेजने के बाद पुलिस राजनीतिक साजिश के एंगल पर भी जांच-पड़ताल कर रही है। आरोपियों की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रहा है। वहीं, आरोपी आशीष पांडेय की पत्नी डॉ. प्रीति ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात का मौका देने की मांग की है।

डॉ. प्रीति का ट्वीट-
आरोपी आशीष पांडेय की पत्नी डॉ. प्रीति वर्मा उत्तर प्रदेश बाल संरक्षण आयोग की सदस्य हैं। उन्होंने ट्वीट किया कि श्रद्धा, भक्ति और निष्ठा की शायद यही परीक्षा हो। योगी आदित्यनाथ जी से निवेदन है कि मुझे भी आपसे मिलकर मेरे पति का पक्ष रखने का मौका दिया जाए।

गिरफ्तार आरोपी आशीष पांडेय (घेरे में) की सीएम के साथ फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
गिरफ्तार आरोपी आशीष पांडेय (घेरे में) की सीएम के साथ फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

संदिग्धों की कॉल डिटेल तलाश रही पुलिस

पुलिस ने भले ही एक-दूसरे की कंपनी को बदनाम करने की नीयत से एडिट ऑडियो की बात कहकर खुलासा कर दिया है। लेकिन इसके पीछे गिरफ्तार आशीष पांडेय और हिमांशु सैनी को जेल भेजने के बाद अब पुलिस उनका दूसरी राजनीतिक पार्टियों से कनेक्शन तो नहीं इसको भी तलाश रही है। इस वजह से दोनों आरोपियों के साथ ही 6 से अधिक संदिग्धों की कॉल डिटेल का एनालिसिस किया जा रहा है। व्हाट्सएप कॉल और इंटरनेट कॉल की भी जांच की जा रही है।

फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट का इंतजार

फॉरेंसिक टीम ऑडियो को कहां-कहां से एडिट किया है और वाइस चेंजर ऐप का कहां इस्तेमाल हुआ है। इसके बारे में अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है। क्राइम ब्रांच द्वारा फॉरेंसिक लैब से इसकी डीटेल मांगी गई है। डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने बताया कि अन्य राजनीतिक पॉर्टियों से आरोपियों के कनेक्शन की जांच की जा रही, लेकिन अभी तक ऐसा कुछ भी नहीं मिला है।

वहीं, दूसरी तरफ जो एडिट हुआ टेप था, वह किसको कब और कैसे भेजा गया? इसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इसके पास भी वह टेप पहुंचा, उसे वायरल करने में उसकी क्या भूमिका रही, इसके बारे में भी पता लगाया जा रहा है। इसमें कुछ अहम सबूत क्राइम ब्रांच के हाथ लगे हैं। जिन्हें जल्द जांच कर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

मामले में गिरफ्तार आरोपी को पहले अच्छे काम के लिए सम्मानित भी किया जा चुका है। फोटो-सोशल मीडिया
मामले में गिरफ्तार आरोपी को पहले अच्छे काम के लिए सम्मानित भी किया जा चुका है। फोटो-सोशल मीडिया

मनमोहन को अभी क्लीनचिट नहीं

पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने बताया कि सीएम की सोशल मीडिया को देखने वाले मनमोहन सिंह को फिलहाल पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। लेकिन उन्हें अभी क्लीनचिट नहीं दी गई है। इसके साथ ही ट्वीट करने वाली महिला पत्रकार को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

ये है पूरा टूल किट मामला...

दरअसल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कुछ दिन पहले एक कथित टूल किट सामने आया था। इसको लेकर सीएम योगी का सोशल मीडिया अकाउंट्स संभालने वाली टीम विवादों में घिर गई थी।इस टूल किट में एक ऑडियो वायरल हुआ है। इसमें मुख्यमंत्री के सपोर्ट में ट्वीट करने पर दो रुपए देने की बात कही जा रही है। यह कथित ऑडियो मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया अकाउंट को संभालने वाली टीम के सदस्यों की बताई जा रही थी। इसे रिटायर्ड IAS सूर्य प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है।