40 साल के बाद नियमित कराएं ग्लूकोमा की जांच:कानपुर ऑफ्थाल्मिक सोसाइटी ने दी सलाह आनुवंशिक होने पर सावधानी जरूरी

कानपुर6 दिन पहले
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जीएसवीएम में ग्लूकोमा और रेटिना की बीमारियों के संबंध में हुआ सेमिनार - Dainik Bhaskar
जीएसवीएम में ग्लूकोमा और रेटिना की बीमारियों के संबंध में हुआ सेमिनार

कानपुर ऑफ्थाल्मिक सोसाइटी की ओर से एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें ग्लूकोमा और रेटिना की बीमारियों के संबंध में जानकारी दी गई। जीएसवीएम कॉलेज की नेत्र रोग विशेषज्ञ प्रो. शालिनी मोहन ने बताया कि 40 वर्षों के बाद नियमित रूप से ग्लूकोमा की जांच कराना चाहिए। जिनके परिवार में ग्लूकोमा की समस्या है, उन्हें निश्चित तौर से इसकी जांच करानी चाहिए। यह आनुवंशिक भी हो सकता है। उधर, हृदय रोग संस्थान में रविवार को डॉक्टरों को वेंटीलेटर की तकनीकी जानकारी दी गई। उन्हें मोड और सेटिंग के बारे में बताया गया।

जांचों के बारे में विशेषज्ञों ने दी जानकारी

दिल्ली के मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज से ग्लूकोमा विशेषज्ञ प्रो. कीर्ति सिंह ने ग्लूकोमा ऑपरेशन की जानकारी दी। लखनऊ के रेटिना सर्जन डाॅ. शोभित चावला ने रेटिना की नवीनतम जांचे तथा उससे होने वाले फायदे के बारे में नये शोध बताये। कानपुर के रेटिना सर्जन डा. सुकांत पांडेय ने आंख की एंजियोग्राफी के बारे में विस्तार पूर्वक समझाया। कार्यक्रम के चेयरमैन डाॅ. एम सी सक्सेना, डाॅ. शरद बाजपेयी एवं डाॅ. अतुल धवन रहे। संचालन डाॅ. मनीष सक्सेना ने किया। इस दौरान कानपुर नेत्र सोसाइटी के सेक्रेटरी डाॅ. रूचिका अग्रवाल , डाॅ. लोकेश अरोड़ा, डाॅ. संगीता शुक्ला , डाॅ. मोहित खत्री, डाॅ. पारुल सिंह तथा अन्य भी रहे।

डॉक्टरों को दी वेंटीलेटर की तकनीकी जानकारी

हृदय रोग संस्थान में एक वर्कशॉप आयोजित की गई। जिसमें निजी संस्थानों के डॉक्टरों को वेंटीलेटर की नई तकनीकी की जानकारी दी गई। संस्थान के निदेशक डॉ. विनय कृष्ण, रीजेंसी हॉस्पिटल के चेस्ट विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह और डॉ. डीके सिन्हा उपस्थित रहे। मुरारी लाल चेस्ट हॉस्पिटल के विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद कुमार, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के एनेस्थिशिया विभाग के प्रो. अनिल वर्मा ने डॉक्टरों को प्रशिक्षण दिया। प्रो. अनिल वर्मा ने बताया कि जिस तहर गंभीर रोगियों की संख्या बढ़ रही है, उसे देखते हुए सरकार भी हर जिले में आईसीयू और मेडिकल कॉलेज बढ़ाने होंगे। मरीजों को जीवन रक्षा के लिए वेंटीलेटर का उपयोग बढ़ने वाला हैं।

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