जनसमस्याओं को लेकर कांग्रेस का धरना:स्मार्ट सिटी का वायदा कर नरक सिटी बना दिया कानपुर, करोड़ो खर्च के बाद भी जनसमस्याओं का अंबार

कानपुरएक वर्ष पहले
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जन समस्याओं को लेकर धरना देते दक्षिण कांग्रेस के पदाधिकारी - Dainik Bhaskar
जन समस्याओं को लेकर धरना देते दक्षिण कांग्रेस के पदाधिकारी

महानगर वासियों को मूलभूत समस्याओं के अभाव में संघर्ष करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में जगह-जगह जलभराव है। करोड़ों खर्च के बाद भी सीवर और नालिया साफ नहीं हो पाई है। जिसके चलते हैं, लोगों की दुश्वारियां बढ़ी हुई है और उनका जीवन नर्क ही बना हुआ है। इन्हीं सब समस्याओं को लेकर कांग्रेस दक्षिण इकाई ने आज धरना प्रदर्शन कर अपना विरोध व्यक्त किया।

स्मार्ट सिटी के नाम पर नरक सिटी बना दिया

स्मार्ट सिटी बनाए जाने की हवा-हवाई घोषणा के कई साल बीत जाने के बाद भी आज कानपुर नरक सिटी बन गया है। दक्षिण दक्षिण कांग्रेस के अध्यक्ष शैलेंद्र दीक्षित ने आरोप लगाया कि जनता अपनी मूलभूत सुविधाओं जैसे सीवर, नाली, पीने का पानी आदि के लिए परेशान है। इसी के चलते पार्टी कार्यकर्तायों ने समस्याओं के विरोध में जूही कुएँ वाले चौराहे पर सरकार के विरोध में एक धरने का आयोजन किया। क्षेत्र की समस्याओं से जल्दी निजात दिलाने की मांग की।

वाटर सप्लाई में लीकेज से आता है सीवर का पानी

शैलेन्द्र दीक्षित ने बताया कि क्षेत्र की कॉलोनियों में लगभग 50 साल पुरानी सीवर लाइन पड़ी हुई है, जो पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। जिससे सीवर का गंदा पानी नालियों के माध्यम से सर्विस लेन में बहता रहता है। प्रशासन द्वारा सर्विस लेन की सफाई बंद कराई जा चुकी है। जिससे सर्विस लेन की नालियां पूरी तरह चोक हैं। नालियों का गंदा पानी लोगों के घरों में भर जाता है। पीने के पानी की पाइप लाइन भी जर्जर हो चुकी है और कई जगह से लीकेज के कारण नाली का पानी घरों की टोटियों से आता है। जिसकी शिकायत कई बार जल निगम से की जा चुकी है, लेकिन इस तरफ सरकार का कोई ध्यान नहीं जाता।

नाला सफाई में नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति

शैलेन्द्र दीक्षित ने आरोप लगाया कि घरों के सामने बहने वाले नालों की सफाई के नाम पर नगर निगम सिर्फ कागजी खानापूर्ति करता है। दिखावे के लिए बरसात के समय नालों की सफाई करवाई जाती है। नालों की सिल्ट बारिश के पानी के साथ वापस नाले में चली जाती है। बिजली विभाग द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के फाल्ट के नाम पर घंटों बिजली कटौती कर दी जाती है। डॉ दीक्षित ने धरने के माध्यम से सरकार से मांग की, कि श्रमिक कालोनियों को उनकी मूल लागत पर वहाँ रहने वालों के नाम किया जाये। क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिये जल्द ही एक कार्य योजना बनाई जाये, सर्विस लेन की सिल्ट हटायी जाये और सर्विस लेन में इंटरलॉकिंग करवायी जाये।

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