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डेंगू का कहर जारी बुखार से तीन और मौतें:कुरसौली गांव के सबसे बुरे हालात, स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव के अंदर नहीं आती, गाँव छोड़ कर भाग रहे ग्रामीण

कानपुर3 महीने पहले
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कुरसौली गांव का माध्यमिक विद्यालय - Dainik Bhaskar
कुरसौली गांव का माध्यमिक विद्यालय

शहर में डेंगू और वायरल बुखार दिन पर दिन अपना घातक रूप दिखाता जा रहा है। मंगलवार को इस बुखार और डेंगू से तीन मौतें और रिपोर्ट हुई है। शहर में सबसे ज्यादा हालत खराब कुरसौली गांव की है,जहां आज एक मौत बुखार के चलते हुई है। सोमवार तक कुरसौली गांव और चकेरी में तीन लोगों की मौत हुई थी। उन्हें कई दिनों से बुखार आ रहा था। परिजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। कुरसौली में अब तक 13 लोग दम तोड़ चुके हैं। गांव के तीन सौ से ज्यादा लोग वायरल बुखार या फिर डेंगू की चपेट में हैं।

पिछले 60 सालों में ऐसा नहीं देखा...
कुरसौली गांव में हुई 13 मौतों के बाद यहां पर ग्रामीण खौफज़दा है, कुछ बुजुर्गों ने बताया कि पिछले 60 सालों में ऐसा मंज़र कभी नहीं देखा। गांव की गलियां में पसरा सन्नाटा इसका साबुत है। लोग अपना घर छोड़ पलायन करने को मजबूर है। अभी भी गांव के 300 से ज्यादा लोग वायरल बुखार या फिर डेंगू की चपेट में है।बीमारियों के प्रकोप के चलते इस गांव के लोग अब सुरक्षित ठिकानों की तरफ जा रहे हैं। अपने बच्चों और परिजनों की जान बचाने के लिए आधा गांव पलायन कर चुका है। गांव के घरों में लटके ताले इस बात का सबूत देते है कि ग्रामीण इन बीमारियों से कितना खौफ में है।

ग्रामीणों के पलायन के बाद घरों पर लटके ताले
ग्रामीणों के पलायन के बाद घरों पर लटके ताले

गांव में 30 लोगों में डेंगू की पुष्टि...
शहर के सीएमओ डॉ नेपाल सिंह के मुताबिक गांव में अब तक डेंगू से एक भी मौत नहीं हुई है, लेकिन गांव वालों की माने तो डेंगू के 30 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है जबकि गांव वालों की माने तो 13 लोग मौसमी बुखार से अपनी जान गवा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम पिछले 15-20 दिनों से गांव में कैंप कर रही है। लेकिन गांव वालों का भरोसा स्वास्थ्य विभाग से पूरी तरह उठ चुका है। गांव वालों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच के लिए सैंपल लेती है लेकिन रिपोर्ट नहीं देती मरीज को उसका बीमारी के बारे में बताया ही नहीं जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग 23 अगस्त से यहां पर है लेकिन मौतों का सिलसिला रुक नहीं रहा...
कुरसौली गांव में 23 अगस्त से स्वास्थ्य विभाग की टीम उच्च माध्यमिक विद्यालय में कैम्प कर रही है। यहां के प्रभारी डॉ धर्मवीर प्रताप की मानें तो अब तक सिर्फ 287 मरीजों को देखा गया है जिसमें 267 मरीज मौसमी बुखार के हैं। डेंगू की 151 जांच हुई है गांव में मलेरिया की 210 स्लाइड्स बनवाई गई है। 139 जांचे कोरोना की कराई गई है। डेंगू के अब तक 30 पॉजिटिव केसेस मिल पाए हैं। सभी ठीक हैं डेंगू मलेरिया सीबीसी और कोरोना जांच कराई जा रही है। मरीजों में डेंगू मलेरिया बुखार की तस्दीक होने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर संपर्क कर रही है। और उनको रिपोर्ट भी बताई जा रही है।

कुरसौली गांव में वीरान पड़ी गलियां
कुरसौली गांव में वीरान पड़ी गलियां

स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव के अंदर नहीं आ रही...
गांव वालों ने आरोप लगते हुए कहा है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम सिर्फ उन मरीजों का इलाज और सैंपल ले रही है जो स्कूल में जाते है। गांव में इस समय 300 से ज्यादा लोग डेंगू और बुखार से पीड़ित है उनकी जांच ही नहीं की जा रही है। जब उन बीमार के परिजन टीम के पास पहुंचते है तो वह लोग मरीज को स्कूल लाने की बात कहते है।

कुरसौली गांव स्कूल बंद...
अभी हाल ही में छोटे बच्चों ऑफलाइन क्लासेस शुरू हुई थी, लेकिन डेंगू और बुखार के चलते इस गांव में स्कूल बंद कर दिए गए है। साथ ही जो बच्चे बाहर के स्कूलों में पढ़ने जाते थे उन्हें भी उनके घर वाले स्कूल नहीं भेज रहे है।

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