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कानपुर में नहीं निकलेगी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा:पुरी की तरह 212 साल से निकाली जाती है यात्रा, कोविड के चलते लगातार दूसरे साल भी नहीं होगा आयोजन

कानपुर20 दिन पहले
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कोरोना को देखते हुए जनरलगंज स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर की के तीनों मंदिरों की कमेटियों ने यह निर्णय लिया है। - Dainik Bhaskar
कोरोना को देखते हुए जनरलगंज स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर की के तीनों मंदिरों की कमेटियों ने यह निर्णय लिया है।

उत्तर प्रदेश के कानपुर में निकलने वाली भगवान जगन्नाथ प्रभु की ऐतिहासिक रथयात्रा इस बार भी नहीं निकाली जाएगी। पुरी की तर्ज पर हर साल रथयात्रा का आयोजन किया जाता है। कोरोना को देखते हुए जनरलगंज स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर की के तीनों मंदिरों की कमेटियों ने यह निर्णय लिया है। मंदिर के अंदर भी श्रद्धालुओं को जाने की परमिशन नहीं होगी। बता दें कि 212 साल से रथयात्रा का आयोजन किया जा रहा है।

श्रद्धालुओं को सोशल मीडिया के जरिए भगवान जगन्नाथ के दर्शन कराए जाएंगे। जनरलगंज स्थित जगन्नाथ जी की गली में लगातार दूसरे वर्ष रथयात्रा न निकाले जाने को लेकर श्रद्धालुओं उदास हैं, लेकिन कोरोना की वजह से हर कोई इस निर्णय को सही मान रहा है।

इस बार भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा 12 और 13 जुलाई को निकाली जानी थी। रथयात्रा के आयोजन को लेकर कलक्टरगंज थाना में बैठक भी हुई, जिसमें बिरजी भगत मंदिर, बाई जी का मंदिर और उमा जगदीश मंदिर की कमेटी पदाधिकारी आदि शामिल हुए।

मीटिंग में लिया गया फैसला

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए लगातार दूसरे साल भी रथयात्रा को नहीं निकाली जाएगी। रथयात्रा के आयोजक ज्ञानेंद्र विश्नोई ने बताया कि 12 जुलाई को आषाढ़ सूदी दूज के दिन किसी भी मंदिर में श्रद्धालुओं को आने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, इन सभी मंदिरों में सभी अनुष्ठान और श्रृंगार वैदिक रीति के अनुसार ही होंगे।

श्रद्धालुओं को भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और दाऊ बलभद्र जी के दर्शन सोशल मीडिया के जरिए कराए जाएंगे। बैठक में सहायक पुलिस आयुक्त सुक्ष्म प्रकाश, प्रभारी निरीक्षक कलक्टरगंज संजीव कुमार मिश्र, मोहन लाल गुप्ता, ज्ञान प्रकाश ओमर, ज्ञानेन्द्र गुप्ता, गोपाल जी गुप्ता सहित अन्य मौजूद रहे।

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