मनीष हत्याकांड; 6 सवालों में छलका पत्नी का दर्द:मीनाक्षी बोलीं- मेरा सुहाग उजाड़कर, 4 साल के बच्चे के सिर से हटा दिया पिता का साया, सजा दिलाकर रहूंगी

कानपुर4 महीने पहले

गोरखपुर में 4 दिन पहले (27 सितंबर की रात) पुलिस ने कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता को होटल में जांच के नाम पर इस कदर पीटा कि उनकी जान चली गई। इस मामले में यूपी में सियासत जारी है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मनीष के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मनीष की पत्नी मीनाक्षी से फोन पर बात की। सीएम योगी कानपुर पहुंचे तो उन्होंने भी मीनाक्षी से मिलकर उन्हें दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया।

मीनाक्षी को कानपुर विकास प्राधिकरण में ओएसडी की नौकरी मिलेगी? इसके अलावा जांच, मुआवजा की भी मांग सरकार ने मान ली है, लेकिन..एक बड़ा सवाल है क्या इससे मनीष की मौत का गम और गुस्सा कम होगा? दैनिक भास्कर ने मीनाक्षी से बात की। बीते चार दिनों में उन पर क्या गुजरी है..? क्या अब वे सरकार के आश्वासन से संतुष्ट हैं...? पति के हत्यारों को सजा कैसे दिलाएंगी...? जैसे 6 सवाल पूछे। मीनाक्षी फफक पड़ीं। उन्होंने कहा, जिससे सुरक्षा की उम्मीद रहती है, उन लोगों ने ही मेरे पति को बेरहमी से मार डाला। पति को हर हाल में इंसाफ दिलाकर रहूंगी।

भाजपा विधायक सुरेंद्र मैथानी ने मीनाक्षी को 10 लाख का चेक दिया है। मुआवजे की राशि और बढ़ाने का आश्वासन दिया गया है।
भाजपा विधायक सुरेंद्र मैथानी ने मीनाक्षी को 10 लाख का चेक दिया है। मुआवजे की राशि और बढ़ाने का आश्वासन दिया गया है।

सवाल-1: जिम्मेदारों ने ही आपके पति की हत्या की है?
जिससे पब्लिक को सुरक्षा की उम्मीद रहती है, उन्हीं ने मेरे पति को बेरहमी से मार डाला। दोषी पुलिसकर्मियों का उनके अधिकारी सपोर्ट कर रहे थे, जो मेरे लिए चुनौतीपूर्ण था। मेरे ऊपर जो बीत रही है, उसे सिर्फ मैं ही समझ सकती हूं। पति को हर हाल में इंसाफ दिलाकर रहूंगी। चाहे जितना भी संघर्ष करना पड़े।

सवाल-2: क्या आपके ऊपर दबाव बनाया गया कि मुकदमा न करें?
मैंने पूरे परिवार को गोरखपुर बुला लिया था, क्योंकि मैं समझ गई थी कि पति की मौत नहीं हत्या हुई है। उन्होंने सिर्फ मेरा सुहाग ही नहीं उजाड़ा है, बल्कि एक बूढ़े बाप का सहारा और 4 साल के मासूम के सिर से पिता का साया भी छीना है। सिर्फ मेरे ऊपर नहीं, बल्कि पूरे परिवार पर दबाव बनाया था। साफ-साफ कहा गया था कि मामले में FIR दर्ज नहीं करेंगे। क्योंकि वो ऑन ड्यूटी थे। शासन-प्रशासन तक मामले की आवाज उठाने पर अफसर हरकत में आए।

सवाल-3: अब परिवार की जिम्मेदारी आप पर है, कैसे करेंगी ?
सीएम योगी ने मेरा सहयोग किया है। मुझे सरकारी नौकरी दी है। कानपुर विकास प्राधिकरण में OSD का पद मिला है। बच्चे की परवरिश के लिए 10 लाख का चेक भी दिया है। बड़े भाई व परिवार के मुखिया की तरह उन्होंने रोल निभाया है। सीएम ने मामले की जांच के लिए एक स्पेशल टीम नियुक्त करने की बात भी कही है। इससे निष्पक्ष जांच हो सकेगी। सीएम के इस सहयोग से कुछ राहत मिली है।

सवाल-4: गोरखपुर पुलिस पर आरोप है और पुलिस ही जांच करेगी?
मुझे पुलिस वालों पर भरोसा नहीं है। वो भी गोरखपुर क्षेत्र की पुलिस पर तो बिलकुल भी नहीं। हमने दोषी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है। सीएम ने मामले की जांच CBI से कराने का आश्वासन भी दिया है। हालांकि, कानपुर पुलिस सहयोग कर रही है।

सवाल-5: CM से मिलकर और उनके आश्वासन से संतुष्ट हैं आप?
मुझे सीएम पर पूरा यकीन है। वो 4 साल के बच्चे के साथ अन्याय नहीं करेंगे। खासकर तब जब बच्चा सिर्फ पापा का नाम पूछने पर ही बिलखने लग रहा हो। सीएम इतने कठोर नहीं हैं। सीएम से मिलकर मुझे पूरा भरोसा हो गया है।

सवाल-6: घटना के बाद से आप और परिवार क्या सो पाता है? या अभी भी पुलिस का डर सताता है?
चार रातों से नहीं सोई हूं। जब भी आंखें बंद करती हूं, पति को न्याय दिलाने की बात जेहन में उठती है। पति तो अब इस दुनिया में नहीं रहे। मगर उन्हें न्याय दिलाने के लिए सिस्टम हो या फिर पुलिस...लड़ूंगी। बस मुझे पति को न्याय दिलाना है। उनके आरोपियों को सजा दिलानी है।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को मीनाक्षी और उनके परिवार से मुलाकात की थी।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को मीनाक्षी और उनके परिवार से मुलाकात की थी।

चेकिंग के बहाने होटल में घुसी पुलिस, पीट-पीटकर मनीष को मारने का आरोप
कानपुर के रियल एस्टेट कारोबारी मनीष गुप्ता (36) गुरुग्राम के दो दोस्तों के साथ गोरखपुर कंपनी के काम से गए थे। 27 सितंबर की देर रात चेकिंग के बहाने होटल में घुसी पुलिस से मनीष और उनके दोस्तों से कहासुनी हो गई थी। इसके बाद पुलिस की पिटाई से मनीष की मौत हो गई। आरोप है कि जांच का विरोध करने पर पुलिसकर्मियों ने उनकी बेरहमी से पिटाई की थी। उनके दोस्तों को भी पीटा था।

हालत खराब होने के बाद पुलिस मनीष को मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंची। जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने मनीष को मृत बताया। इसके बाद कानपुर से मनीष की पत्नी और परिवार के लोग पहुंचे। पत्नी की तहरीर पर रामगढ़ ताल थाने में SHO जगत नारायण सिंह, सब इंस्पेक्टर अक्षय मिश्रा और सब इंस्पेक्टर विजय यादव को नामजद किया गया। नामजद तीन पुलिसकर्मियों समेत 6 को सस्पेंड कर दिया गया।

परिवार का इकलौता सहारा था मनीष
कानपुर बर्रा-3 निवासी नंद किशोर गुप्ता घर में सिलाई का काम करते हैं। तीन साल पहले उनकी पत्नी उमा की बीमारी के कारण मौत हो गई थी। वह बेटे मनीष गुप्ता (38), बहू मीनाक्षी और पोते अभिराज (4 साल) के साथ रहते हैं। वहीं, दो शादीशुदा बेटियां शिवानी और डॉली हैं। शिवानी ने बताया कि भाई मनीष पहले आगरा में एक रियल एस्टेट कंपनी में काम करते थे। डेढ़ माह से लखनऊ की एक कंपनी में काम कर रहे थे और लोगों को मत्स्य पालन की जानकारी देते थे। उसी सिलसिले में वे गोरखपुर गए थे।

मनीष गुप्ता गोरखपुर में एक होटल में ठहरे थे।- फाइल फोटो
मनीष गुप्ता गोरखपुर में एक होटल में ठहरे थे।- फाइल फोटो

टाइम लाइन में जानिए कब क्या हुआ

  • 27 सितंबर की देर रात गोरखपुर के होटल में पुलिस वालों पर मनीष को पीट-पीटकर मारने का आरोप।
  • 28 सितंबर को पोस्टमॉर्टम के बाद तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की FIR और 6 को सस्पेंड किया गया।
  • 29 सितंबर की सुबह परिजन शव लेकर कानपुर पहुंचे। सीएम से मिलने की जिद पर अड़े थे। अंतिम संस्कार करने से भी इनकार किया।
  • 30 सितंबर सुबह 5 बजे मनीष का अंतिम संस्कार किया गया। 11:30 बजे सपा अध्यक्ष अखिलेश पीड़ित परिवार से मिले। 20 लाख मुआवजा देने की बात कही।
  • दोपहर 2:45 बजे मनीष की पत्नी से सीएम योगी आदित्यनाथ मिले और उनकी सभी मांगों को पूरा करने का भरोसा दिलाया।
  • शाम 6:30 बजे प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) के अध्यक्ष शिवपाल यादव परिवार से मिलने पहुंचे।
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