हैलट अस्पताल के ओपीडी का सर्वर डाउन:मैन्युअल तरीके से बने परचे, भीषण गर्मी में मरीज और तीमारदार हुए परेशान

कानपुरएक वर्ष पहले
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हैलट अस्पताल की ओपीडी - Dainik Bhaskar
हैलट अस्पताल की ओपीडी

हैलट अस्पताल की ओपीडी मंगलवार को खुली लेकिन सर्वर न चलने की वजह से वहां आए मरीजों और उनके साथ आये तीमारदरों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। जब सुबह 12 बजे तक सर्वर नहीं ठीक हो सका तो मैन्युअल तरीके से काउंटर से परचा बाटनें का काम शुरू हो पाया।

सर्वर न चलने की वजह से देर से शुरू हुई ओपीडी...
हैलट में सुबह से ही सर्वर डाउन होने की वजह मरीजों और तीमारदरों की भारी भीड़ ओपीडी सेंटर में जुटने लगी जुट गई। ओपीडी परचा काउंटर पर लम्बी लाइन देख कंप्यूटर ऑपरेटर भी अपनी कुर्सी छोड़ निकला। भीषण गर्मी प्रकोप से लाइन में लगे लोग बेहाल दिखे। डॉक्टरों के दखल देने के बाद काउंटर मैन्युअल परचा बनन शुरू किया गया। इस बीच ओपीडी के लिए बैठे डॉक्टर भी परेशान रहे क्योंकि तय कोटे के हिसाब से एक समय पर अधिक मरीज उनके पास पहुंचने लगे।

मेडिसिन डिपार्टमेंट में रही सबसे ज्यादा भीड़...
सबसे अधिक भीड़ मेडिसिन डिपार्टमेंट मई रही। दरअसल हैलट में कानपुर से लगे 6 से 7 जिलों के मरीज आते है। मेडिसिन डिपार्टमेंट में आए लोगों में से ज्यादातर मरीज भीषण गर्मी की वजह से बीमार पाए गए। ओपीडी में बैठे डॉक्टरों का मानना है कि यह मरीज भीषण गर्मी की वजह से बीमार हुए है। ज्यादातर मरीजों बुखार, पेट की तकलीफ, कमजोरी और थकान की शिकायत थी।

गर्मी की वजह से हो रही है बीमारियां
मेडिसिन डिपार्टमेंट के सीनियर प्रो जेएस कुशवाहा ने बताया कि, यहां आने वाले ज्यादातर मरीजों को पेट की दिक्कत है, साथ ही इनके शरीर में कमजोरी है। इसकी मुख्य वजह खानपान में लापरवाही बरतना है. इतनी गर्मी में अगर कोई भी बाहर का खाना खाता है तो उसे पेट की दिक्कत हो ही जाती है। कई मरीज तो हीट स्ट्रोक का शिकार भी हुए है। जब उनसे ओपीडी के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया, डॉक्टरों से जितना हो पा रहा है हम लोग कर रहे है। साथ ही एक समय पर 150 से 200 मरीजों को देखने में बहुत मुश्किल हो रहीं है।

हैलट अस्पताल के क्या है ओपीडी के नियम...
कोरोना की दूसरी लहर के थमने के बाद हैलट अस्पताल में पिछले 20 दिन पहले ओपीडी शुरू की गयी थी। हैलट अस्पताल में प्रत्येक ओपीडी में रोजाना 100 मरीज देखे जाने थे, लेकिन मरीजों की संख्या ज्यादा होने की वजह से ओपीडी में डॉक्टर रोजाना 150 से 200 मरीजों को देख रहे है। कोविड नियमों का भी पालन किया जा रहा है। टेलीफ़ोन से पहले एप्पोइंटमेंट लेने की सुविधा भी अस्पताल द्वारा दी गई है। जिन विभागों की ओपीडी शुरू हो गई है उनमें मेडिसिन, सर्जरी, सर्जरी, बाल रोग, गायनी, नेत्र रोग, स्किन रोग, आर्थोपेडिक सर्जरी और ईएनटी आते है।

हैलट में उड़ी सोशल डिस्टन्सिंग की धज्जियां
हैलट में ओपीडी सेंटर पर उड़ी सोशल डिस्टन्सिंग की धज्जियां। दरअसल लाइन में लगे लोगों ने गर्मी से बेहाल होकर अपने मास्क तक उतार कर जेब में रख लिए। लाइन में लगे कई मरीज ऐसे भी थे जो बगैर मास्क के ही अस्पताल आ गए। प्रमुख अधीक्षक प्रो. रिचा गिरि का कहना है कि सोशल डिस्टेंस और मास्क को लेकर लोगों को इमरजेंसी में लगे पब्लिक एड्रेस सिस्टम से बताया जा रहा है उसके बाद भी इसका पालन कोई नहीं कर रहा है।

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