मंडी शुल्क वापसी को लेकर हुआ विरोध:वाहन जुलूस निकाल सौपा ज्ञापन, मांग पूरी नही होम पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

कानपुर5 महीने पहले
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मंडी शुल्क के विरोध में व्यापारियों ने वाहन जुलूस निकालकर किया प्रदर्शन - Dainik Bhaskar
मंडी शुल्क के विरोध में व्यापारियों ने वाहन जुलूस निकालकर किया प्रदर्शन

उप्र में मंडियो के बाहर लागू किये गए मंडी अधिनियम व मंडी शुल्क वापस करने को लेकर व्यापारियों ने वाहन जुलूस निकालकर ज्ञापन सौंपा। विरोध प्रदर्शन के दौरान व्यापारी नारेबाजी करते नजर आए। उन्होंने मांग रखी कि हर हाल में प्रदेश में लागू किए गए मंडी शुल्क को वापस किया जाए। कोरोना काल में सरकार राहत देने के बजाय और शुल्क बसूली करती जा रही है। जिससे कारोबारियों का हाल काफी बुरा है। व्यापारियों ने कहा इससे चीजें महंगी होंगी, जिसका असर आम जनता पर होगा। इसलिए आम जनता का ख्याल करते हुए इस शुल्क को लागू किया जाना पूरी तरह से अन्याय पूर्ण है। विरोध प्रदर्शन भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की तरफ से आयोजित किया गया था।

शुल्क वापसी को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा

भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने मंडियो के अंदर मंडी शुल्क वापस किये जाने की मांग को लेकर भारत माता प्रतिमा स्थल घण्टाघर से विरोध जुलूस निकाला। यह जुलूस नयागंज, बिरहाना रोड होते हुए फूलबाग गया। व्यापारियों ने दोपहिया वाहन जुलूस निकालकर प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसीपी को सौंपा।
इस बीच वाहन जुलूस में व्यापारी मंडी शुल्क समाप्त करो-समाप्त करो के नारे भी लगा रहे थे।

कृषि कानून वापसी के बाद शुल्क लागू किया,

समापन पर संबोधित करते हुए भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश वरिष्ठ महामंत्री ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि देश में 1 दिसम्बर 2021 को कृषि कानूनो की वापसी के बाद यूपी में 10 दिसम्बर को मंडियो के बाहर मंडी शुल्क लागू कर दिया गया। जो कि कृषि उत्पाद से जुड़े मंडियो के बाहर व्यापार कर रहे गल्ला ,दलहन दालें ,गुड़ ,लकड़ी ,किराना आदि के व्यापारियों के हित मे नही है। उन्होंने कहा कि देश मे 1 जुलाई 2017 को प्रदेश व केंद्र के 17 टैक्स को समाहित करते हुए जी एस टी लागू होने के बाद मंडी शुल्क का कोई औचित्य नही रहा है। ऐसे में ये मंडी शुल्क कहीं न कही व्यापार में बाधा है। इस मंडी शुल्क को प्रदेश सरकार अपने स्तर से प्रदेश में समाप्त करना ही होगा।

इंस्पेक्टर राज को मिलेगा बढ़ावा

व्यापारियों ने कहा कि प्रदेश में मंडी अधिनियम के तहत 6 आर,9 आर ,गेट पास ,स्टॉक रजिस्टर सहित कई कागज़ात रखने होंगे। जो उचित नही है, इससे कृषि उत्पादों से जुड़े व्यापारियों को दिक्कत होगी और इससे इंस्पेक्टर राज व भ्र्ष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। इसलिए मंडियो के बाहर मंडी शुल्क वापस होना चाहिये। और मंडियो के अंदर भी केवल व्यवस्था चलाने के लिए मंडी शुल्क मात्र 0.25 प्रतिशत किया जाना चाहिए।