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कानपुर मेट्रो धुलेगी इटली के ब्रश से:इनके बीच से 3 किमी की रफ्तार से गुजरेंगे कोच, रात में होगी स्क्रीनिंग

कानपुरएक महीने पहले
मेट्रो ट्रेन संचालन के बाद डिपो में पहुंचने से पहले ही वॉश हो जाएगी।

कानपुर मेट्रो की सफाई के लिए इटली से ब्रश मंगाए जा रहे हैं। जल्द ही इनकी डिलीवरी भी हो जाएगी। इसके बाद ऑटोमैटिक वॉशिंग प्लांट का काम पूरा हो जाएगा। मेट्रो ट्रेन संचालन के बाद डिपो में पहुंचने से पहले ही वॉश हो जाएगी। इसके लिए डिपो से पहले ट्रैक पर वॉशिंग प्लांट तैयार किया जा रहा है। रात में हर एक कोच की सिक्योरिटी स्क्रीनिंग भी होगी।

धुलने के लिए होते हैं परफेक्ट

देश में पहली बार ट्विन पियर कैप का इस्तेमाल कर वॉशिंग प्लांट तैयार किया गया है
देश में पहली बार ट्विन पियर कैप का इस्तेमाल कर वॉशिंग प्लांट तैयार किया गया है

मेट्रो कोच की धुलाई के लिए इटली से मंगाए जा रहे ब्रेश बेहद खास होते हैं। इन ब्रश से ही बुलेट ट्रेनों की सफाई भी की जाती है। इन ब्रशों की लाइफ ज्यादा होने के साथ ही ये बेहद सॉफ्ट होते हैं। ये गोल-गोल पानी के शॉवर के साथ घुमेंगे, इनके बीच से 3 किमी. की रफ्तार से ट्रेन गुजरेगी और कोच धुलते जाएंगे। ट्रेन के बढ़ते ही ब्रश और शॉवर ट्रेन को धुलने के बाद सुखा भी देंगे।

5 मिनट में होगी सफाई
वॉशिंग प्लांट को मेट्रो डिपो के पास ही बनाया गया है। देश में पहली बार ट्विन पियर कैप का इस्तेमाल कर वॉशिंग प्लांट तैयार किया गया है। गीता नगर स्टेशन से जब मेट्रो ट्रेनें डिपो के अंदर जाएंगी तो डिपो के अंदर पहुंचने से पहले ही ये ट्रेन खुद साफ हो जाएंगी। डिपो में आते और जाते समय दोनों बार बाहर से अच्छे से धुलाई हो जाएगी। ट्रेन की सफाई में करीब 5 मिनट लगेंगे। दोनों साइड तीन-तीन ब्रश लगेंगे।

इस तरह ट्रैक के दोनों ओर लगाए जाएंगे वॉशिंग ब्रश।
इस तरह ट्रैक के दोनों ओर लगाए जाएंगे वॉशिंग ब्रश।

पानी होगा रिसाइकल
ट्रीटमेंट में धुलाई के बाद यूज हुए पानी को ट्रीट किया जाएगा। इसके लिए पॉलिटेक्निक डिपो में पानी को रिसाइकिल करने के लिए 2 ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किए गए हैं। वाशिंग प्लांट में ट्रेनों की सफाई और मेंटेनेंस शेड में ट्रेनों की मरम्मत आदि से निकलने वाले केमिकल युक्त पानी को रीसाइकल करने के लिए 70 हजार लीटर प्रतिदिन की क्षमता का ईटीपी लगाया गया है।

सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी तैयार
वाश रूम और फ्लोर की सफाई से निकलने वाले पानी को रीसाइकिल करने के लिए 10 हजार लीटर रोज की क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी तैयार किया गया है। मेट्रो में सभी जगहों पर यूज होने वाले को ट्रीट कर दोबारा यूज किया जाएगा।

2 ट्रेनों को किया जा रहा तैयार
आईआईटी से मोतीझील स्टेशन के बीच 6 ट्रेनों का संचालन होगा। इसमें 4 का संचालन होगा और 2 बैकअप में रहेंगी। मौजूदा समय में 2 ट्रेन संचालन के लिए तैयार हैं, जबकि 2 ट्रेनों को तैयार किया जा रहा है। वहीं सुरक्षा के तहत रोजाना संचालन बंद होने के बाद हर एक ट्रेन को स्कैन किया जाएगा।

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