• Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Kanpur
  • Metro Train Went From IIT To Halat Hospital For The First Time, RDSO Team Did Trial Late Evening, RDSO, Kanpur Metro, UPMRC, Metro Trail, IIT Kanpur, Hallet Hospital, Kanpur

90 की स्पीड में दौड़ी कानपुर मेट्रो:पहली बार आईआईटी से हैलट हॉस्पिटल तक गई मेट्रो ट्रेन, आरडीएसओ की टीम ने देर शाम किया ट्रायल

कानपुर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
आरडीएसओ की टीम ने 50, 70 और 90 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन का ऑक्सीलेशन टेस्ट शुरू किया। - Dainik Bhaskar
आरडीएसओ की टीम ने 50, 70 और 90 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन का ऑक्सीलेशन टेस्ट शुरू किया।

शुक्रवार देर शाम को पहली बार कानपुर मेट्रो 90 किमी. प्रति घंटे की मैक्सिमम स्पीड पर दौड़ी। रेलवे डिजाइन एंड स्टैंडर्ड आर्गनाइजेशन (RDSO) की टीम ने टेस्टिंग ट्रायल शुरू कर दिया है। आरडीएसओ की टीम ने 50, 70 और 90 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन का ऑक्सीलेशन टेस्ट शुरू किया। आईआईटी से हैलट के बीच में टेस्ट किया गया।

सबसे पहले ऑक्सीलेशन टेस्ट
एक मेट्रो ट्रेन आरडीएसओ को दे दी गई है। टीम ने करीब 100 से ज्यादा सेंसर ट्रेन में लगाए हैं। ट्रायल रन से पहले अन्य सभी तैयारियों को टीम ने पूरा कर लिया था। ऑक्सीलेशन टेस्ट में पहले कई स्पीड पर मेट्रो को चलाया जाएगा और रोका जाएगा। इसके बाद शनिवार को टीम सस्पेंशन का टेस्ट शुरू करेगी।

देर रात तक आरडीएसओ की टीम ने किए ट्रायल।
देर रात तक आरडीएसओ की टीम ने किए ट्रायल।

सिग्नल टेस्ट के अच्छे रिजल्ट
वहीं मेट्रो के अधिकारी दूसरी ट्रेन से सिग्नल टेस्टिंग कर रहे हैं। मेट्रो डिपो से आईआईटी मेट्रो स्टेशन तक 70 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन को दौड़ा कर सिग्नल टेस्ट किए गए हैं। ट्रेन का सिग्नल बेस्ड संचालन ऑटोमेटिक होगा, इसके लिए सिग्नल टेस्ट मेट्रो कोई चूक नहीं करना चाहती है। वहीं किसी भी सिक्योरिटी इमरजेंसी में ट्रेन अपने आप ही रुक जाएगी। 9 किमी. के रूट पर 29 सिग्नल लगे हैं।

आईआईटी मेट्रो स्टेशन पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है।
आईआईटी मेट्रो स्टेशन पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है।

तीसरी ट्रेन हुई रवाना
मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक शुक्रवार देर रात गुजरात सांवली प्लांट से मेट्रो की तीसरी ट्रेन भी रवाना हो गई। आईआईटी से मोतीझील के बीच 9 मेट्रो स्टेशन बने हैं। इनमें 6 ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। तीसरी ट्रेन आने के बाद असेंबलिंग होने के बाद उसे भी ट्रैक पर दौड़ा कर टेस्ट किया जाएगा। वहीं दूसरी ट्रेन सिग्नल टेस्ट में यूज की जा रही है। वहीं आईआईटी स्टेशन का काम पूरा हो चुका है।

खबरें और भी हैं...