बिल्हौर भाजपा विधायक और कार्यकर्ताओं में खींचतान बढ़ी:पार्टी के कार्यक्रमों में भाग नही लेते विधायक, पार्टी कार्यकर्ताओं ने लगाया उपेछा का आरोप, शीर्ष नेतृत्व गम्भीर

कानपुरएक महीने पहले
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कार्यक्रम के दौरान खाली पड़ी कुर्सियां, आगे की पंक्ति में कुछ लोगों के साथ बैठे भाजपा विधायक भगवती सागर। - Dainik Bhaskar
कार्यक्रम के दौरान खाली पड़ी कुर्सियां, आगे की पंक्ति में कुछ लोगों के साथ बैठे भाजपा विधायक भगवती सागर।

बिल्हौर विधानसभा से भाजपा विधायक भगवती प्रसाद सागर के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। विधायक के कराए विकास कार्यों को लेकर डीएम से भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। पिछले 5 सालों में पार्टी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप विधायक पर लग रहा है। विधायक और कार्यकर्ताओं के बीच की खींचतान भाजपा शीर्ष स्तर तक पहुंच गई है। चुनाव से पहले टिकट को लेकर यहां अटकले लगने लगी हैं।

विधायक सागर नही बन पाये भाजपाई
बसपा छोड़कर भाजपा का झंडा थामने वाले भगवती प्रसाद सागर पांच साल बाद भी पार्टी कार्यकर्ताओं से सामंजस्य नही बैठा पाये। अक्सर उनकी बैठकों और पंचायतों में जय भीम और ॐ बुद्धाय नमः के नारे ही गुंजायमान होते रहे है। पिछले एक साल से भाजपाई कार्यकर्ता खुल कर सामने आ गये है। उनके आरोप है कि भाजपाइयों की गांव गलियों को छोड़ कर बसपाईयों और सपाईयों के मोहल्लों को विकास कार्यों से रोशन करने का कार्य किया गया है। इस पर विधायक भगवती सागर का कहना है कि राजनीति में दूसरों को भी अपना बनाने कार्य करना होता है।

दिवाली महोत्सव के समापन पर नहीं पहुंचे भाजपाई
बिल्हौर पंचायत द्वारा आयोजित किये गये दिवाली महोत्सव कार्यक्रम के समापन पर मुख्य अतिथि के रूप में विधायक भगवती सागर को बुलाया गया था। जिस पर एक कवि सम्मेलन व मुशायरा का आयोजन किया था। विधायक देर तक कुर्सियों के भरे जाने और भाजपाइयों के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन भाजपा कार्यकर्ता पार्टी के कार्यक्रम से विधायक की मौजूदगी की वजह से दूरी बनाए रहे। भाजपा विधायक के उद्बोधन समाप्त होने के बाद जब वह चले गए तब क्षेत्रीय भाजपाइयों ने जाकर मुशायरे में भाग लिया। चुनावी वेला में बिल्हौर विधानसभा में भाजपा कार्यकर्ता और पार्टी विधायक के बीच दूरी लगातार बढ़ती ही जा रही है। इस पूरी उठा पटक में शीर्ष नेतृत्व भी निगाह गड़ाए हुए हैं। संभव है कि पार्टी नेतृत्व कार्यकर्ताओं की नाराजगी को देखते हुए कोई बड़ा निर्णय ले सकता है।

राजनीतिक गलियारे में चर्चा का विषय
भाजपा के आंतरिक सर्वे के बाद क़ई बड़े फैसलों पर मुहर लग सकती है। खास तौर पर उन सीटों पर जहां 2017 के चुनाव में दूसरी पार्टियों के नेताओं को रातोरात भाजपा जॉइन कराकर विधायकों की संख्या बढ़ा ली गयी थी। सर्वे में साफ हुआ है कि पिछले पांच सालों में बाहर से आकर बने भाजपाई विधायक और कैडर के भाजपाइयों में लगातार दूरी बनी रही है। यह मौसमी भाजपा विधायक अपनी अलग टीम बनाकर सक्रिय रहे है। जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त रोष बना हुआ है। इतना ही नही ऐसे पार्टी विधायक एक बार फिर से किसी और पार्टी का झंडा थामने की फिराक में भी बने हुये है।

भाजपा अध्यक्ष बोले
भाजपा ग्रामीण अध्यक्ष कृष्ण मुरारी शुक्ल का इन पूरे मामले में कहना है कि विधायक भगवती प्रसाद सागर से पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच सामंजस्य बहुत अच्छा नही चल रहा है। कार्यकर्ता की शिकायत के बारे में विधायक को अवगत कराया गया है। विधायक के पार्टी के कार्यक्रमों में भाग नही लेने पर भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि क़ई कार्यक्रमों में भाग नही ले पाने के पीछे विधायक ने निजी व्यस्तता बताई है। जिलाधिकारी को भेजे गये पत्र के बारे में उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नही है।

विधायक ने बताई विरोधियों की साजिश
इस पूरे मामले में विधायक भगवती प्रसाद सागर का कहना है कि चुनावी वर्ष में उनके राजनीतिक विरोधी साजिश कर रहे है। जिलाधिकारी कार्यालय में उनके खिलाफ भेज गया शिकायती पत्र बेनामी है। उन्होंने कहा कि नाराज कार्यकर्ताओं को वह मना लेंगे। सागर ने कहा कि वह अपने क्षेत्र में बिजी होने की वजह से पार्टी के कुछ कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो पाए, लेकिन इसका कोई दूसरा आशय निकालना गलत है। उन्होंने कहा कि विधायक पूरी विधानसभा का होता है। ऐसे में विकास कार्य सभी को साथ लेकर चलने की नियत से कराए गए हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप बेबुनियाद है।

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