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हादसों के नेशनल हाईवे:देश में कानपुर से गुजर रहे नेशनल हाईवे पर होती हैं सबसे ज्यादा मौतें; शाम 6 बजे से रात 9 बजे के बीच होते हैं सबसे ज्यादा हादसे

कानपुर8 दिन पहले
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उत्तर प्रदेश में मंगलवार शाम करीब 7.30 बजे कानपुर के पास सचेंडी में भीषण हादसा हुआ। एसी बस और टेम्पो की टक्कर में 18 लोगों की मौत हुई। आपको जानकारी हैरानी होगी कि कानपुर से गुजर रहे नेशनल हाईवे (कोलकाता-दिल्ली) देश में सबसे ज्यादा असुरक्षित है। शाम 6 से 9 बजे के बीच हादसों की संख्या भी सबसे ज्यादा है। साल 2019 में यहां होने वाले एक्सीडेंट और उनमें मौतों का आंकड़ा देश में सबसे अधिक है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) में दर्ज आंकड़े इस बात की तस्दीक करते हैं। हालांकि, एक्सीडेंट और मौतों में करीब 6.5 पर्सेंट की कमी आई है, लेकिन जो आंकड़े दर्ज हैं, वो बेहद चौंकाने वाले हैं।

देश में सबसे ज्यादा मौतें
एनसीआरबी ने जून-2020 में 2019 के आंकड़ों के आधार पर रिपोर्ट जारी की। नई रिपोर्ट कोविड के चलते अभी तक जारी नहीं हुई है। लेकिन जो रिपोर्ट सामने आई है, उसमें नेशनल हाईवे पर होने वाले एक्सीडेंट से मौतों के मामले में कानपुर नंबर-1 पर है। इससे ये साफ होता है कि कानपुर से गुजरने वाले नेशनल हाईवे ड्राइविंग के लिहाज से बेहद असुरक्षित हैं। यही नहीं मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट की रिपोर्ट में भी कानपुर में एक्सीडेंट होने के बाद लोगों की जान बचा पाने में भी सबसे पीछे 45 पर्सेंट है।

शाम 3 घंटे सबसे ज्यादा खतरनाक
एनसीआरबी के आंकड़ों पर गौर करें तो कानपुर से होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे पर साल 2019 में शाम 6 बजे से रात 9 बजे के बीच 168 हादसे हुए। जो किसी भी वक्त होने वाले हादसों में सबसे अधिक हैं। इसके बाद सुबह 6 से 9 और 9 से दोपहर 12 बजे के बीच भी हादसों की संख्या 142 है। जबकि रात 3 बजे से सुबह 6 बजे के बीच हादसों की संख्या सबसे कम औसतन 108 दर्ज की गई है।

हाईवे पर स्थानीय लोगों के गुजरने के लिए अंडरपास जरूर बनाए गए हैं, लेकिन दूर अधिक होने पर हाईवे के बीच में अवैध कट बना लेते हैं। इसके अलावा कई लोग रॉन्ग साइड भी चलते हैं, जिससे हादसे और बढ़ते हैं। कानपुर से सचेंडी के बीच हाईवे पर करीब 9 अवैध कट हैं, जहां से लोग रॉन्ग साइड ही निकलते हैं। सचेंडी हादसे की बड़ी वजह टेपों को रॉन्ग साइड आना ही था।

एनएच-24 पर हुआ था हादसा
सचेंडी हादसा कानपुर हमीरपुर सागर हाईवे नेशनल हाईवे-24 पर हुआ था। ये हाईवे भी बेहद असुरक्षित है। इसके अलावा एनएच-2, जीटी रोड, यमुना एक्सप्रेस भी कानपुर से होकर गुज़रते हैं। इन सभी हाईवे पर कुल 334 लोगों की डेथ हुई। इसके बाद चेन्नई का नंबर आता है, जहां 283 लोगों ने नेशनल हाईवे पर हुए हादसों में दम तोड़ दिया। इसके बाद दिल्ली में 271, जयपुर में 241 और विजयवाड़ा में 209 लोगों ने एनएच पर हुए हादसों में दम तोड़ दिया।

यूपी के ये शहर भी आगे
कानपुर के अलावा यूपी के आगरा, प्रयागराज, ग़ाज़ियाबाद और लखनऊ भी एक्सीडेंट और मौतों में पीछे नहीं हैं। यहां होने वाले हादसों में भी एक्सीडेंट और मौतें यूपी में सबसे ज्यादा हैं। कानपुर मंडल के कमिश्नर डाॅ राजशेखर ने कहा कि एक्सीडेंट कम करने के लिए ब्लैक स्पॉट को चिन्हित किया गया है। वहां हादसों को रोकने के लिए प्रयास भी जारी हैं। हाईवे पर ऐंबुलेंस भी 24 घंटे तैनात रहती हैं।

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