IIT कानपुर कम करेगा दिल्ली का प्रदूषण:दिल्ली सरकार और आईआईटी के बीच एमओयू हुआ साइन, एडवांस सुपरसाइट स्थापित कर करेंगे डाटा कलेक्ट

कानपुर4 महीने पहले
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IIT कानपुर, फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
IIT कानपुर, फाइल फोटो

दिल्‍ली में हर साल ठंड के समय वायु प्रदूषण की समस्या खड़ी होती है। बढ़ते प्रदुषण की वजह से सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि आसपास के जिले भी प्रभावित रहते है। लेकिन इस बार केजरीवाल सरकार ने इस समस्या से निजात पाने की ठान ली है। दिल्ली सरकार ने आईआईटी कानपुर के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है। जिसके तहत आईआईटी कानपुर वायु प्रदूषण के रियल-टाइम सोर्स की सटीक जानकारी ही आने वाले हफ्ते में वायु में कितना प्रदूषण रहेगा उसका भी अनुमान लगाएगी।

आईआईटी और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के बीच हुआ समझौता
आईआईटी कानपुर और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के बीच तकनीक को लेकर समझौता हुआ है। इसके बाद दिल्ली में अब वायु प्रदूषण के रियल-टाइम सोर्स का सटीक सोर्स और जानकारी मिल सकेगी। प्रदूषण किस से वास्तु या मशीन से हो रहा है उस स्रोत का भी वास्तविक समय और जगह का पता किया जा सकेगा। दिल्ली में वायु प्रदूषण प्रबंधन के लिए पूर्वानुमान जारी ‌किया जाएगा। इससे दिल्ली के प्रदूषण के विभिन्न कारकों की पहचान करने और उनका समाधान करने में काफी मदद मिलेगी।

एडवांस सुपरसाइट स्थापित कर करेंगे डाटा कलेक्ट...
आईआईटी कानपुर के सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रोफेसर ने बताया, एमओयू के तहत आईआईटी कानपुर की तरफ से पीएम 2.5, एनओ2, सीओ2, एलिमेंटल कार्बन सहित अन्य वायु प्रदूषण की निगरानी के लिए एडवांस सुपरसाइट स्थापित की जाएगी, यह दिल्ली के अलग अलग स्थानों पर एक्यूआई के स्तर को लेकर पूर्वानुमान जारी किया करेगी। इसके अलावा वायु प्रदूषण को लेकर प्रति दिन, साप्ताहिक, मासिक और वार्षिक डाटा का विश्लेषण कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

सबसे जरूरी...

मिली जानकारी के अनुसार प्रदूषण के सोर्स को रोकने के लिए लगातार दिल्ली सरकार काम कर रही है। लेकिन जब आवश्यक कदम उठाने की ज़रूरत पड़ी तो आईआईटी कानपुर के जनकरोनों ने उन्हें बता दिया की डीजल से सबसे ज्यादा प्रदूषण फ़ैल रहा है। यह अब ‘रीयल-टाइम परियोजना से हुआ है।

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