आंचल हत्याकांड में सास की जमानत खारिज:प्रॉसिक्यूशन के 5 बिंदुओं पर नही मिला जवाब, जज ने खारिज कर दी जमानत अर्जी

कानपुर16 दिन पहले
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पुलिस हिरासत में सास निशा खरबंदा और पति सूर्यांश। - फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
पुलिस हिरासत में सास निशा खरबंदा और पति सूर्यांश। - फाइल फोटो

शहर के चर्चित आंचल खरबंदा मौत के मामले में गुरुवार को आरोपी सास निशा की जमानत पर कोर्ट में सुनवाई हुई। निशा के वकील ने बिमारी से लेकर करोड़ों के कारोबार का हवाला देकर दहेज हत्या की बात को खारिज करने का प्रयास किया, लेकिन प्रॉसिक्यूशन के वकील ने महज पांच सवार पूछे। जिसका जवाब उनके वकील नहीं दे सके और जमानत खारिज कर दी गई।

सूर्यांश और आंचल की फाइल फोटो।
सूर्यांश और आंचल की फाइल फोटो।

मानव रक्त कहां से आया और लाखों रुपए लेकर घर से क्यों निकले...?
अशोक नगर निवासी सूर्यांश खरबंदा की पत्नी आंचल खरबंदा का 19 नवंबर की रात बाथरूम में शव फंदे से लटकता मिला था। मामले में आंचल के पिता ने दामाद सूर्यांश और बेटी की सास निशा के खिलाफ दहेज हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी। मामले में गुरुवार को निशा की जमानत याचिका पर गुरुवार को सुनवाई होनी थी। निशा के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि सूर्यांश का सालाना 40-50 करोड़ का कारोबार का टर्नओवर है, 70 लाख रुपए दहेज क्यों मांगेंगे। इसके साथ ही कहा कि यह मेट्रीमोनियल डिस्प्यूट है। इसमें पत्नी पति को पताड़ित कर रही थी। 70 लाख दहेज का सिर्फ आरोप है, न ही लिया गया और न दिया गया। इसलिए यह दहेज की श्रेणी में नहीं आता है। इसके साथ ही फोरेंसिक रिपोर्ट ने सुसाइड माना है और निशा के बीमार होने का तर्क रखा।
इन 5 बिंदुओं पर हत्या की आरोपी निशा की जमानत खारिज

वादी पक्ष के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने उनके सवालों का जवाब देते हुए पांच सवाल रखे। जिसके निशा के अधिवक्ता जवाब नहीं दे सके और कोर्ट ने इन सभी सवालों को हत्या का मजबूत आधार मानते हुए जमानत खारिज कर दी।

  • क्राइम ब्रांच को जांच में बेंजाडीन टेस्ट में खून के धब्बे मिले। खून के धब्बे क्यों, कब, कहां और कैसे आए इसकी जांच चल रही है।
  • सात साल के पहले मौत हुई, अननेचुरल डेथ और दहेज की मांग और प्रताड़ना करके हत्या का आरोप है।
  • षड़यंत्र के तहत हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। क्यों कि 12 तारीख को पति सूर्यांश और मां निशा साजिस के तहत घर से चली जाती हैं। अगले दिन थाने में शिकायत दर्ज कराई की बहू हमारी प्रताड़ित करती है। इसके बाद 19 को आंचल की मौत हो गई। यह सभी बातें संदेह पैदा करती हैं।
  • अगर सूर्यांश पत्नी से पीड़ित थे तो बच्चे को क्यों छोड़कर चले गए थे।
  • सूर्यांश जब गिरफ्तार हुए तो इनके पास से भारी मात्रा में कैश मिला था। इससे साफ है कि साजिश के तहत हत्या फिर उसे निपटाने के लिए मोटी रकम लेकर घर से मां-बेटे निकले थे। पीड़ित होकर कोई निकलता है तो अस्त-व्यस्त हालत में, लेकिन यहां पूरा काम प्लानिंग के तहत किया गया।

क्राइम ब्रांच ने नए सिरे से शुरू की आंचल के मौत की जांच
डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल, केस के सह विवेचक क्षत्रजीत सिंह और फोरेंसिक टीम ने मामले की दोबारा जांच शुरू कर दी है। आरोपित सूर्यांश खरबंदा के अशोक नगर स्थित घर पर जहां आंचल का शव बाथरूम कम ड्रेसिंग रूम में लटका मिला था। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने एक बार फिर से घर का चप्प-चप्पा खंगाला। जहां शव लटका था उस कमरे के बाहर दीवार पर खून के निशान थे। उसका सैम्पल एक बार फिर फोरेंसिक टीम ने इकट्ठा किया। फोरेंसिक टीम सूत्रों के मुताबिक टेस्टिं में वह मानव खून निकला है। आगे की टेस्टिंग के लिए उसे लैब भेजा जाएगा।
सबूतों से छेड़छाड़ का आरोप
आंचल के भाई अक्षय ग्रोवर ने कहा कि घटना के बाद घर सील किया गया था। उसके बाद लड़के वालों को चाभी सुपुर्द कर दी गई। भाई ने आरोप लगाया कि यहां पर तमाम बत्तियां लगी हुई थी वह हटा दी गई। डीबीआर दोबारा लगा दी गई। वाई फाई भी चल रहा है। जिससे यह तय है कि घर में कोई न कोई आकर रुक रहा है। भाई का आरोप है कि लड़के वालों ने सबूतों से छेड़छाड़ की है। इसकी जानकारी पुलिस कमिश्नर को दी जाएगी।

घर पर हुई थी हवन, किसने किया पता नहीं...?
घटनास्थल वाले कमरे में कुछ काला दाग कमरे में मिलने पर आंचल के परिजनों ने उसे लेकर पूछताछ की तो पता चला कि घर की चाभी मिलने के बाद शुद्धि हवन कराया गया। परिजनों ने पूछा कि यह हवन किसने कराया था। इसे लेकर कोई जवाब नहीं दिया गया।

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