• Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Kanpur
  • NSA Action Taken Against Bikru Case Accused Jai Bajpai And Prashant Shukla Alias Dabbu, Vikas Dubey's Cashier Jai Had Delivered Arms And Money Before The Incident

गैंगस्टर विकास दुबे के खजांची समेत दो पर लगा NSA:जय बाजपेई और प्रशांत शुक्ला को जेल में तामील हुई नोटिस, बिकरू कांड में अब तक तीन पर लग चुका है एनएसए

कानपुर5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
जयकांत बाजपेयी। - Dainik Bhaskar
जयकांत बाजपेयी।

बिकरू कांड में दो और आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) की कार्रवाई की गई है। इसमें विकास दुबे के खजांची जयकांत बाजपेई और प्रशांत शुक्ला उर्फ डब्बू शामिल है। डीएम की संस्तुति के बाद जेल में दोनों पर एनएसए की कार्रवाई का नोटिस तामीला कराया गया। इससे पहले बिकरू कांड के तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई हो चुकी है।
खजांची ने विकास दुबे को पहुंचाया था रुपए और कारतूस
विकास दुबे के करीबी जयकांत बाजपेई ने बिकरू कांड होने से पहले गैंगस्टर विकास दुबे को कैश और कारतूस उपलब्ध कराए थे। जांच में यह बात सामने आने पर ही बिकरू कांड में पुलिस ने इसका नाम शामिल किया था। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा है कि जयकांत बाजपेई को मालूम था कि विकास दुबे पुलिस के खिलाफ एक बड़ा षड्यंत्र रच रहा है। इसके बाद भी उसने पुलिस को इसकी जानकारी नहीं दी थी। बल्कि उसे रुपए और कारतूस पहुंचा था।

इतना ही नहीं बिकरू कांड के बाद भी विकास दुबे की मदद के लिए गाड़ी और रुपए लेकर जाने से पहले ही पुलिस ने उसे दबोच लिया था। पुलिस ने रिपोर्ट में कहा है कि जयकांत बाजपेई की इस मदद के कारण बिकरू कांड हुआ। जिसमें पूरे इलाके में दहशत फैल गई और ग्रामीणों को पलायन करना पड़ा। इसके अलावा प्रशांत शुक्ला उर्फ डब्बू भी इस कांड में शामिल रहा था।
बिकरू कांड के पांच आरोपियों पर एनएसए
बिकरू कांड के दोनों आरोपियों के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई के लिए कानपुर आउटर के चौबेपुर थाने से रिपोर्ट तैयार कर डीएम के सामने प्रस्तुत की गई थी। डीएम की संस्तुति के बाद जेल में जय और डब्बू उर्फ प्रशांत के खिलाफ एनएसए तामील करा दिया गया। इससे पहले इस कांड में बब्लू मुसलमान, हीरू दुबे और शिवम उर्फ दलाल के खिलाफ पुलिस एनएसए की कार्रवाई हो चुकी है।
क्‍या है राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA)
नाम से ही स्‍पष्‍ट है कि ये कानून जो राष्‍ट्रीय सुरक्षा में बाधा डालने वालों पर नकेल डालने का काम करे। अर्थात राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम-1980, देश की सुरक्षा के लिए सरकार को अधिक शक्ति देने से संबंधित एक कानून है। अगर सरकार को लगता कि कोई व्यक्ति कानून-व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में उसके सामने बाधा खड़ा कर रहा है तो वह उसे एनएसए की कार्रवाई की जाती है। या फिर इसके तहत गिरफ्तार करने का आदेश दे सकती है। NSA के तहत अपराधी को बिना किसी आरोप के 12 महीने तक जेल में रखा जा सकता है।

खबरें और भी हैं...