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मृत मरीजों के नाम रेमडेसिवीर इंजेक्शन जारी करने का मामला:कानपुर में आउटसोर्सिंग नर्सिंग स्टाफ ने की हड़ताल, मरीज परेशान; तीमारदारों को खुद खींचने पड़े स्ट्रेचर

कानपुर5 महीने पहले
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कानपुर के हैलट हॉस्पिटल के बाहर हड़ताल पर बैठा आउटसोर्सिंग नर्सिंग स्टाफ। - Dainik Bhaskar
कानपुर के हैलट हॉस्पिटल के बाहर हड़ताल पर बैठा आउटसोर्सिंग नर्सिंग स्टाफ।

मृत मरीजों को रेमडेसिवीर इंजेक्शन लगाने के मामले में बुधवार को कानपुर के हैलट अस्पताल की 23 स्टाफ नर्सों को निलंबित कर दिया गया था। हैलट परिसर में निलंबित 23 आउटसोर्सिंग स्टाफ नर्सों और उनके समर्थन में 30 वॉर्ड बॉय और सफाईकर्मियों ने शुक्रवार दोपहर को हड़ताल और प्रदर्शन किया। एसआईसी बिल्डिंग के सामने प्रदर्शन करते हुए नर्सिंग स्टाफ जिंदाबाद और हैलट प्रशासन हमारी नौकरी वापस करो के नारे लगाए गए। आउटसोर्सिंग कर्मियों की हड़ताल के चलते इलाज के लिए भर्ती मरीजों को जांच के लिए जाने और एक वॉर्ड से दूसरे वॉर्ड में शिफ्ट होने के लिए व्हीलचेयर और स्ट्रेचर को खुद ही खींचना पड़ा। कई मरीज ऐसे थे जिनको व्हीलचेयर और स्ट्रेचर तक नहीं मिला। हाथ में ऑक्सीजन सिलिंडर लिए और मरीज को सहारा देते हुए तीमारदार अस्पताल में भटकते रहे।

मृत मरीजों के नाम जारी किए गए थे रमडेसिवीर इंजेक्शन

हैलट हॉस्पिटल में मृत मरीजों के नाम रेमडेसिवीर इंजेक्शन जारी करने के मामले में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि उन्हें बलि का बकरा बनाकर नौकरी से निलंबित कर दिया गया। जबकि न्यूरोसाइंस विभाग में रेमडेसिवीर इंजेक्शन जारी होने में प्रभारी, ड्यूटी डॉक्टर और फार्मासिस्ट मुख्य जिम्मेदार हैं। हमको केवल मरीजों को दवा और इंजेक्शन देने का निर्देश डॉक्टरों से मिलता था। जांच में परमानेंट स्टाफ को बचाकर आउटसोर्सिंग कर्मियों पर गाज गिरा दी गई है। जो सरासर गलत है। जब तक हमको नौकरी वापस नहीं मिलती है, तब तक हम इसी तरह हड़ताल और प्रदर्शन करते रहेंगे।

वॉर्डों के नर्सिंग चेंबर में पसरा सन्नाटा
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की हड़ताल के चलते हैलट के कई वॉर्डों के नर्सिंग चेंबर में सन्नाटा पसरा रहा। ड्यूटी छोड़ आउटसोर्सिंग नर्सिंग स्टाफ हड़ताल कर रहे साथियों के समर्थन में प्रदर्शन स्थल पर बैठे रहे।

नर्सिंग चेंबर में पसरा सन्नाटा
नर्सिंग चेंबर में पसरा सन्नाटा

खुद खींचनी पड़ी व्हीलचेयर, स्ट्रेचर पकड़ने वाला भी कोई नहीं मिला
अस्पताल के इमरजेंसी और वॉर्डों में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से मरीजों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा, मरीजों को खुद ही अपनी व्हीलचेयर खींचनी पड़ी। वहीं कई वॉर्डों में स्ट्रेचर के लिए भी तीमारदार और मरीज परेशान दिखे। कई वॉर्डों से तो खुद तीमारदारों ने स्वयं ही मरीजों को व्हीलचेयर और स्ट्रेचर के जरिए एक वॉर्ड से दूसरे वॉर्ड और जांच के लिए ले जाने का काम किया।

तीमारदारों ने स्वयं ही मरीजों को व्हीलचेयर से एक वार्ड से दूसरे में पंहुचा
तीमारदारों ने स्वयं ही मरीजों को व्हीलचेयर से एक वार्ड से दूसरे में पंहुचा

कंपनी पर ही लगा दिया आरोप

हड़ताल कर रहे हैलट अस्पताल से निष्कासित लोगों ने आउटसोर्सिंग कंपनी एसईएस पर पैसा लेकर दूसरे और नए लोगों को भर्ती करने का आरोप लगाया।

इससे पहले तीन लोगों का हो चुका है निलंबन

इस मामले में कॉलेज प्रशासन ने दो फार्मासिस्ट नगेंद्र वाजपई, संजीव और एक सिस्टर इंचार्ज अंजुलिका मिश्रा को निलंबित कर चुके है। ऐसे में कई सवाल खड़े होते हैं, क्या मेडिकल कॉलेज के कुछ सीनियर डॉक्टर भी इसमे लिप्त थे तभी कोई कार्रवाई नहीं कि जा रही है या कॉलेज में ऐसा कुछ हुआ ही नहीं?

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