हैलट के हाल बेहाल:पिछले 25 दिनों से ठप है पैथोलॉजी का काम, मरीजों को निजी पैथोलॉजी पर निर्भर रहना पड़ रहा है

कानपुर6 महीने पहले
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हैलट फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
हैलट फाइल फोटो

हैलट अस्पताल की पैथोलॉजी में पिछले करीब 25 दिनों से एक भी जांचे नहीं हो रही है। मरीजों को जांचों के लिए अस्पताल के बाहर बानी पैथोलॉजी पर निर्भर रहना पड़ रहा है।इसकी वजह पैथोलॉजी में जांच में काम आने वाले केमिकल के न होने से। केमिकल के लिए पैथोलॉजी संचालक डॉ सुमनलता वर्मा कई बार प्राचार्य को पत्र लिख चुकी है, इसके बावजूद प्रशासन कुछ नहीं कर रहा है।

केमिकल न होने के कारण पैथोलॉजी का काम ठप...

पिछले कई दिनों से हालत की पैथोलॉजी में केमिकल रीजेंट खत्म होने से यहां होने वाली खूब की सभी जांचे रोक दी गयी है। जिसकी वजह से वहां भर्ती मरीजों और वहां अपना इलाज कराने आए मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। केमिकल रीजेंट ब्लड की होने वाली ज्यादातर जांचों में काम आता है। पैथोलॉजी संचालक डॉ सुमनलता वर्मा ने बताया कि यह केमिकल काफी दिनों से पैथोलॉजी में नहीं है। इसके लिए कई बार पत्र लिखे जा चुके है लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

सिर्फ यहां भर्ती मरीज नहीं ओपीडी और इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की भी होती है जांचे...

आपको बता दें हालत की पैथोलॉजी में सिर्फ यहाँ भर्ती मरीजों की ही जांचे नहीं बल्कि इमरजेंसी, अलग अलग वार्डों में भर्ती मरीजों के शहर में बने अन्य सरकारी अस्पतालों के मरीजों भी यहां अपनी जांचे कराने आते है।

निजी पैथोलॉजी के भरोसे है मरीज...

यहां भर्ती और आने वाले मरीज पिछले कई दिनों से सिर्फ निजी पैथोलॉजी के भरोसे ही है। इन पैथोलॉजी में दो गुना पैसा दे कर यह गरीब मरीज अपनी जांच करवाते है।

अब अलॉट किया बजट...

प्राचार्य डॉ संजय काला से जब इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि, हम लोगों को केमिकल न होने की जानकारी काफी देर से मिली जिसके चलते बजट रिलीज़ करने में देरी हुई है। हमने पैथोलॉजी के लिए धन दे दिया है, सोमवार तक पैथोलॉजी शुरू हो जाएगी।

टीबी और डेंगू की जांच भी है बंद...

पैथोलॉजी में टीबी और डेंगू जैसी घटल बीमारियों की जांच भी कई दिनों से बंद चल रही है। बताया जा रहा है कि इन जैसी बीमारियों की जांच करने के लिए जो सलूशन लगता है उसके न होने के कारण इसकी जाँच नहीं हो प् रही है।

कई जीवनरक्षक दवाएं भी आउट ऑफ़ स्टॉक

मिली जानकारी के अनुसार हैलट की फार्मेसी में कई जीवन रक्षक दवाएं भी आउट ऑफ़ स्टॉक है। इसके बारे में जब प्राचार्य से पूछे गया तो उन्होंने बताया, ऐसी कोई भी दवाई की कमी अस्पताल में नहीं है। साथ ही हम लोगों को शासन की तरफ से आदेश दिए गए है कि किसी भी दवाई की अगर कमी होती है तो उसको आप लोकल परचेज कर सकते है।

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