कानपुर में होटल लैंडमार्क का 100 स्टॉफ क्वारैंटाइन:IND-NZ खिलाड़ियों के लिए बना बबल जोन, पुलिस की भी रहेगी नो एंट्री

कानपुरएक वर्ष पहलेलेखक: शलभ आनंद बाजपेयी
कानपुर में भारत और न्यूजीलैंड मैच के लिए दोनों देशों के खिलाड़ी लैंडमार्क टावर होटल में ठहरेंगे।

कानपुर में भारत और न्यूजीलैंड के बीच 25 से 29 नवंबर के बीच टेस्ट मैच है। ऐसे में जिस लैंडमार्क टावर होटल में दोनों देशों के खिलाड़ी रुकेंगे वहां के 100 कर्मियों को क्वारैंटाइन कर दिया गया है। इसे आज शाम से बायो बबल जोन घोषित कर दिया जाएगा। खिलाड़ियों को 4 स्तरीय बायो-बबल घेरे में रखा जाएगा। यह व्यवस्था 30 नवंबर तक लागू रहेगी। यानी अब होटल कर्मचारी किसी से नहीं मिलेंगे। क्रिकेट खिलाड़ियों की सेहत का ख्याल रखते हुए ऐसा प्रदेश में पहली बार हुआ है। जबकि देश में दूसरी बार।

इससे पहले छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रोड सेफ्टी वर्ल्ड क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान बायो बबल जोन बनाया गया था। लैंडमार्क होटल के MD विकास मेहरोत्रा के मुताबिक, इस बार खिलाड़ियों की वेलकम पार्टी होटल में नहीं होगी।

भारतीय एवं कीवी क्रिकेटर कानपुर भी नहीं घूम सकेंगे

ग्रीन पार्क स्टेडियम।
ग्रीन पार्क स्टेडियम।

कोविड संक्रमण भले ही नियंत्रण में हो, लेकिन जीका वायरस के सबसे ज्यादा मरीज कानपुर में मिल रहे हैं। ऐसा पहली बार होगा जब भारतीय और विदेशी क्रिकेटर शहर के मार्केट में खरीदारी नहीं कर सकेंगे। मनपसंद खानपान के लिए भी खिलाड़ियों पर बंदिश रहेगी। साल 2016 में हुए 500 वें टेस्ट मैच के दौरान शहर आए भारतीय एवं कीवी क्रिकेटरों ने खूब खरीदारी की थी। कई खिलाड़ी शहर के प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन करने भी गए थे।

बायो बबल सुरक्षा को समझे
IPL के पिछले सीजन में बायो बबल शब्द चर्चा में आया था। कोविड रोकथाम के लिए बने नियमों को ही बायो बबल कहा जाता है। इसके दायरे में खिलाड़ी, कोच और उनका स्टाफ भी आता है। खिलाड़ियों के एयरपोर्ट पर उतरने के साथ ही बायो बबल सुरक्षा एक्टिव हो जाती है। बबल का उद्देश्य यह है कि खिलाड़ी का किसी बाहरी व्यक्ति से संपर्क न हो। ताकि संक्रमण का खतरा कम हो सके।

बबल की सुरक्षा यानी बाहरी दुनिया के संपर्क में नहीं आ सकते खिलाड़ी

  • टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे सभी खिलाड़ियों, कोच, सपोर्ट स्टाफ का कानपुर पहुंचने से पहले कोविड टेस्ट होगा।
  • कानपुर आने के बाद खिलाड़ियों को क्वारैंटाइन किया जाएगा।
  • इस दौरान जरूरत पड़ने पर खिलाड़ियों का कोविड टेस्ट किया जा सकता है। निगेटिव रिपोर्ट के साथ खिलाड़ी तैयारी में जुट जाएंगे।
  • बबल में शामिल हर मेंबर को केवल ग्राउंड और उनके होटल में जाने की अनुमति होगी। यहां तक की अपने फैंस, दोस्त और रिश्तेदार से भी नहीं।
  • IPL के वक्त टीवी ब्रॉडकास्ट में शामिल लोगों और बाकी स्टाफ को भी अलग बबल में रखा गया।
  • बबल में शामिल किसी भी शख्स को टूर्नामेंट खत्म होने तक इसके बाहर जाने की अनुमति नहीं थी।
दोनों टीम के खिलाड़ियों के लिए होटल ने एक सेफ कौरिडोर बनाया है।
दोनों टीम के खिलाड़ियों के लिए होटल ने एक सेफ कौरिडोर बनाया है।

बस में खिलाड़ियों को मिलेंगी रूम की चाबी, डेडिकेटेड स्टाफ ही देगा सर्विस
दोनों टीम के खिलाड़ियों के लिए होटल ने एक सेफ कौरिडोर बनाया है। खिलाड़ियों की बस सीधे उसी कौरिडोर में आकर रुकेगी। खिलाड़ी यहां से सीधे अपने कमरों में जाएंगे। खिलाड़ियों के लिए डेडिकेटेड दो लिफ्ट भी रखी गईं हैं। जिससे सिर्फ खिलाड़ी ही आ-जा सकेंगे। खिलाड़ियों को उनके कमरों की चाबियां भी बस के अंदर ही दी जाएगी। खिलाड़ियों के लिए चार फ्लोर बुक हैं। उन फ्लोर पर सिर्फ डेडिकेटेड स्टाफ ही जा सकेगा। ये स्टाफ भी इन्हीं चार फ्लोर पर रहेंगे।
19वीं मंजिल पर होटल स्टाफ क्वारैंटाइन
एमडी विकास के मुताबिक हम लोगों ने होटल के 80 स्टाफ की लिस्ट बनाई है। इन्हें 3 दिन के लिए क्वारैंटाइन किया जा चुका है। मैच खत्म होने के बाद ये स्टाफ कही जा सकेगा। क्वारैंटाइन स्टाफ होटल की 19वीं मंजिल पर रखा गया है। BCCI के डॉक्टर 2 दिन में सभी स्टाफ की RTPCR जांच करेंगे।

होटल स्टाफ ही ग्रीनपार्क में परोसेगा खानपान
इस बार खिलाड़ियों के लिए फील्ड पर कोई अलग कैटरर नहीं होगा। होटल का स्टाफ ही उनको स्नैक्स परोसेगा। यह सब होटल में ही तैयार किया जाएगा। ड्रिंक्स भी होटल की तरफ से रहेंगे। इसके अलावा चाय और कॉफी भी होटल से ही बन कर ग्रीन पार्क जाएगी।

होटल के अंदर पुलिस की नो एंट्री
इस बार पुलिस वालों की सुरक्षा सिर्फ होटल के बाहर ही रहेगी। होटल के अंदर सिर्फ प्राइवेट सिक्योरिटी ही रहेगी। यह लोग भी इस समय होटल में ही क्वारैंटाइन हैं। खिलाड़ियों की सुरक्षा 30 डेडिकेटेड सुरक्षा गार्ड्स के हवाले रहेगी।

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