चंद रुपए में बिकी कानपुर पुलिस:बच्ची से गैंगरेप के आरोपी को बताया फरार, वही लेखपाल लगातार दो महीने से था ऑन-ड्यूटी

कानपुरएक महीने पहले

कानपुर में पुलिस का नया कारनामा सामने आया है। पुलिस आरोपी लेखपाल रंजीत को फरार बता रही थी, जबकि वो हर दिन तहसील में ड्यूटी करने जा रहा था। मंगलवार को पुलिस ने घर से उसकी नाटकीय ढंग से गिरफ्तारी की। ककवन थाना क्षेत्र में 15 साल की बच्ची से लेखपाल और उसके 3 साथियों ने रेप किया था। इसके बाद रोज उसका शोषण करने लगे। यहां तक कि वह गर्भवती हो गई।

उसके गर्भवती होने का पता चलने पर पीड़िता के पिता ने 11 अक्टूबर 2021 को लेखपाल रंजीत बरबार, करन उर्फ बड़ऊ व 2 अज्ञात पर रिपोर्ट कराई थी। 2 दिन पहले, यानि सोमवार को पीड़िता की हालत खराब हो गई। उसे हैलट में भर्ती कराया गया। प्रसव के दौरान नवजात के साथ ही मंगलवार को उसकी भी मौत हो गई। पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए कानपुर आईजी रेंज प्रशांत कुमार ने जांच का आदेश दिया है।

CO और 2 थानेदारों ने मिलकर किया खेल, मनमाने ढंग से धाराएं हटाईं
पीड़िता के ताऊ ने बताया कि 25 दिन पहले आरोपी लेखपाल उत्तरीपुरा में मिला था। तब उसने कहा था कि उसने जांच अधिकारी यानी, सीओ बिल्हौर राजेश कुमार को 6 लाख रुपए दे दिए हैं। अब उसका कुछ नहीं होगा। उन्होंने यह भी बताया कि सीओ राजेश कुमार ने लेखपाल रंजीत से साठगांठ करने के बाद मानकों को ताक पर रखकर FIR से एससी एसटी एक्ट हटा दिया, जबकि अभी 2 आरोपियों के नाम ही सामने नहीं आए हैं। लेखपाल के एससी होने के चलते FIR से ही एससी-एसटी एक्ट हटा दिया।

इसके बाद जांच ककवन एसओ कृष्ण कुमार कश्यप को जांच ट्रांसफर कर दी थी। 23 दिसंबर को कौशलेंद्र प्रताप सिंह को ककवन थाने का चार्ज मिलने पर उन्होंने इसकी जांच शुरू की थी। परिजनों ने तीनों अफसरों पर घालमेल करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि ग्राम प्रधान पति भी पीड़ित परिवार पर केस वापस लेने के लिए दबाव बनाता था। एसपी आउटर अजीत कुमार सिन्हा का कहना है कि जांच की जा रही है। जितने भी आरोपी सामने आएंगे सभी का नाम FIR में बढ़ाया जाएगा।

लेखपाल ने गर्भवती किशोरी के पेट में मारी थी लात

ककवन थाना एसओ कौशलेंद्र प्रताप सिंह, बिल्हौर सीओ राजेश कुमार और पूर्व थाना प्रभारी कृष्ण कुमार कश्यप की भूमिका संदिग्ध।
ककवन थाना एसओ कौशलेंद्र प्रताप सिंह, बिल्हौर सीओ राजेश कुमार और पूर्व थाना प्रभारी कृष्ण कुमार कश्यप की भूमिका संदिग्ध।

किशोरी की मौत के बाद परिजनों और गांव वालों ने आरोप लगाया है कि सोमवार शाम को लेखपाल किशोरी को अकेला पाकर झोपड़ी में घुस आया था। मुकदमा वापस नहीं लेने की बात पर पीड़िता को जमकर लात-घूसों से पीटा था। 6 महीने की गर्भवती के पेट में लात मारने से उसकी हालत बिगड़ गई और यह देखकर लेखपाल भाग निकला था। गंभीर हालत में पीड़िता को लेकर परिजन सीएचसी और फिर हैलट पहुंचे थे। प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। एसपी आउटर ने कहा कि अगर मारपीट की बात सामने आती है तो एक और मुकदमा दर्ज करके मामले में कार्रवाई की जाएगी।

दारू पार्टी में लेखपाल को परोसी थी गांव की लड़की
गांव के लोगों ने बताया कि गांव में रहने वाला आरोपी करन लेखपाल का दोस्त है। उसके साथ लेखपाल गांव में आता और दारू पार्टी करता था। करन ने ही दुष्कर्म की साजिश रची और फिर 4 आरोपियों ने अंजाम दिया। आरोप है कि लेखपाल व करन ने गांव में दारू पार्टी रखी थी। इस दौरान झांसे में लेकर किशोरी को बुलाया और लेखपाल के सामने उसे परोस दिया था। इसके बाद करन, लेखपाल और दो अन्य ने मिलकर किशोरी से गैंगरेप किया और मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी देकर भाग निकले थे।

अब DNA जांच से खुलेगा रेपकांड का राज

आरोपी लेखपाल रंजीत और गांव में रहने वाला करन।
आरोपी लेखपाल रंजीत और गांव में रहने वाला करन।

एसपी आउटर अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि रेप पीड़िता और उसके बच्चे की मौत हो गई है। बुधवार को पोस्टमार्टम के दौरान नवजात का डीएनए जांच के लिए सैंपल भी लिया जाएगा। दूसरी तरफ के सभी आरोपियों की भी DNA जांच की जाएगी। इससे साफ हो जाएगा कि गैंग रेप में आखिर कौन-कौन शामिल था? इसी को आधार बनाकर पुलिस आरोपियों को सख्त सजा दिलाएगी।

लेखपाल संघ का अध्यक्ष भी है आरोपी
आरोपी रंजीत उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ तहसील इकाई का अध्यक्ष है। उस पर विभाग भी मेहरबान रहा है। एफआईआर दर्ज हुए दो महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन उसके खिलाफ अब तक विभागीय कार्रवाई नहीं हुई है। यहां तक कि उसको निलंबित तक नहीं किया गया। इससे लेखपाल की हनक का अंदाजा लगाया जा सकता है।

गैंग रेप के बाद लेखपाल ने कहा था अबॉर्शन करवा देंगे
पीड़िता की मौत के बाद उसका वीडियो भी सामने आया है। एफआईआर दर्ज करवाने के बाद पीड़िता ने पूरा मामला पुलिस को बताया था। इस वीडियो में पीड़िता कहते सुनाई दे रही है कि करन और लेखपाल आते थे। उनके साथ दो और लोग भी रहते थे। उनका नाम नहीं जानती है लेकिन देखकर पहचान कर लेगी। वह कहती है कि ये सभी उसके साथ दुष्कर्म करते थे। कहते थे कि सफाई (अबॉर्शन) करवा देंगे। पीड़िता की मौत के बाद ये बयान बेहद अहम हो गया है।