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प्रदेश में हवा सांस लेने लायक नहीं:प्रदूषण का स्तर अपने चरम पर पहुंचा, नोएडा, गाजियबाद और कानपुर में हवा बेहद खराब स्तर पर

कानपुर2 महीने पहले
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प्रदेश के बड़े शहर नोएडा और गाजियाबाद में प्रदूषण का स्तर 441 और 431 तक पहुंच गया है। - Dainik Bhaskar
प्रदेश के बड़े शहर नोएडा और गाजियाबाद में प्रदूषण का स्तर 441 और 431 तक पहुंच गया है।

दीवाली के बाद पूरे प्रदेश को पॉल्यूशन ने पूरी तरह से जकड़ लिया है। ज्यादातर शहरों की हवा सांस लेने लायक तक नहीं बची है। प्रदेश के बड़े शहर नोएडा और गाजियाबाद में प्रदूषण का स्तर 441 और 431 तक पहुंच गया है। इसका सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ता है। यूपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (यूपीपीसीबी) के गुरुवार रात 10 बजे के आंकड़ों के मुताबिक पटाखों के चलते पॉल्यूशन सीवियर कंडीशन में पहुंच गया है।

प्रमुख शहरों की हवा भी जहरीली
देश में पॉल्यूशन के मामले में कानपुर और लखनऊ टॉप-5 शहरों में रहते हैं। कानपुर, आगरा, प्रयागराज, मुरादाबाद, वाराणसी और मेरठ के एयर क्वालिटी इंडेक्स बेहद खराब हो गया है। हर जगह हालात चिंताजनक बने हुए हैं। सभी बड़े शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर को पार कर गया।

नहीं शुरू हुए इंतजाम
ठंड के साथ ही पॉल्यूशन बढ़ना शुरू हो गया है, लेकिन इंतजाम अब भी धरे के धरे ही हैं। बीते साल CPCB ने 5-5 करोड़ रुपए एंटी पॉल्यूशन मशीनों को खरीदने के लिए दिए थे। लेकिन इन मशीनरी ने अभी तक पॉल्यूशन कंट्रोल करने के लिए काम शुरू नहीं किया है। वहीं, शहरों में डस्ट पॉल्यूशन भी तेजी से बढ़ा है।

पटाखे हैं बड़ी वजह
यूपी में इस वक्त पॉल्यूशन बढ़ने का बड़ा कारण पटाखे हैं। दीवाली के मौके पर छुटाए गए पटाखों से पॉल्यूशन का स्तर तेजी से बढ़ा। ये रात 10 बजे अपने चरम पर था। वहीं यूपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड रीजनल ऑफिसर अनिल कुमार माथुर ने बताया कि तापमान में गिरावट के साथ ही हवा भी ठंडी होकर वायुमंडल के सबसे निचले स्तर में ही रह जाती है। इस हवा में मौजूद सस्पेंड पार्टिकुलेट मैटर (पीएम-2.5 और 10), डस्ट पार्टिकल और जहरीली गैसें भी वायुमंडल के ऊपरी हिस्से में नहीं जा पाती है।

यूपी के शहरों में पॉल्यूशन की स्थिति
शहर AQI
नोएडा 441
गाजियाबाद 431
आगरा 280
मेरठ 363
वृंदावन 376
कानपुर 391
आगरा 306
गोरखपुर 325
लखनऊ 315
मुरादाबाद 305
प्रयागराज 306
वाराणसी 257

पॉल्यूशन से होने वाली आम बीमारियां
सांस लेने में तकलीफ
आंख और नाक में जलन होना
बालों का झड़ना
चक्कर आना, सिरदर्द और घबराहट
त्वचा पर दाने और खुजली
लंग्स, हार्ट और नर्वस सिस्टम पर भी बुरा प्रभाव

ये हैं एयर क्वालिटी के मानक
0-50 के बीच अच्छी हवा
51-100 के बीच संतोषजनक हवा
101-200 के बीच मॉडरेट (अस्थमा रोगियों के लिए नुकसानदायक)
201-300 के बीच पुअर (सांस लेने में तकलीफ)
301-400 के बीच वैरी पुअर (सांस लेने संबंधी बीमारियां)
401-500 के बीच खतरनाक (स्वास्थ्य लोगों पर बुरा प्रभाव)