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गांव की धरती को नमन कर भावुक हुए महामहिम:राष्ट्रपति कोविंद बोले- कभी सपने में नहीं सोचा था कि गांव का लड़का देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचेगा, लोकतंत्र ने ये कर दिखाया

कानपुर4 महीने पहले
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपने पैतृक गांव पहुंचे। हेलिकाप्टर से उतरते ही उन्होंने गांव की धरती को नमन किया। - Dainik Bhaskar
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपने पैतृक गांव पहुंचे। हेलिकाप्टर से उतरते ही उन्होंने गांव की धरती को नमन किया।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कानपुर देहात स्थित अपने पैतृक गांव परौंख में हैं। हेलीपैड पर उतरते ही उन्होंने गांव की धरती को छूकर प्रणाम किया। इसके बाद गांव में अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए भावुक हो गए। मंच से ही अपने दिल की बात कही। बोले, 'मैंने सपने में भी कभी कल्पना नहीं की थी कि गांव के मेरे जैसे एक सामान्य बालक को देश के सर्वोच्च पद के दायित्व-निर्वहन का सौभाग्य मिलेगा। लेकिन हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था ने यह करके दिखा दिया।'

आगे उन्होंने कहा, 'मैं कहीं भी रहूं, मेरे गांव की मिट्टी की खुशबू और मेरे गांव के लोगों की यादें सदैव मेरे दिल में रहती है। मेरे लिए परौंख केवल एक गांव नहीं है, यह मेरी मातृभूमि है, जहां से मुझे, आगे बढ़कर, देश-सेवा की हमेशा प्रेरणा मिलती रही।'

यह तस्वीर रामनाथ कोविंद के गांव की है जहां कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
यह तस्वीर रामनाथ कोविंद के गांव की है जहां कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।

गांव में बड़ों का सम्मान ज्यादा होता है
राष्ट्रपति ने कहा, 'भारतीय संस्कृति में 'मातृ देवो भव', 'पितृ देवो भव', 'आचार्य देवो भव' की शिक्षा दी जाती है। हमारे घर में भी यही सीख दी जाती थी। माता-पिता और गुरु तथा बड़ों का सम्मान करना हमारी ग्रामीण संस्कृति में अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ता है।'

उन्होंने कहा, 'आज इस अवसर पर देश के स्वतंत्रता सेनानियों व संविधान-निर्माताओं के अमूल्य बलिदान व योगदान के लिए मैं उन्हें नमन करता हूं। सचमुच में, आज मैं जहां तक पहुंचा हूं उसका श्रेय इस गांव की मिट्टी और इस क्षेत्र तथा आप सब लोगों के स्नेह व आशीर्वाद को जाता है।'

मंदिर में माथा टेका
अभिनंदन समारोह में पहुंचने से पहले राष्ट्रपति कोविंद ने परिवार के साथ परौंख स्थित कुल देवी पथरी देवी के दर्शन किए। मंदिर के पुजारी केके वाजपेयी ने बताया कि राष्ट्रपति ने 11 हजार रुपए दान के रूप में दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी रहीं।

रामनाथ कोविंद के गांव में कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम को सम्पन्न कराने के लिए भारी संख्या में फोर्स की तैनाती की गई है।
रामनाथ कोविंद के गांव में कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम को सम्पन्न कराने के लिए भारी संख्या में फोर्स की तैनाती की गई है।

राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री और राज्यपाल पर फूलों की बारिश
महामहिम का काफिला जब मंदिर से उनके पुश्तैनी घर पहुंचा तब स्थानीय लोगों ने फूलों की बारिश करके उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की गाड़ियों पर भी पुष्पवर्षा की। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में इसका जिक्र भी किया। कहा, जब गांव के लोग पुष्पवर्षा कर रहे थे तो राजपाल आनंदीबेन पटेल अचंभित रह गई, आनंदीबेन पटेल ने उनसे कहा कि यह मैंने पहली बार देखा है कि गांव वाले आपसे इतना प्यार करते हैं।

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