कोरोना की तीसरी लहर भारत में लेगी विकराल रूप:प्रो. मणींद्र बोले, अस्पतालों में कम पड़ जाएंगे बेड, मुंबई में प्रतिदिन मिलेंगे 70 हजार केस

कानपुर11 दिन पहले
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आईआईटी कानपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक और पद्मश्री प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने ट्वीट कर दावा किया है कि कोरोनावायरस की तीसरी लहर का देश में विकराल रूप देखने को मिलेगा। देश मे कोरोना के पीक पर रोजाना आठ लाख केस देखने को मिल सकते है। उन्होने कहा कि मेट्रो सिटीज में मुंबई पीक में रोजाना 60 हज़ार और दिल्ली में 70 हज़ार तक केस देखने को मिल सकते है। उन्होंने कहा कि इन हालातों में अस्पतालों में बेड की कमी होना तय माना जा रहा है। कोरोना के पीक में होने पर देश में करीब डेढ़ लाख से भी ज्यादा बेड की जरूरत पड़ सकती है।

दक्षिण अफ्रीका से कई गुना तेज है भारत में संक्रमण की दर
प्रो अग्रवाल साउथ अफ्रीका में आ रहे केस के आधार पर भारत में संक्रमण फैलने की रफ्तार का आकलन कर रहे है। इनके द्वारा पूर्व में दैनिक भास्कर से खास बातचीत में कहा गया था कि पीक के दौरान देश में डेढ़ से दो लाख तक केस आएंगे। मगर जैसे ही देश में संक्रमण फैलने की शुरुआत हुई प्रोफेसर अग्रवाल के आंकड़े बदले।
उन्होंने माना कि मुंबई में जिस तरह से केस की संख्या लगातार बढ़ रही है, उसको लेकर जब सूत्र मॉडल से आकलन किया तो पाया देश में कोरोना संक्रमण फैलने की रफ्तार साउथ अफ्रीका के मुकाबले कई गुना अधिक है। देश मे पीक में रोजाना चार से आठ लाख तक केस आ सकते हैं। हालांकि इसके सापेक्ष अस्पताल में भर्ती होने वाले लोगों की संख्या कम रहेगी। पीक के दौरान लगभग 1.5 लाख बेड की आवश्यकता पड़ेगी।

दिल्ली और मुंबई में तीसरे सप्ताह तक पीक

प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने ट्वीट कर चेताया है कि दिल्ली और मुंबई में पीक जनवरी के तीसरे सप्ताह तक आने की संभावना है। पीक के दौरान मुंबई से अधिक केस दिल्ली में मिलेंगे। पीक के दौरान मुंबई में रोजाना 30 से 60 हजार संक्रमित केस मिलेंगे की संभावना है। जिसमे यहां 10 हजार बेड की जरूरत रहेगी। इसी तरह दिल्ली में पीक के दौरान रोजाना 35 से 70 हजार केस मिलने की संभावना है और 12 हजार बेड की जरूरत पड़ सकती है।