तीसरी लहर से बचने के लिए प्रशासन ने कसी कमर:रैपिड रिस्पांस टीम कर रही है पुरे शहर में 8 हजार से ज्यादा आरटीपीसीआर टेस्ट

कानपुर3 महीने पहले
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जांच करती स्वास्थकर्मी - Dainik Bhaskar
जांच करती स्वास्थकर्मी

शहर में तीसरी लहर से बचने के लिए शासन और प्रशासन ने एक अहम कदम उठाया है। प्रशासन ने बस अड्डे, हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशन पर रैपिड रिस्पांस टीम तैनात की है जो दूसरे शहरों से आने वाले यात्रियों की आरटीपीसीआर जांच कर रही है। साथ ही शहर के ज्यादातर मुख्य चौराहों पर भी तीन से चार टीमें लगाई गई है जो वहां से गुजरने वाले लोगों का टेस्ट कर सैंपल कलेक्ट कर रही है। यह सब प्रशासन ने तीसरी लहर से बचने और कोरोना के नए आए डेल्टा वारिएंट के बढ़ते प्रकोप को जाचने के लिए किया जा रहा है।

रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और एयरपोर्ट पर भी टीम है तैनात...
रेलवे स्टेशन, बस अड्डा और एयरपोर्ट पर भी टीम को तैनात कर रखा है। यह टीमें बाहर से आने वालों से पहले आरटीपीसीआर रिपोर्ट मांगते है, अगर यात्री रिपोर्ट पेश नहीं कर पाता है तो उसका सैंपल लिया जाता है। इस क्रम में इन तीनों जगह रैपिड रिस्पांस टीम की 12 टीमें लगाई गई है और रेलवे और एयरपोर्ट पर ज्यादातर लोगों की जांच की जा रही है।

उर्सला और हैलट में भी चल रहा है अभियान...
शहर के उर्सला और हैलट अस्पताल में भी रैपिड रिस्पांस टीम की ओर से चलाये जा रहे अभियान में लोगो का कोविड टेस्ट कराया जा रहा है। आपको बता दें इस अभियान के तहत पूरे शहर में लगभग 45 से ज्यादा टीम बनाई गयी है और उनको काम पर लगाया गया है जिससे लोगो को ज़्यादा दिक्कत न उठानी पड़े। यहां पर मौजूद टीम का नेतृत्व कर रहे स्वास्थकर्मी मनोज कुमार ने बताया की उनकी टीम रोज़ लगभग 250 से अधिक लोगो को जागरूक कर टेस्ट करवाने की ओर अग्रसित करती है। कभी कभी ये आकड़ा 300 क़े पार भी चला जाता है। इस काम में उनकी तीन सदस्यी टीम में मीनाक्षी और निहारिका भी अपनी भूमिका बड़े ही ज़िम्मेदारी से निभा रही है।

रोजाना 7 से 8 हजार सैंपल कलेक्ट किए जा रहे है...
रामा देवी चौराहा के टीम का संचालन कृति शुक्ल के हाथ में है। कृति ने बताया हम लोग यहाँ से पैदल गुजरने वालों की जांच करते है, वहीं यहाँ पर तैनात पुलिस कर्मियों की मदद से दूसरे शहरों से आने वाले लोगों की गाड़ियां रोक कर उनका रैंडम टेस्ट किया जाता है। रोजाना हमको 7 से 8 हजार सैंपल कलेक्ट कर मेडिकल कॉलेज में बनी टेस्टिंग लैब में भेजते है।

अभी भी लोगों में जांच को लेकर है डर...
नौबस्ता चौराहे के टीम लीडर शिवम कटियार ने बताया, हमारी टीम जब भी किसी को जांच के लिए बुलाती है तो कई लोग डर के मारे भाग जाते है, कई लोग यह बोल कर टेस्ट करने से बचते है कि कहीं उनको कोरोना न हो जाए। लोगों में अभी भी कोरोना को लेकर जागरूकता नहीं है। ऐसे भी कई लोग होते है जो झगड़ा करने लगते है, ऐसे से फिर हमे चौराहे पर खड़े पुलिस वालों की मदद से उनका टेस्ट करना पड़ता है। यहां कई लोग ऐसे भी मिलते है जो बिना किसी जानकारी दिए ही चले जाते है। उन्होंने अपनी बात कहते हुए लोगो से ये आग्रह किया की एक जिम्मेदार नागरिक का कर्त्तव्य सभी को निभाना होगा तभी हम इस आपदा से जीत सकेंगे। इस अभियान के तहत आप को स्वास्थ्य कर्मियों से मात्र दो मिनट रूक कर अपनी जानकारी साझा करनी होती है जैसे नाम ,पता और मोबाइल नंबर। इसके बाद चंद सेकेंडों में आपका सैंपल ले लिया जाता है जिसकी रिपोर्ट कबीस घंटे कि भीतर https://labreports.upcovid19tracks.in पर अपना मोबाइल नंबर डालकर देखि जा सकती है।

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