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IAS इफ्तिखारुद्दीन​​​ से 6 घंटे SIT पूछताछ:बोले- वायरल वीडियो मेरे ही, न कुछ गलत किया, न धर्मांतरण कराया; अपनी लिखी किताब के सवालों पर साधी चुप्पी

कानपुर2 महीने पहले
सीनियर आईएएस इफ्तखारुद्दीन से एसआईटी ने लखनऊ डीजी सीबीसीआईडी के कार्यालय में साढ़े छह घंटे तक पूछताछ की।

कानपुर में कट्‌टरता की पाठशाला चलाने के आरोपी सीनियर आईएएस इफ्तिखारुद्दीन​​​ बुधवार को​​​​ एसआईटी के सामने अपना बयान दर्ज कराने पहुंचे। एसआईटी की टीम ने वायरल वीडियो और उनकी लिखी तीन किताबों को लेकर साढ़े छह घंटे तक पूछताछ की।

आईएएस इफ्तिखारुद्दीन की लिखी किताबें, इन्हीं किताबों में जांच के दौरान मिले हैं आपत्तिजनक शब्द।
आईएएस इफ्तिखारुद्दीन की लिखी किताबें, इन्हीं किताबों में जांच के दौरान मिले हैं आपत्तिजनक शब्द।

तकरीरों वाले वीडियो पर कहा- कुछ गलत नहीं किया
इफ्तिखारुद्दीन​​​ बुधवार को साढ़े 12 बजे डीजी सीबीसीआईडी दफ्तर लखनऊ में पत्नी और दो रिश्तेदारों के साथ बयान दर्ज कराने पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान एसआईटी टीम ने कानपुर मंडलायुक्त कार्यालय में होने वाली तकरीरों के वीडियो उन्हें दिखाए। साथ ही उनकी लिखी किताबों के आपत्तिजनक शब्दों को लेकर सवाल पूछे।

तकरीरों वाले वीडियो पर आईएएस ने कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है। उनके ऊपर लगाए गए धर्मांतरण के आरोप निराधार हैं। कल्याणपुर की सीटीएस बस्ती में उनकी किताब बंटवाने और लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने के सवाल पर उनका कहना था कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। सूत्रों के मुताबिक अपनी किताबों में लिखे आपत्तिजनक साहित्य पर इफ्तिखारुद्दीन​​​ एक भी सवाल का जवाब नहीं दे सके।

कानपुर मंडलायुक्त रहने के दौरान आईएएस इफ्तिखारुद्दीन ऑफिस में ही कराते थे तकरीरें।
कानपुर मंडलायुक्त रहने के दौरान आईएएस इफ्तिखारुद्दीन ऑफिस में ही कराते थे तकरीरें।

ये था पूरा मामला
सितंबर के अंतिम हफ्ते में उत्तर प्रदेश स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (यूपीएसआरटीसी) के चेयरमैन और कानपुर के पूर्व मंडलायुक्त मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन के तकरीरों वाले वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद हंगामा खड़ा हो गया था। गृह विभाग ने मामले की जांच के लिए डीजी (सीबीसीआईडी) जीएल मीणा और एडीजी (कानपुर जोन) भानु भास्कर की दो सदस्यीय एसआईटी बनाई थी।

कई गवाहों के बयानों और केस से संबंधित तीन किताबों की जांच के बाद टीम ने आईएएस इफ्तिखारुद्दीन का भी बयान दर्ज करने के लिए नोटिस जारी किया था। बुधवार को हुई पूछताछ के दौरान एसआईटी के अध्यक्ष जीएल मीणा और एडीजी कानपुर जोन भानु भास्कर समेत पूरी टीम मौजूद रही। एसआईटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।

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