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कानपुर में समाज कल्याण अधिकारी सस्पेंड:शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना में 6 करोड़ के फर्जीवाड़े का आरोप; DM ने की थी निलंबन की सिफारिश

कानपुरएक महीने पहले
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समाज कल्याण अधिकारी अमरजीत सिंह के खिलाफ हुई मजिस्ट्रेट स्तर की जांच में घोटाला सामने आया था। - Dainik Bhaskar
समाज कल्याण अधिकारी अमरजीत सिंह के खिलाफ हुई मजिस्ट्रेट स्तर की जांच में घोटाला सामने आया था।

शासन ने कानपुर के समाज कल्याण अधिकारी अमरजीत सिंह को निलंबित कर दिया है। उन पर शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना में फर्जीवाड़ा करने का आरोप है। उन्होंने सैकड़ों अपात्रों के फॉर्मों के जरिए सरकारी खजाने को 6 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया है। आरोप यह भी है कि उनके द्वारा साल 2018-2021 के बीच हुई गड़बड़ियों में एसडीएम के डिजिटल सिग्नेचरों का भी दुरुपयोग किया गया। मजिस्ट्रेट स्तर से हुई जांच में करोड़ों का घोटाला मिलने के बाद बीते दिनों डीएम ने शासन को समाज कल्याण अधिकारी के निलंबन की सिफारिश भेजी थी।

शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना में अपात्रों को लाभ दिया गयाशादी अनुदान योजना और पारिवारिक लाभ योजना के आवेदनों का लेखपाल, काननूगो और तहसीलदार के स्तर पर सत्यापन होता है। यहां से फाइल एसडीएम के पास पहुंचती है। उनके सत्यापन के बाद इसे जिला समाज कल्याण अधिकारी को प्रेषित किया जाता है। समाज कल्याण अधिकारी इसे दोबारा एसडीएम से सत्यापित करा भुगतान के लिए भेजते हैं। एसडीएम लेवल का सारा काम डिजिटल सिग्नेचर के जरिए होता है। बताते हैं कि 2018 से 2021 के बीच शादी अनुदान के 935 और पारिवारिक लाभ योजना के 1310 आवेदनों में अपात्रों को लाभ दिया गया।

जांच में पकड़ी गई गड़बड़ी
मामला खुलने के बाद जांच में शादी अनुदान के 702 और पारिवारिक योजना के 1106 लाभार्थी पतों पर ही नहीं मिले। इस पूरे फर्जीवाड़े में 21 कानूनगो और लेखपाल के अलावा 6 तहसीलदार शामिल थे। कुछ लेखपाल और क्लर्क पहले ही निलंबित किए जा चुके हैं। एडीएम (सप्लाई) की जांच कमेटी ने सत्यापन में गड़बड़ियों के लिए संबंधित कर्मचारियों को दोषी माना है। एसडीएम के डिजिटल सिग्नेचर की जानकारियां एक महिला क्लर्क के पास थीं। वह भी निलंबित हो चुकी है।

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