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हाथरस...27.50 करोड़ छात्रवृत्ति घोटाले का आरोपी बाबू गिरफ्तार:चार कालेजों में फर्जी छात्र संख्या और कागजों में बिल्डिंग दिखाकर किया था छात्रवृत्ति घोटाला, EOW ने 11 साल बाद की कार्रवाई

कानपुर2 महीने पहले
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छात्रवृत्ति घोटाले के आरोपी समाज कल्याण विभाग के तत्कालीन पटल सहायक बहोरीलाल को बुलंदशहर जिले के राधानगर स्थित उसके घर से किया गिरफ्तार। - Dainik Bhaskar
छात्रवृत्ति घोटाले के आरोपी समाज कल्याण विभाग के तत्कालीन पटल सहायक बहोरीलाल को बुलंदशहर जिले के राधानगर स्थित उसके घर से किया गिरफ्तार।

हाथरस के 27.50 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने 11 साल बाद समाज कल्याण विभाग के आरोपी बाबू बहोरी लाल को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि चार स्कूलों में फर्जी छात्र संख्या और बिल्डिंग दिखाकर बाबू और स्कूल प्रबंधन के साथ अन्य अफसरों ने मिलकर छात्रवृत्ति घोटाला किया था। घोटाले के चार मामले में बाबू आरोपी है।
बगैर मान्यता के कॉलेज को पास कर दी थी करोड़ों की छात्रवृत्ति
आर्थिक अपराध शाखा के एसपी बाबूराम ने बताया कि वर्ष-2010 से 2011 के बीच हाथरस में जलेसर रोड बुढ़ाइच स्थित एसडी एजूकेशनल इंस्टीट्यूट में 20.25 लाख रुपये का और आरपीआई टेक्निकल कालेज में 73.02 लाख रुपये का छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति घोटाला हुआ था। जांच में सामने आया था कि दोनों कालेजों की मान्यता नहीं थी, लेकिन शासन को शुल्क प्रतिपूर्ति का मांगपत्र भेजा गया था। इसके लिए कालेजों में फर्जी छात्रसंख्या और भवन दिखाया गया था। प्रारंभिक जांच के बाद तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी श्रीनिवास द्विवेदी ने मुरसान थाने में विभाग के पटल सहायक बहोरीलाल के खिलाफ छात्रवृत्ति संबंधी अभिलेख गायब करने के आरोप में मुकदमा लिखाया था। बाद में शासन ने जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा को सौंप दी। जांच में बहोरी लाल समेत 17 लोगों को घोटाले का आरोपी पाया गया था। बहोरी लाल इसके अलावा चार मुकदमें में घोटाले के आरोपी हैं। एक में 57.54 लाख, 1.73 करोड़, 24.22 करोड़ और 97.27 लाख के छात्रवृत्ति घोटाला करने का आरोप है।
कॉलेज प्रबंधन, बैंक और 17 बाबू व अफसरों ने मिलकर किया था घोटाला
ईओडब्ल्यू के एसपी के मुताबिक कॉलेज प्रबंधन, बैंक, समाज कल्याण विभाग और सपा नेता समेत 17 आरोपियों ने मिलकर करोड़ों की छात्रवृत्ति घोटाले को अंजाम दिया था। जांच में विद्यालयों के प्रबंधक व सपा के तत्कालीन जिलाध्यक्ष मनोज यादव, पटल सहायक बहोरीलाल, तत्कालीन डीआइओएस सर्वेश कुमार, डीआइओएस कार्यालय के लिपिक प्रेमपाल सिंह, दोनों कालेजों के प्रधानाचार्य श्यामवीर सिंह व रजनेश कुमार, कालेजों के लेखा लिपिक ऊदल सिंह उर्फ उजागर, प्रवक्ता राजेश्वर सिंह, संयुक्त निदेशक मान पाल सिंह, एसबीआइ सहपऊ के तत्कालीन प्रबंधक मुकेश माथुर, लिपिक विवेक अग्रवाल व अमर सिंह, पीएनबी सादाबाद के तत्कालीन प्रबंधक वीके सिंघल व शील कुमार व लिपिक राधेश्याम, उप निदेशक प्रशिक्षण सी सुब्रमण्यम और वादी श्रीनिवास की भी भूमिका सामने आई थी। इसके बाद इन सभी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करके गिरफ्तार करने की कार्रवाई की जा रही है।

दो आरोपियों की हो चुकी है मौत, सिर्फ दो की हुई गिरफ्तारी
जांच में सालों का समय लगने पर गिरफ्तारी से पहले ही दो आरोपी प्रेमपाल व शील कुमार की मृत्यु हो चुकी है। जबकि दो दिन पूर्व आरपीआइ टीसी के प्रधानाचार्य श्यामवीर सिंह को सोमवार को जेल भेजा गया था। बुधवार को पटल सहायक बहोरीलाल को भी बुलंदशहर जिले के राधानगर स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस अफसर छापेमारी कर रहे हैं।

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